बिलासपुर।
जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था ग्यारहवें दिन भी पूरी तरह चरमराई रही। जिला अस्पताल, सिविल अस्पताल, सीएमएचओ कार्यालय सहित सभी पीएचसी, सीएचसी और उप स्वास्थ्य केंद्रों में कार्य पूरी तरह ठप रहे। नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने बुधवार को मानव श्रृंखला बनाकर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया।
हड़तालियों ने रायपुर के तूता मैदान में मंत्रियों द्वारा दिए गए आश्वासनों का वीडियो चलाकर मुखौटा पहनकर विरोध दर्ज कराया। संघ के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष श्याम मोहन दुबे ने कहा –
👉 उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के सरकारी आवास का घेराव किया जाएगा और एलईडी स्क्रीन पर उनका भाषण जनसामान्य को दिखाया जाएगा। इसके बाद क्रमशः केंद्रीय मंत्री के निवास का घेराव किया जाएगा। सरकार अगर अब भी नहीं जागी, तो नियमितीकरण तक हड़ताल जारी रहेगी।”



मरीजों पर भारी असर
हड़ताल के चलते जिला चिकित्सालय, CIMS, 5 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 44 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी, शल्यक्रिया, आपातकालीन सेवाएं और प्रसव संबंधी सेवाएं प्रभावित रहीं।
राष्ट्रीय कार्यक्रम जैसे मलेरिया, टीबी, टीकाकरण, महामारी नियंत्रण की रिपोर्टिंग बाधित रही।
जन्म-मृत्यु पंजीयन और प्रमाण पत्र जारी नहीं हो सके।
ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिर (उप स्वास्थ्य केंद्र) पूरी तरह बंद पाए गए।
बरसात के मौसम में खांसी, बुखार और उल्टी-दस्त से पीड़ित मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल सका।
मरीजों की मजबूरी बढ़ गई है और बड़ी संख्या में लोग निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं।
आंदोलन में शामिल संविदा स्टाफ
हड़ताल में चिकित्सा अधिकारी, जिला सलाहकार, डेटा मैनेजर, अकाउंट मैनेजर, स्टाफ नर्स, एएनएम, सीएचओ, डेंटिस्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, कंप्यूटर ऑपरेटर, वार्ड अटेंडेंट, लैब तकनीशियन, फार्मासिस्ट, काउंसलर, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट सहित लगभग सभी संविदा कर्मचारी शामिल हैं।
जिला इकाई के प्रमुख पदाधिकारी
अध्यक्ष: राजकुमार यादव
उपाध्यक्ष: जीवन महंत
सचिव: प्रमोद पटेल
महामंत्री: ऋतुराज शर्मा
कोषाध्यक्ष: मुकेश अग्रवाल
मीडिया सलाहकार: रोहित श्रीवास, सौरभ शर्मा
महिला विंग से अजीता पांडेय (अध्यक्ष), डॉ. सिंड्रेला पाल (उपाध्यक्ष) सहित दर्जनों सदस्य आंदोलन में सक्रिय हैं।



