Mohammed israil
बिलासपुर। जांजगीर-चांपा।जिले के मुलमुला थाना क्षेत्र में रिश्तों को कलंकित कर देने वाला मामला सामने आया है। जमीन विवाद की दुश्मनी में 8 साल के मासूम का अपहरण उसके ही चचेरे भाई ने अपने साथियों संग रचा। पुलिस ने साइबर टीम और सतर्कता से कार्रवाई कर 72 घंटे के भीतर बच्चे को सुरक्षित बरामद कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
घटना कैसे घटी?
- 25 अगस्त शाम 5 बजे ग्राम लगरा से मासूम लापता हुआ।
- आखिरी बार दोपहर 2 बजे गांव में देखा गया था।
- गुमशुदगी की सूचना पर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया।
- गांव के हर रास्ते पर निगरानी और सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।
- संदेहास्पद टेम्पो से मुख्य आरोपी राहुल टंडन तक पुलिस पहुंची।
सात दिन पहले रची थी अपहरण की साजिश
मुख्य आरोपी राहुल टंडन का बालक के पिता से जमीन विवाद चल रहा था।
इसी रंजिश में उसने अपने दो साथियों प्रशांत मैना और उमेश दिवाकर के साथ मिलकर 7 दिन पहले ही अपहरण की योजना बनाई।
मकसद था बालक के पिता से 10 लाख रुपए फिरौती वसूलना।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
- एसपी विजय पांडेय के निर्देश पर साइबर टीम सक्रिय हुई।
- मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी की मदद से सुराग मिला।
- दबिश देकर बालक को सुरक्षित बरामद किया गया।
- तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
🔴 गिरफ्तार आरोपी
- राहुल टंडन पिता शिव चरण टंडन, उम्र 25 वर्ष, निवासी लगरा
- प्रशांत कुमार मैना पिता अभिमन्यु मैना, उम्र 19 वर्ष, निवासी खपरी
- उमेश दिवाकर उर्फ ननकी पिता संतू दिवाकर, उम्र 19 वर्ष, निवासी खपरी
पुलिस अधीक्षक का बयान
“मासूम को सुरक्षित बचाना हमारी पहली प्राथमिकता थी।
साइबर साक्ष्यों और पुलिस की तत्परता से आरोपियों तक पहुंचना संभव हुआ।
अब आरोपियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
— विजय पांडेय, एसपी जांजगीर-चांपा
🟩 👉 फिरौती की फिराक में थे आरोपी
- मासूम को अगवा कर पिता से 10 लाख रुपए वसूलने की योजना।
- पुलिस की तेज़ कार्रवाई से साजिश नाकाम।
👉 साइबर टीम बनी सफलता की कुंजी
- मोबाइल ट्रैकिंग और सीसीटीवी से सुराग।
- हर एग्जिट पॉइंट पर पुलिस की सख्त निगरानी।
- तीसरे दिन ही मासूम सुरक्षित बरामद।
👉 रिश्तों का काला चेहरा
- आरोपी कोई और नहीं, बल्कि बच्चा का चचेरा भाई।
- पुराने जमीन विवाद ने खून का रिश्ता भी भूलवाया।



