बिलासपुर,रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर रिश्तों को शर्मसार करने वाली वारदात ने सबको झकझोर दिया। महज़ मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर डांट-फटकार से नाराज़ 9वीं की छात्रा ने अपने ही दादा को मौत के घाट उतार दिया। आरोपी पोती ने हत्या के बाद मासूम बनने का नाटक किया, लेकिन पुलिस की पैनी जांच के आगे सच उजागर हो गया।
बलौदा बाजार जिले में मंगलवार 12 अगस्त को खून से लथपथ पुरुषोत्तम यादव (दिवंगत) का शव उनके घर में मिला। मृतक सब्जी बेचकर गुजारा करता था, जबकि बेटा रायपुर में रहकर मजदूरी करता है। घटना के समय उनके साथ दो पोतियां थीं। छोटी पोती स्कूल चली गई थी, जबकि बड़ी पोती (कक्षा 9वीं) घर में थी।
जांच के दौरान पुलिस को पोती के बयान संदिग्ध लगे। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पोती मोबाइल फोन का अत्यधिक इस्तेमाल करती थी और दादा उसे इस आदत पर अक्सर डांटते थे। वारदात के दिन भी वह फोन पर कॉल कर रही थी, जिसे लेकर दादा ने टोका। इससे नाराज़ होकर उसने कुल्हाड़ी से हमला कर दिया।
पहले वार में ही दादा जमीन पर गिर गए, लेकिन आरोपी ने ताबड़तोड़ प्रहार जारी रखे। सिर पर गंभीर चोट से पुरुषोत्तम की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद पोती ने स्कूल यूनिफॉर्म पहन लिया और लोगों को गुमराह करने के लिए हत्या की सूचना फैला दी। लेकिन जब पुलिस ने स्कूल जाकर हकीकत पता की, तो सच सामने आ गया। आखिरकार आरोपी पोती ने जुर्म कबूलते हुए बताया कि वह दादा की डांट से तंग आकर हत्या पर उतारू हुई।
छत्तीसगढ़ में बढ़ते हत्याओं का सिलसिला
- परिवार के भीतर अपराध: बीते 6 महीनों में राज्य में 17 ऐसे मामले सामने आए, जिनमें परिजन ही हत्यारे निकले।
- किशोर अपराध में वृद्धि: पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 2024 की तुलना में 2025 में नाबालिगों की संलिप्तता वाले हत्या मामलों में 28% की बढ़ोतरी।
- मुख्य कारण: संपत्ति विवाद, रिश्तों में अविश्वास, नशा और अब मोबाइल-इंटरनेट की लत।
- विशेषज्ञ की राय: मनोवैज्ञानिकों के अनुसार डिजिटल लत किशोरों में आवेग नियंत्रण को कमजोर कर रही है, जिससे हिंसक प्रवृत्ति बढ़ रही है।



