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‘सट्टा से सत्ता’ पर भूपेश बघेल का वार, केंद्र सरकार से पूछे चार सवाल

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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Mohammed israil


बिलासपुर,रायपुर।कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग को लेकर बड़ा हमला बोला है। बघेल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि आखिरकार अब जाकर केंद्र सरकार “ऑनलाइन गेमिंग एवं बेटिंग” पर रोक लगाने की दिशा में कदम उठा रही है, लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार ने तो इस पर पहले ही कानून बनाकर कार्रवाई शुरू कर दी थी।

भूपेश बघेल ने कहा कि दिसंबर 2022 में उनकी सरकार ने विधानसभा में जुआ अधिनियम में संशोधन कर ऑनलाइन सट्टा पर नकेल कसी थी। इसके बाद 1 दिसंबर 2023 को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर ऑनलाइन बेटिंग और अवैध सट्टा पर रोक लगाने का आग्रह भी किया था।

उन्होंने केंद्र सरकार पर देरी करने का आरोप लगाते हुए भाजपा से चार सीधे सवाल पूछे—

  1. क्या अब तक ऑनलाइन बेटिंग केंद्र सरकार की मर्जी से ही चल रही थी?
  2. क्या भाजपा युवाओं को सट्टेबाजी की ओर धकेल रही थी?
  3. क्या गेमिंग कंपनियों से चुनावी चंदा लेकर इन्हें संरक्षण दिया गया?
  4. भारतीय क्रिकेट टीम की प्रायोजक वही कंपनियां थीं, जिनसे गृहमंत्री अमित शाह के सुपुत्र जुड़े हैं—क्या यह हितों का टकराव नहीं है?

बघेल ने आशंका जताई कि भाजपा द्वारा ऑनलाइन बेटिंग रोकने के लिए लाए गए कानून के पीछे भी इन कंपनियों को ब्लैकमेल कर चुनावी चंदा वसूलने की राजनीति हो सकती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि हर तरह की ऑनलाइन बेटिंग और अवैध सट्टा पर सख्त कार्रवाई हो।


📌 फैक्ट बॉक्स

छत्तीसगढ़ की पहल

  • दिसंबर 2022: राज्य सरकार ने विधानसभा में जुआ अधिनियम में संशोधन कर ऑनलाइन सट्टा पर रोक लगाई।
  • 1 दिसंबर 2023: भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर पूरे देश में ऑनलाइन बेटिंग पर रोक लगाने का अनुरोध किया।

केंद्र सरकार की कार्रवाई

  • 2025: केंद्र सरकार ने “ऑनलाइन गेमिंग एवं बेटिंग” पर सख्ती दिखाते हुए प्रतिबंध की दिशा में कदम उठाए।
  • विपक्ष का आरोप: देरी से कार्रवाई, राजनीतिक लाभ और कंपनियों से चंदा लेने का आरोप।

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