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यह महंगा पड़ सकता है… जंगली हाथियों के करीब जा रहे ग्रामीण, वन विभाग है बेपरवाह, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के मामले में जानिए क्या है…

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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Mohammed israil


हाथियों का खौफ: रतनपुर–कटघोरा क्षेत्र में बढ़ा खतरा, विभाग की लापरवाही उजागर

बिलासपुर।
रतनपुर परिक्षेत्र के सीमावर्ती इलाके में हाथी का विचरण जारी है। सरगुजा की ओर से आया नर हाथी इन दिनों बानाबेल सर्किल बॉर्डर और कोड़ार कक्ष क्रमांक 101 के आसपास सक्रिय है। स्थिति पर नजर रखने के लिए वन विभाग ने कोड़ार क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति बंद कर दी, ताकि हाथी रिहायशी बस्तियों के करीब न पहुँचे।

कटघोरा वन मंडल में 51 हाथियों का झुंड, जिसमें बच्चे भी शामिल हैं, केंदई और पसान परिक्षेत्र में सक्रिय बताया जा रहा है। वहीं मरवाही वन प्रभाग में हाल ही में चार हाथियों के झुंड ने कई घरों को नुकसान पहुँचाया था। जांजगीर-चांपा वन मंडल से भटककर आया एक अकेला हाथी भी पाली रेंज के बगदेवा ढाबे तक पहुँच चुका है। इन घटनाओं ने ग्रामीणों में भय का वातावरण बना दिया है।

वन विभाग का दावा है कि हाथियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने विभाग की सतर्कता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में युवाओं को मादा हाथी और उसके बच्चे के बेहद करीब जाकर मोबाइल से फोटो और वीडियो बनाते देखा गया। वन्यप्राणी प्रेमियों ने इसे बेहद खतरनाक बताते हुए विभाग की लापरवाही पर नाराज़गी जताई है।

ग्रामीणों का कहना है कि विभाग केवल औपचारिक कार्रवाई करता है। बिजली बंद करना तो एक कदम था, पर रैपिड रिस्पांस टीम, समय पर चेतावनी और ठोस सुरक्षा इंतज़ाम नदारद हैं। यही कारण है कि हादसों का खतरा लगातार बना हुआ है।


1️⃣ ताज़ा हादसे (छत्तीसगढ़ में हाथियों के हमले)

  • रायगढ़ (लैलुंगा रेंज): हाथी हमले में तीन मौतें, जिनमें एक तीन वर्षीय बच्चा भी शामिल।
  • कोरबा (पसान रेंज): 22 वर्षीय युवक हाथी के हमले में मारा गया।
  • पाँच वर्षों में: छत्तीसगढ़ में 320 से अधिक लोग हाथियों के हमले में जान गंवा चुके हैं।

2️⃣ कटघोरा वन मंडल की स्थिति

  • कुल हाथी: 51 (झुंड सहित)
  • सक्रिय क्षेत्र: केंदई और पसान परिक्षेत्र
  • हालिया गतिविधि: पाली रेंज के बगदेवा ढाबे तक पहुँचा अकेला हाथी

3️⃣ ग्रामीणों की आवाज़

  • हमें समय पर चेतावनी नहीं दी जाती। हाथियों के गाँव में घुस आने पर ही विभाग पहुँचता है।”
  • बिजली बंद कर देना काफी नहीं, सुरक्षा बल और रेस्क्यू टीम मौके पर रहनी चाहिए।”

4️⃣ विशेषज्ञ की टिप्पणी

  • वन्यप्राणी प्रेमियों का कहना है:
    “हाथी का व्यवहार अस्थिर हो सकता है। जरा-सी उत्तेजना पर हमला हो सकता है। लोग फोटो और वीडियो बनाने के लिए पास जा रहे हैं, जो मौत को न्योता देने जैसा है।”

5️⃣ खतरे का खेल (सोशल मीडिया)

  • हाथियों के झुंड के वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
  • ग्रामीण और युवा हाथियों के पास जाकर सेल्फी और रील्स बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
  • विभाग की चेतावनियों के बावजूद निगरानी और रोकथाम में नाकामी

मानव और हाथी  संघर्ष गहराने की आशंका

रतनपुर–कटघोरा क्षेत्र में हाथियों का लगातार विचरण और विभागीय लापरवाही ने मानव–हाथी संघर्ष को गहरा कर दिया है। विभाग की ओर से निगरानी और बिजली बंद करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन स्थायी समाधान अब भी नहीं दिख रहा। हाल के हादसे इस बात के गवाह हैं कि अगर वन विभाग ने ठोस और समयबद्ध कार्रवाई नहीं की तो और जानें जा सकती हैं।


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