Mohammed israil
कमल विहार से चलता था ड्रग्स का हब, अब तक 11 आरोपी गिरफ्त में
रायपुर, बिलासपुर।
राजधानी रायपुर में पाकिस्तान से जुड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने दो और आरोपियों को दबोच लिया है। गिरफ्तार युवकों के नाम रविंद्र कुमार साहू और अभिषेक रजक हैं, जो ड्रग्स की डिलीवरी बॉय की भूमिका में थे। दोनों ने पुलिस पूछताछ में ड्रग्स सप्लाई की बात कबूल की है।
इस कार्रवाई के साथ ही अब तक इस केस में कुल 11 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।



पिंदर कड़ी सुरक्षा में रायपुर लाया गया, ड्रोन से मंगाता था हेरोइन
राजधानी रायपुर पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले ड्रग माफिया नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है। पंजाब से गिरफ्तार कवलजीत सिंह उर्फ पिंदर को पुलिस कड़ी सुरक्षा के बीच रायपुर लेकर आई है। पिंदर पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हेरोइन (चिट्टा) और अन्य नशीले पदार्थ भारत में मंगवाकर विभिन्न राज्यों में सप्लाई करने वाले रैकेट का मुख्य सरगना बताया जा रहा है।
इससे पहले इसी गैंग से जुड़े उसके साथी लवजीत सिंह उर्फ बंटी को भी पुलिस पकड़ चुकी थी। पिंदर की गिरफ्तारी को इस पूरे नेटवर्क को उजागर करने की सबसे अहम कड़ी माना जा रहा है।
ड्रोन से आता था माल, रायपुर बनता था ठिकाना
जांच में सामने आया है कि पिंदर का गिरोह पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये हेरोइन और अन्य मादक पदार्थ भारत में मंगाता था। इसके बाद उसका लोकल नेटवर्क इन्हें रायपुर सहित अन्य शहरों तक सप्लाई करता था।

पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े आधा दर्जन आरोपितों को पहले ही दबोच लिया था, जिनमें एक थर्ड जेंडर भी शामिल है। यही आरोपी रायपुर के बार, क्लब और होटलों में ड्रग की सप्लाई किया करते थे।
🌐 कई राज्यों में फैला नेटवर्क
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पिंदर का नेटवर्क सिर्फ रायपुर तक सीमित नहीं था। इसका जाल पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों तक फैला हुआ है।
लवजीत सिंह की गिरफ्तारी के बाद मिले सुरागों ने ही पुलिस को पिंदर तक पहुंचने का रास्ता दिखाया। इसी कड़ी में सुवित श्रीवास्तव (राजनांदगांव), अनिकेत मालधरे (गोंदिया), मुकेश सिंह (टाटीबंध) और जुनैद उर्फ शेख चिला पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं।
👠 मुंबई कनेक्शन की तलाश
पुलिस की जांच में एक मुंबई की फैशन डिजाइनर युवती का नाम भी सामने आया है। बताया जाता है कि वह मुंबई और अन्य महानगरों में इस रैकेट की सप्लाई चैन संभालती थी।
साथी तस्करों की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही उसने मोबाइल बंद कर दिया और फरार हो गई। पुलिस का मानना है कि उसके पकड़े जाने के बाद इस नेटवर्क की मुंबई और बड़े शहरों में गहरी जड़ें उजागर हो सकती हैं।
📊 तथ्य बॉक्स
मुख्य सरगना: कवलजीत सिंह उर्फ पिंदर (पंजाब)
सहयोगी: लवजीत सिंह उर्फ बंटी
बरामदगी: करोड़ों की हेरोइन (चिट्टा)
तरीका: पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये नशा तस्करी
अब तक गिरफ्तार: आधा दर्जन से अधिक आरोपी
सप्लाई चैन: रायपुर के बार, क्लब, होटल से लेकर दिल्ली-मुंबई तक
👉 पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अब पिंदर से पूछताछ कर नेटवर्क की
🔎 मास्टरमाइंड से मिली अहम जानकारी
इस सिंडिकेट का मास्टरमाइंड लवजीत सिंह उर्फ बंटी है, जो पंजाब के गुरदासपुर का रहने वाला है। लवजीत पाकिस्तान से हेरोइन मंगवाकर भारत के अलग-अलग राज्यों में सप्लाई करता था।
छत्तीसगढ़ में इसका मुख्य नेटवर्क सुवित श्रीवास्तव संभाल रहा था। लवजीत से पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अब इस नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
कमल विहार बना था ड्रग्स का स्टोर हब
पुलिस जांच में सामने आया है कि रायपुर के कमल विहार सेक्टर-4 स्थित एक फ्लैट को इस सिंडिकेट ने ड्रग्स स्टोर और सप्लाई हब के रूप में इस्तेमाल किया।
यहीं से छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में हेरोइन भेजी जाती थी। नेटवर्क में शामिल हर सदस्य को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई थी — कोई ड्रग्स स्टोर करता था, कोई डिलीवरी करता था तो कोई पैसों के लेन-देन का जिम्मा संभालता था।
वर्चुअल नेटवर्क से फैलाया जाल
सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने के लिए इस गिरोह ने वर्चुअल नंबर, वॉट्सऐप, टेलीग्राम और नेट कॉलिंग का इस्तेमाल किया।
ड्रग्स डिलीवरी कन्फर्म करने के लिए आरोपी वीडियो कॉल, लाइव लोकेशन और फोटो का सहारा लेते थे। इससे पहचान छिपाकर नेटवर्क को तेजी से फैलाया गया।
📊 तथ्य बॉक्स
- कुल बरामदगी: 3 करोड़ की हेरोइन
- अब तक गिरफ्तार: 11 आरोपी
- मुख्य मास्टरमाइंड: लवजीत सिंह उर्फ बंटी (पंजाब)
- राजधानी हब: कमल विहार, रायपुर
- मुख्य भूमिका: सुवित श्रीवास्तव (छत्तीसगढ़ नेटवर्क हैंडलर)
🛡️ एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई
इस केस की जांच में सिर्फ रायपुर पुलिस ही नहीं बल्कि IB (इंटेलिजेंस ब्यूरो), NCB (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) और ATS (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड) भी शामिल हैं।
चार एजेंसियों की जॉइंट टीम ने मिलकर ड्रग सप्लाई चैन को पकड़ने के लिए लगातार निगरानी रखी।
अगला कदम
- पुलिस जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे नेटवर्क का खुलासा करेगी।
- गिरफ्तार आरोपियों से पाकिस्तान कनेक्शन की तफ्तीश तेज की जाएगी।
- जिन फ्लैट और बैंक खातों का इस्तेमाल हुआ, उनकी भी जांच होगी।
- नशीले पदार्थ अधिनियम और विदेशी कनेक्शन को देखते हुए केस में UAPA या कड़े कानूनी प्रावधान जोड़े जा सकते हैं।



