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स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल तेरहवें दिन पहुंची उग्र मोड़ पर, नोटिस भी वबेअसर

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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एनएचएम प्रांताध्यक्ष श्याम मोहन दुबे की गिरफ्तारी, कर्मचारियों के दबाव में रिहाई – स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप्प

अपडेट न्यूज़

बिलासपुर, 30 अगस्त 2025।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारियों की हड़ताल शनिवार को तेरहवें दिन और उग्र रूप लेती दिखाई दी। नियमितीकरण की मांग को लेकर उच्च विश्राम गृह में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उपमुख्यमंत्री अरुण साव को ज्ञापन सौंपने पहुंचे एनएचएम प्रांताध्यक्ष श्याम मोहन दुबे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद कर्मचारियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में हड़ताली स्वास्थ्यकर्मी सिविल लाइन थाने पहुंच गए। कर्मचारियों के दबाव और आक्रामक तेवर के चलते पुलिस को दुबे को रिहा करना पड़ा।

रिहाई के बाद कार्यकर्ताओं ने दुबे का फूलमालाओं से स्वागत किया और “नियमितीकरण लेकर रहेंगे” के नारे लगाए।


कर्मचारियों का गुस्सा, आदेश की प्रतियां जलाईं

हड़ताल स्थल पर शनिवार को कर्मचारियों ने अनोखा प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओपी चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का मुखौटा पहनकर कर्मियों ने फिल्मी गीत “क्या हुआ तेरा वादा” बजाया और सवाल उठाया कि “मोदी की गारंटी” और चुनाव पूर्व किए गए वादों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई।
इसी दौरान स्वास्थ्य सचिव और सीएमएचओ द्वारा जारी नोटिस की प्रतियां जलाई गईं, जिसमें कर्मचारियों को हड़ताल खत्म कर ड्यूटी पर लौटने का निर्देश दिया गया था।


स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमराई

18 अगस्त से चल रही हड़ताल के कारण जिले के जिला चिकित्सालय, सिम्स, 5 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 44 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित सभी संस्थानों में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप हैं।
एनसीडी, डीईआईसी, एसएनसीयू, एनआरसी, टीबी, आरएमएनसीएच, ब्लाइंडनेस, तंबाकू नियंत्रण, एचडीयू, एएनएम, सीएचओ, नर्स, लैब तकनीशियन, फार्मासिस्ट, अकाउंटेंट, कंप्यूटर ऑपरेटर, मनोचिकित्सक, काउंसलर, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट और अन्य संविदा कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं।

ग्रामीण इलाकों के आयुष्मान आरोग्य मंदिर (उप स्वास्थ्य केंद्र) भी पूरी तरह बंद हैं। बरसात के मौसम में सर्दी, खांसी, बुखार और उल्टी-दस्त जैसे मौसमी रोगियों की भीड़ है, मगर अस्पतालों में इलाज और रिपोर्टिंग दोनों ठप हैं। मजबूरन मरीज निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं।


संघ का ऐलान – “नियमितीकरण तक जारी रहेगी हड़ताल”

प्रांताध्यक्ष श्याम मोहन दुबे ने स्पष्ट कहा कि सरकार नींद से नहीं जागी तो संविदा कर्मचारियों की यह लड़ाई नियमितीकरण तक जारी रहेगी।


आंदोलन में सक्रिय पदाधिकारी

जिला अध्यक्ष राजकुमार यादव, उपाध्यक्ष जीवन महंत, सचिव प्रमोद पटेल, सूरज मनहर, डॉ. सौरभ शर्मा, संजय सिंह, सतीश चौहान, सोहन कुंभकार, यशपाल नेतान, सचिन कुमार, दीपक यादव, भरत लाल सेन, बी. रमेश, कोषाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, महामंत्री ऋतु राज शर्मा सहित बड़ी संख्या में पुरुष कार्यकर्ता मौजूद रहे।
महिला विंग से अध्यक्ष अजीता पांडेय, डॉ. सिंड्रेला पाल, सरोजनी करियारे, सुमन शर्मा, कुसुम सिंह, मित्राणी चौधरी, रूपवती मरावी, प्रभा पटेल, नीता गौतम, पूजा यादव, कुमुदनी सिंह, ममता ध्रुव, नम्रता धुर्वे, अंजली वर्मा, इंदु साहू, रिंकी सोनवानी और प्रियंका भगत समेत सैकड़ों महिला कर्मचारी सक्रिय रहीं।


हड़ताल के कारण ठप सेवाएं

  • जिला अस्पताल, सिम्स और सभी सीएचसी-पीएचसी की ओपीडी बंद
  • शल्यक्रिया और आपातकालीन सेवाएं प्रभावित
  • जन्म-मृत्यु पंजीयन एवं टीकाकरण कार्य ठप
  • ग्रामीण इलाकों के आयुष्मान आरोग्य मंदिर पूरी तरह बंद
  • राष्ट्रीय कार्यक्रम – मलेरिया, टीबी, टीकाकरण, महामारी नियंत्रण की रिपोर्टिंग ठप

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