Latest news

सत्तारूढ़ दल के बेलतरा विधायक पहुंचे एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल में

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
4 Min Read

Mohammed israil


16वें दिन हनुमान चालीसा और गणेश वंदना के साथ शासन की सद्बुद्धि की प्रार्थना

बिलासपुर।
जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों की हड़ताल मंगलवार को 16वें दिन भी जारी रही। हड़ताल की गंभीरता और बढ़ती समस्याओं के बीच सत्तारूढ़ दल भाजपा के बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला स्वयं कर्मचारियों के बीच पहुंचे और उन्होंने मंच से कर्मचारियों की मांगों को जायज बताते हुए शासन-प्रशासन तक उठाने का आश्वासन दिया।

विधायक ने दिया भरोसा

विधायक सुशांत शुक्ला ने कोनहेर गार्डन, नेहरू चौक स्थित धरना स्थल पर पहुंचकर कहा कि भाजपा के घोषणा पत्र में संविदा एवं अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए 100 दिनों के भीतर समिति गठन का वादा किया गया था, लेकिन इस दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे को सरकार के सामने मजबूती से रखेंगे और कर्मचारियों को न्याय दिलाने का प्रयास करेंगे।

हनुमान चालीसा और गणेश वंदना से मांगी सद्बुद्धि

धरना स्थल पर मंगलवार को कर्मचारियों ने शासन की सद्बुद्धि के लिए हनुमान चालीसा का पाठ, संकटमोचन स्तुति और गणेश वंदना की। सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी दिनभर नारेबाजी करते रहे और नियमितीकरण की मांग दोहराते रहे।

स्वास्थ्य सेवाएं ठप, मरीज परेशान

एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल से जिले की स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई हुई हैं। जिला चिकित्सालय, सिम्स, सभी 05 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 44 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, मानसिक चिकित्सालय, उप स्वास्थ्य केंद्रों और सीएचसी-पीएचसी में कामकाज पूरी तरह ठप है।

  • जिला अस्पताल में बच्चों के लिए संचालित एसएनसीयू (25 बेड) में सिर्फ एक ही बच्चे की भर्ती हुई है, जबकि एचडीयू (22 बेड) में केवल चार मरीज भर्ती हैं।
  • एसएनसीयू, आईसीयू, एचडीयू और एनआरसी जैसी महत्वपूर्ण इकाइयों में भी अधिकांश बेड खाली पड़े हैं।
  • ग्रामीण क्षेत्रों के आयुष्मान आरोग्य मंदिर (उप स्वास्थ्य केंद्र) बंद हो जाने से गांवों में सर्दी, खांसी, बुखार, उल्टी-दस्त जैसे मौसमी रोगों के मरीज इलाज से वंचित हो रहे हैं।

प्रभावित विभाग और कर्मचारी

हड़ताल में शामिल कर्मचारियों में —
चिकित्सा अधिकारी, स्टाफ नर्स, एएनएम, सीएचओ, जिला सलाहकार, डाटा प्रबंधक, अकाउंट मैनेजर, लैब तकनीशियन, फार्मासिस्ट, काउंसलर, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, डेंटिस्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, वार्ड अटेंडेंट सहित लगभग सभी संविदा कर्मचारी शामिल हैं।
इसके चलते मलेरिया, टीबी, टीकाकरण, आरएमएनसीएच, एनसीडी, एनआरसी, ब्लाइंडनेस, एड्स व अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की रिपोर्टिंग व सेवाएं ठप हैं।

कर्मचारी संघ का रुख

एनएचएम संघ के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष श्याम मोहन दुबे ने चेतावनी दी कि जब तक नियमितीकरण की मांग पर सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठाती, हड़ताल जारी रहेगी।

संगठनों और पदाधिकारियों का समर्थन

  • हड़ताल में तृतीय वर्ग लिपिक संघ के जी.आर. चंद्रा सहित अन्य पदाधिकारी भी शामिल हुए और नैतिक समर्थन दिया।
  • जिला अध्यक्ष राजकुमार यादव, उपाध्यक्ष जीवन महंत, सचिव प्रमोद पटेल, महामंत्री ऋतु राज शर्मा, कोषाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, डॉ. अभिषेक बीबे, डॉ. नवनीत कौशिक, डॉ. पंकज परते, ताहिर शेख सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
  • महिला विंग से अजीता पांडेय, डॉ. सिंड्रेला पाल, सरोजनी करियारे, सुमन शर्मा, कुसुम सिंह, रूपवती मरावी, प्रभा पटेल, ममता ध्रुव, नीता गौतम, अंजली वर्मा, इंदु साहू, रिंकी सोनवानी, प्रियंका भगत समेत दर्जनों महिला कर्मचारी सक्रिय रूप से शामिल रहीं।

आम जनता को हो रही परेशानी

लगातार 16 दिन से चल रही इस हड़ताल से जिलेभर की स्वास्थ्य सेवाएं लगभग पंगु हो गई हैं। रोजमर्रा की ओपीडी सेवा, शल्यक्रिया, आपातकालीन उपचार, जन्म-मृत्यु पंजीयन, जन्म प्रमाण पत्र जारी करना, यहां तक कि सरकारी अस्पतालों में प्रसव सेवाएं भी बाधित हो चुकी हैं। मजबूरन लोगों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।

खबर को शेयर करने के लिए क्लिक करे।।