Mohammed israil
Bilaspur Chhattisgarh बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली की तस्वीरें लगातार शर्मसार कर रही हैं। सरगुजा और तखतपुर में सामने आई घटनाओं ने व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। कहीं गर्भवती महिला को सड़क न होने पर परिजन कांवड़ पर बिठाकर 2 किलोमीटर पैदल ले गए और उसने रास्ते में ही बच्चे को जन्म दिया, तो कहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बिजली बंद होने से डॉक्टर और स्टाफ ने टॉर्च की रोशनी में डिलीवरी कराई।
सरगुजा का मामला

लुंड्रा ब्लॉक के रवई जटासेमर गांव में प्रियंका बरगाह (32) पत्नी सुखलाल बरगाह को प्रसव पीड़ा हुई। परिजनों ने एम्बुलेंस बुलवाई, लेकिन खराब सड़क और नाले पर पुल न होने की वजह से एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी और घर से 2 किलोमीटर दूर रुक गई। मजबूर होकर परिजन गर्भवती को कांवड़ पर बिठाकर पैदल ले गए। इस बीच महिला ने रास्ते में ही बच्चे को जन्म दे दिया। गनीमत रही कि मां और शिशु दोनों सुरक्षित हैं।
तखतपुर का मामला

इसी तरह बिलासपुर जिले के तखतपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के दौरान अचानक बिजली चली गई। बैकअप जनरेटर भी काम नहीं किया। मजबूरन डॉक्टर और स्टाफ ने टॉर्च की रोशनी में महिला का प्रसव कराया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर नाराजगी जताई और कहा कि ऐसी स्थिति में महिला और बच्चे की जान भी जा सकती थी। इसका वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खूब वायरल हो रहा है।
छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही – हालिया घटनाएं
- सरगुजा (अगस्त 2025) – गर्भवती महिला को एम्बुलेंस न मिलने पर कांवड़ में बैठाकर 2 किमी पैदल ले जाना पड़ा, रास्ते में ही हुआ प्रसव।
- तखतपुर (अगस्त 2025) – सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बिजली गुल, टॉर्च की रोशनी में डॉक्टर ने कराया प्रसव।
- कबीरधाम (जून 2025) – गंभीर रूप से बीमार महिला को स्ट्रेचर न मिलने पर परिजनों ने चारपाई पर डालकर अस्पताल पहुंचाया।



