Mohammed israil
3 दिन तक इंदौर में पीछा, 4 आरोपी धराए – फर्जी वेबसाइट और ऐप से देते थे गोल्ड-शेयर में निवेश का झांसा
बिलासपुर |
रेंज साइबर थाना बिलासपुर पुलिस ने ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। ठगी का मास्टरमाइंड एनआईआईटी दिल्ली से पढ़ा सॉफ्टवेयर इंजीनियर निकला, जो साथी आरोपियों के साथ मिलकर लोगों को शेयर-मार्केट और गोल्ड निवेश का लालच देकर करोड़ों की ठगी कर रहा था।
गिरोह ने बिलासपुर की एक महिला से ही 59,87,994 रुपए (लगभग 60 लाख) हड़प लिए थे। लगातार बदलते ठिकानों के बावजूद साइबर टीम ने 3 दिन तक निगरानी रखकर मध्यप्रदेश के महू (जिला इंदौर) से 4 आरोपियों को धर दबोचा।
कैसे पकड़े गए आरोपी?

👉 कॉल डिटेल, बैंक स्टेटमेंट और टेक्निकल ट्रैकिंग के जरिए आरोपियों का सुराग मिला।
👉 पुलिस की टीम इंदौर रवाना हुई और 3 दिन तक संभावित ठिकानों पर दबिश दी।
👉 आखिरकार 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से ठगी में प्रयुक्त मोबाइल, एटीएम कार्ड, पासबुक और पैन कार्ड जब्त किए गए।
गिरफ्तार आरोपी
- ललित कुमार (32 वर्ष) – सॉफ्टवेयर इंजीनियर, महू (इंदौर)
- बबलू उर्फ कमलजीत सिंह चौहान (38 वर्ष) – निवासी अयोध्यापुरी कॉलोनी, महू
- अर्पित साल्वे (30 वर्ष) – निवासी गिरनार सिटी फेस-1, गुजरखेड़ा, महू
- रोहित निषाद (25 वर्ष) – निवासी शिवनगर कॉलोनी, महू
आरोपियों का ठगी का तरीका
- फर्जी एजेंसी ‘गणेशम सिक्योरिटी’ के नाम पर लोगों को निवेश का झांसा।
- फर्जी वेबसाइट और मोबाइल ऐप बनाकर गोल्ड व शेयर में निवेश का लालच।
- डिमेट अकाउंट खुलवाकर फर्जी मुनाफे का स्क्रीनशॉट दिखाकर विश्वास दिलाते थे।
- कमीशन पर बैंक खाते और मोबाइल नंबर लेकर ठगी की रकम का लेन-देन।
- ठगी पूरी होने के बाद सिम कार्ड और एटीएम कार्ड फेंक देते थे ताकि पुलिस तक न पहुंच पाए।
1️⃣ कब, कहां और कैसे? (टाइमलाइन)
- 19 अगस्त – पीड़िता से शिकायत दर्ज, 59.87 लाख ठगी का मामला उजागर।
- 20-22 अगस्त – कॉल डिटेल, बैंक ट्रांजेक्शन और टेक्निकल जांच।
- 23 अगस्त – पुलिस टीम महू (इंदौर) रवाना।
- 23-25 अगस्त – 3 दिन तक पीछा और निगरानी।
- 24 अगस्त – 4 आरोपी गिरफ्तार, ठगी का जाल टूटा।
2️⃣ जप्त सामान
- 04 मोबाइल फोन
- 07 एटीएम कार्ड
- 02 पैन कार्ड
- 01 यूपीआई कार्ड
- 01 चेकबुक, 02 पासबुक
3️⃣ पुलिस का बयान

“गिरोह तकनीकी जानकारी का दुरुपयोग कर आम लोगों को फर्जी निवेश का लालच देता था। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और अन्य राज्यों में इनके नेटवर्क की जांच जारी है।”
— डॉ. संजीव शुक्ला, पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज
पुलिस अधिकारियों की अहम भूमिका
- श्री राजेन्द्र जायसवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर)
- श्री अनुज कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण)
- श्री निमितेश सिंह, सीएसपी सिविल लाइन
टीम में योगदान
निरीक्षक राजेश मिश्रा (प्रभारी, रेंज साइबर थाना),
निरीक्षक रविशंकर तिवारी,
सउनि सुरेश पाठक,
प्रधान आरक्षक सैय्यद साजिद, विक्कू सिंह ठाकुर,
आरक्षक विजेंद्र सिंह और चिरंजीव।
इंजीनियर बना ठग
- आरोपी ललित कुमार ने दिल्ली के एनआईआईटी से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की पढ़ाई की।
- ऑनलाइन शॉपिंग साइट में मैनेजर के तौर पर काम करता था।
- तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल कर बनाया फर्जी वेबसाइट व मोबाइल एप।
- गोल्ड व सिक्योरिटी एजेंसी के नाम पर आम लोगों से ठगी।
गिरफ्तार आरोपी
- ललित कुमार
- बबलू उर्फ कमलजीत सिंह चौहान
- अर्पित साल्वे
- रोहित निषाद
📌 जब्त सामग्री
- 04 मोबाइल फोन
- 08 एटीएम कार्ड
- 01 यूपीआई कार्ड
- 02 पैन कार्ड
- 01 फर्जी चेकबुक
- 02 पासबुक
4️⃣ चेतावनी
🔴 किसी भी अज्ञात वेबसाइट या एजेंसी में पैसा निवेश करने से पहले उसकी वैधता की जांच करें।
🔴 निवेश या गोल्ड-शेयर के नाम पर फोन कॉल/मैसेज पर भरोसा न करें।
🔴 तुरंत 1930 (राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर) पर शिकायत दर्ज कराएं।



