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दुष्कर्मियों पर पुलिस का शिकंजा: एक आरोपी बोदरी से दबोचा, दूसरा पुणे से पकड़ा गया

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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Mohammed israil


चकरभाठा और कोटा पुलिस की कार्रवाई – दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया

बिलासपुर, 30 अगस्त।
जिले में महिलाओं और नाबालिगों के साथ दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध करने वाले आरोपियों पर पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। ताजा कार्रवाई में चकरभाठा पुलिस ने वार्ड क्रमांक 12, बोदरी निवासी नारू उर्फ संजय वालेचा (23 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। वहीं कोटा पुलिस ने नाबालिग से दुष्कर्म कर फरार चल रहे आरोपी ओग्रेस पोर्ते उर्फ राहुल पोर्ते को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया है। दोनों को ही न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।


मामला-1 : चकरभाठा थाना

  • पीड़िता ने 05 अगस्त 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपी संजय वालेचा ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
  • शिकायत के बाद पुलिस टीम ने आरोपी की पतासाजी की और उसे पकड़कर थाने लाया।
  • पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया।
  • आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

मामला-2 : कोटा थाना

  • 24 अगस्त 2025 को कोटा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि नाबालिग बालिका से आरोपी ओग्रेस पोर्ते ने दुष्कर्म किया।
  • मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने खोजबीन शुरू की।
  • जांच के दौरान आरोपी के पुणे (महाराष्ट्र) में छिपे होने की जानकारी मिली।
  • विशेष टीम ने दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर 30 अगस्त को न्यायिक रिमांड पर भेजा।

1: दुष्कर्म मामलों में कड़ा कानून

  • भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और पॉक्सो एक्ट के तहत कठोर सजा का प्रावधान।
  • नाबालिग के साथ दुष्कर्म पर 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा।
  • फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की व्यवस्था।

2: बिलासपुर पुलिस की सख्ती

  • हाल के महीनों में दुष्कर्म मामलों में तेज कार्रवाई।
  • फरार आरोपियों की राज्य से बाहर तक ट्रैकिंग
  • महिला और नाबालिग पीड़ितों की सुरक्षा पर विशेष जोर।

3: पीड़िताओं पर दुष्कर्म का मनोवैज्ञानिक असर

  • मानसिक सदमा, अवसाद और आत्मविश्वास में कमी।
  • सामाजिक अपमान और अलगाव की पीड़ा।
  • लंबे समय तक चलने वाले पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) की संभावना।
  • इसलिए विशेषज्ञ काउंसलिंग और समाज का सहयोग अत्यावश्यक।

4: पीड़ित परिवार के लिए कानूनी सहायता

  • राज्य सरकार द्वारा फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई।
  • महिला आयोग और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा फ्री लीगल हेल्प
  • सरकार की पीड़ित सहायता योजना से आर्थिक मुआवजा

एसडीओपी नूपुर उपाध्याय और रश्मित कौर चावला ने कहा कि

महिला संबंधी अपराधों पर बिलासपुर पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि हर मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और पीड़िताओं को त्वरित न्याय दिलाने के लिए पुलिस निरंतर सक्रिय है। आरोपी चाहे स्थानीय हो या राज्य से बाहर भागा हो, उसे पकड़ने के लिए विशेष टीम बनाकर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं में सुरक्षा की भावना पैदा करना है ताकि वे बिना भय के जीवन जी सकें और अपराधियों में कानून का खौफ कायम रहे।

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