Mohammed israil
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह चरमरा गई हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के 16,000 से अधिक कर्मचारी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। नियमितीकरण, लंबित वेतनवृद्धि और पब्लिक हेल्थ कैडर की मांगों की अनदेखी से नाराज़ कर्मियों ने कामकाज ठप कर दिया है। ग्रामीण से लेकर शहरी क्षेत्रों तक अस्पतालों में अव्यवस्था बढ़ गई है और कई सेवाएं पूरी तरह बंद हो चुकी हैं।



आंदोलन की वजह






प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित मिरी और प्रदेश प्रवक्ता पूरन दास ने बताया कि कर्मचारियों ने कई बार मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी जायज मांगें रखीं।
- 27% वेतनवृद्धि,
- ग्रेड पे,
- मेडिकल अवकाश,
- पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना,
जैसी मांगों पर सहमति बनने के बावजूद आदेश जारी नहीं किए गए। मजबूरन कर्मियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता चुना।
ठप हुई सेवाएँ
एनएचएम कर्मियों की हड़ताल से प्रदेशभर की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह बाधित हो गई हैं—
- मरीजों को दवाइयाँ उपलब्ध नहीं हो रही
- नवजात शिशु वार्ड व पोषण आहार केंद्र बंद
- शुगर, ब्लड टेस्ट, ट्रूनाट, सीबीनाट व नेत्र परीक्षण बाधित
- स्कूल व आंगनबाड़ी स्वास्थ्य परीक्षण पूरी तरह ठप
- रूटीन टीकाकरण बंद
- टीबी, मलेरिया, कुष्ठ जैसी बीमारियों के मरीज दवा से वंचित
अस्पतालों में अव्यवस्था
सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर जिला अस्पतालों तक मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। कई अस्पतालों में आउटडोर सेवाएँ बंद हो गई हैं तो कई जगह इमरजेंसी यूनिट पर भी दबाव बढ़ गया है। कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
कर्मचारी संघ का अल्टीमेटम
कार्यकारी प्रांत अध्यक्ष श्याम मोहन दुबे (जिला बिलासपुर) ने कहा—
“कर्मचारियों की जायज मांगों की लगातार अनदेखी हो रही है। अब तक सरकार ने आदेश जारी नहीं किया, जिससे आक्रोश और बढ़ा है। यदि सरकार तुरंत सकारात्मक फैसला नहीं लेती है तो जिम्मेदारी शासन की होगी।”
एनएचएम कर्मचारियों की 10 सूत्रीय मांगें
- संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण
- लंबित 27% वेतनवृद्धि का आदेश जारी
- सभी कर्मचारियों के लिए ग्रेड पे लागू
- पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना
- कर्मचारियों को मेडिकल अवकाश का अधिकार
- समान कार्य के लिए समान वेतन
- स्वास्थ्य मिशन कर्मियों को स्थायी सेवा शर्तें
- कार्यस्थल पर सुरक्षा और बीमा सुविधा
- पदोन्नति नीति में पारदर्शिता
- सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन एवं अन्य लाभ



