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विश्व आदिवासी दिवस पर कोटा में जुटेंगे सियासी और सामाजिक चेहरे, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल होंगे मुख्य अतिथि

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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Mohammed israil


पूर्व मुख्यमंत्री की मौजूदगी से सम्मेलन को राजनीतिक गर्माहट, आदिवासी वोटबैंक को साधने की कवायद भी तेज

बिलासपुर/कोटा, 10 अगस्त 2025
कोटा विधानसभा क्षेत्र में आगामी चुनावी हलचलों के बीच विश्व आदिवासी दिवस पर एक भव्य आदिवासी सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, जो ना केवल सामाजिक समरसता का प्रतीक है, बल्कि इसे राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। रविवार सुबह 10 बजे डीकेपी ग्राउंड कोटा में होने वाले इस सम्मेलन के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव भूपेश बघेल होंगे।

इस आयोजन की अध्यक्षता कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव करेंगे, वहीं तानाखार विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम और मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।
कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक समीकरण भी बनाए और बिगाड़े जा रहे हैं क्योंकि आदिवासी समाज पर पकड़ हर पार्टी के लिए निर्णायक मानी जाती है।


सम्मेलन को लेकर सामाजिक और राजनीतिक लामबंदी तेज

इस आयोजन को सफल बनाने के लिए गोंड़ महासभा के संरक्षक लतेल सिंह मरावी, जिला पंचायत सदस्य रजनी पिंटू मरकाम, जयकुमारी प्रभु जगत, सभापति मनोहर सिंह ध्रुव, सरपंच संघ अध्यक्ष लखन पैकरा, राजाराम राज, राजू सिदार (जिला कांग्रेस अ.ज.जा. प्रकोष्ठ अध्यक्ष) जैसे सामाजिक प्रतिनिधि सक्रिय भूमिका में हैं।

सम्मेलन में भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के नेताओं को आमंत्रित किया गया है। इनमें जनपद अध्यक्ष सूरज साधेलाल भारद्वाज, नगर पंचायत अध्यक्ष सरोज दुर्गेश साहू, जनपद उपाध्यक्ष मनोहर सिंह राज, जिला भाजपा ग्रामीण अध्यक्ष मोहित जायसवाल, ब्लॉक अध्यक्ष आदित्य दीक्षित शामिल हैं।
यह द्विदलीय आमंत्रण इस कार्यक्रम की राजनीतिक तटस्थता और आदिवासी एकजुटता की मंशा को दर्शाता है, मगर इसके राजनीतिक निहितार्थ भी निकाले जा रहे हैं।


वृहद आदिवासी समाज की एकजुटता

कोटा विधानसभा के गोंड़, कंवर, बिंझवार, धनुहार, सौरा, भैना, कोल, मांझी, परगनिहा, बैगा, सौता, उरांव, धुलिया, अगरिया आदि समाजों की उपस्थिति इस सम्मेलन में प्रस्तावित है।
जिला अ.ज.जा. प्रकोष्ठ अध्यक्ष ईश्वर सिदार ने बताया कि यह आयोजन समाज की सांस्कृतिक पहचान और राजनीतिक हिस्सेदारी को मजबूती देने वाला है।


आदिवासी सम्मेलन का संदेश क्या है?

  • पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपस्थिति, आदिवासी वर्ग में कांग्रेस की जमीनी पकड़ को पुनर्स्थापित करने की कोशिश मानी जा रही है।
  • कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव का अध्यक्षीय भूमिका निभाना आगामी चुनाव में स्थानीय समीकरणों को साधने का प्रयास हो सकता है।
  • भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के नेताओं को मंच पर लाकर समाज ने संदेश देने की कोशिश की है कि आदिवासी हित पार्टी विशेष से ऊपर हैं।

फोकस: सम्मेलन में होने वाली मुख्य बातें

  • आदिवासी समाज के विशिष्ट जनों का सम्मान समारोह
  • सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और लोकनृत्य
  • सामाजिक मुद्दों पर मुख्य वक्ताओं के संबोधन
  • सामाजिक संगठन और जनप्रतिनिधियों की साझा अपील

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