रायपुर/बिलासपुर।आगामी तीज, गणेश और दुर्गा उत्सव को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए छत्तीसगढ़ शासन और जिला प्रशासन ने व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। राज्य सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर पंडाल निर्माण, ध्वनि नियंत्रण और सुरक्षा प्रबंधन को लेकर स्पष्ट नियम बनाए हैं। वहीं, बिलासपुर यातायात पुलिस ने भी शहर के व्यस्ततम मार्गों पर निरीक्षण कर ट्रैफिक की विशेष योजना तैयार की है।
त्योहारों में भीड़ और अव्यवस्था को रोकने के लिए प्रशासन ने साफ कहा है कि सड़क और घरों के सामने पंडाल नहीं लगाए जाएंगे। अनुमति लेने, सीसीटीवी लगाने और सुरक्षा उपकरण रखने को अनिवार्य किया गया है। दूसरी ओर यातायात पुलिस ने अपील की है कि नागरिक नियमों का पालन करें, ताकि उत्सव का आनंद सभी सुरक्षित माहौल में ले सकें।






पंडाल के लिए प्रमुख नियम
- सड़क और घरों के सामने पंडाल लगाने पर रोक
- पंडाल स्थापित करने से पहले प्रशासन की लिखित अनुमति अनिवार्य
- प्रत्येक पंडाल में सीसीटीवी कैमरे लगाना होगा
- आयोजक समितियों को स्वयंसेवकों की सूची पुलिस को देनी होगी
🔹 ध्वनि नियंत्रण
- रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर व डीजे पूरी तरह प्रतिबंधित
- उच्च ध्वनि स्तर पर संगीत बजाने वालों पर कानूनी कार्रवाई
- नॉइज़ पॉल्यूशन एक्ट का सख्ती से पालन
🔹 सुरक्षा प्रबंध
- पंडालों में अग्निशमन यंत्र और सुरक्षित वायरिंग अनिवार्य
- झांकियों को बिजली तारों से सुरक्षित दूरी पर निकालना
- बच्चों और बुजुर्गों को भीड़भाड़ से दूर रखने की सलाह
- विसर्जन केवल अधिकृत घाटों पर ही होगा
🔹 प्रशासन की सख्ती
- नियम उल्लंघन पर मोटर व्हीकल एक्ट और अन्य कानूनों के तहत कार्रवाई
- ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम की टीमें लगातार निगरानी करेंगी
- आयोजन स्थलों पर स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन अनिवार्य
🚦 यातायात पुलिस की विशेष व्यवस्था
- तीज, गणेश व दुर्गा उत्सव के मद्देनजर पूरे शहर का निरीक्षण
- भीड़ और दबाव वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त बल की तैनाती
- प्रमुख मार्गों पर हाईवे पेट्रोलिंग, क्रेन पेट्रोलिंग और आपातकालीन ड्यूटी
- भीड़ की स्थिति में तात्कालिक डायवर्जन और एकांगी मार्ग बनाए जाएंगे
🔹 यातायात नियमों पर अपील
- शराब पीकर वाहन न चलाएं
- तेज गति, ट्रिपल सवारी, बिना हेलमेट/सीट बेल्ट पर सख्त रोक
- जुलूस और शोभायात्रा में वालंटियर नियुक्त कर भीड़ को नियंत्रित करें
- दुकानें व ठेले मुख्य मार्ग से हटकर ही लगाएं
नगरीय प्रशासन विभाग का परिपत्र
- सार्वजनिक मैदान, सड़क, फुटपाथ और चौराहों पर पंडाल/अस्थाई संरचनाओं की अनुमति तय नियमों के अनुसार
- 500 से कम और 500 से अधिक व्यक्तियों की भीड़ वाले आयोजनों के लिए अलग-अलग आवेदन प्रारूप
- पंडालों की मजबूती, विद्युत, सुरक्षा, सफाई और अपशिष्ट प्रबंधन की जिम्मेदारी आयोजक समिति पर
👉 इस तरह शासन और प्रशासन ने त्योहारों को लेकर पहले ही सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि नियमों से समझौता नहीं होगा। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे प्रशासन का सहयोग करें ताकि उत्सव का आनंद शांति और सुरक्षा के साथ लिया जा सके।



