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  सिम्स में BCLS और ACLS प्रशिक्षण : आपात स्थितियों से निपटने में डॉक्टरों व छात्रों को मिला जीवन रक्षक कौशल

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर, 21 अगस्त 2025। छत्तीसगढ़ इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (सिम्स), बिलासपुर में बेसिक कार्डियक लाइफ सपोर्ट (BCLS) एवं एडवांस्ड कार्डियोवैस्कुलर लाइफ सपोर्ट (ACLS) प्रशिक्षण का तीन दिवसीय आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण 21 से 23 अगस्त तक कॉलेज बिल्डिंग स्थित बायोकैमेस्ट्री लेक्चर हॉल में चला। कार्यक्रम का आयोजन एनेस्थीसियोलॉजी विभाग द्वारा किया गया, जिसकी अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमिता मूर्ति ने की।

प्रशिक्षण का शुभारंभ अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह की उपस्थिति में हुआ। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और रोगी सुरक्षा को नई मजबूती देते हैं।

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बिलासपुर, 21 अगस्त 2025। छत्तीसगढ़ इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (सिम्स), बिलासपुर में बेसिक कार्डियक लाइफ सपोर्ट (BCLS) एवं एडवांस्ड कार्डियोवैस्कुलर लाइफ सपोर्ट (ACLS) प्रशिक्षण का तीन दिवसीय आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण 21 से 23 अगस्त तक कॉलेज बिल्डिंग स्थित बायोकैमेस्ट्री लेक्चर हॉल में चला। कार्यक्रम का आयोजन एनेस्थीसियोलॉजी विभाग द्वारा किया गया, जिसकी अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमिता मूर्ति ने की।🔹 प्रशिक्षण की अहमियत BCLS (बेसिक कार्डियक लाइफ सपोर्ट) के लाभ📌 ACLS (एडवांस्ड कार्डियोवैस्कुलर लाइफ सपोर्ट) के लाभडॉ. मधुमिता मूर्ति ने कहा —”बीसीएलएस जहां बुनियादी जीवन रक्षक तकनीकें सिखाता है, वहीं एसीएलएस इन कौशलों को और विकसित कर डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों को जटिल परिस्थितियों में भी तुरंत व प्रभावी हस्तक्षेप करने योग्य बनाता है।”सिम्स बिलासपुर : तीन दिवसीय प्रशिक्षण की मुख्य बातें

इस अवसर पर देश-प्रदेश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ — डॉ. अनिल मिश्रा, डॉ. अशोक मित्तल (मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज, दिल्ली), डॉ. सोनल बाजपेई (रायपुर मेडिकल कॉलेज), डॉ. टेसू केसरवानी (रायगढ़ मेडिकल कॉलेज), डॉ. शिल्पा खन्ना (अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज) — ने भाग लिया और पी.जी.के छात्रों को उन्नत कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया।


🔹 प्रशिक्षण की अहमियत

कार्यक्रम में प्रतिभागियों को आपात कार्डियक स्थितियों से निपटने के लिए आधुनिक जीवन रक्षक तकनीकें सिखाई गईं।


BCLS (बेसिक कार्डियक लाइफ सपोर्ट) के लाभ

  • सीपीआर व एईडी उपयोग की तकनीक
  • आपात स्थितियों की त्वरित पहचान
  • चिकित्सा व गैर-चिकित्सा दोनों के लिए उपयोगी
  • कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों में सुधार
  • मरीज की जान बचाने की संभावना में वृद्धि

📌 ACLS (एडवांस्ड कार्डियोवैस्कुलर लाइफ सपोर्ट) के लाभ

  • कार्डियोपल्मोनरी अरेस्ट जैसी गंभीर स्थितियों का प्रबंधन
  • पुनर्जीवन में टीमवर्क और संचार पर जोर
  • स्ट्रोक व एसीएस की त्वरित पहचान व उपचार
  • जटिल परिस्थितियों में नैदानिक क्षमता का विकास
  • गंभीर रोगियों के जीवित रहने की संभावना अधिक

डॉ. मधुमिता मूर्ति ने कहा —”बीसीएलएस जहां बुनियादी जीवन रक्षक तकनीकें सिखाता है, वहीं एसीएलएस इन कौशलों को और विकसित कर डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों को जटिल परिस्थितियों में भी तुरंत व प्रभावी हस्तक्षेप करने योग्य बनाता है।”


सिम्स बिलासपुर : तीन दिवसीय प्रशिक्षण की मुख्य बातें

  • स्थान – बायोकैमेस्ट्री लेक्चर हॉल, सिम्स बिलासपुर
  • आयोजन अवधि – 21 से 23 अगस्त 2025
  • आयोजक – एनेस्थीसियोलॉजी विभाग
  • चेयरपर्सन – डॉ. मधुमिता मूर्ति
  • विशेष अतिथि – डॉ. रमणेश मूर्ति (अधिष्ठाता), डॉ. लखन सिंह (चिकित्सा अधीक्षक)
  • बाहरी विशेषज्ञ – डॉ. अनिल मिश्रा, डॉ. अशोक मित्तल, डॉ. सोनल बाजपेई, डॉ. टेसू केसरवानी, डॉ. शिल्पा खन्ना

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