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मेडिकल की PG छात्रा से छेड़छाड़ के आरोपी HOD को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, चीफ जस्टिस ने अग्रिम ज़मानत याचिका की खारिज

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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🔶 Bilaspur Chhattisgarh बिलासपुर। रायपुर मेडिकल कॉलेज में पढ़ रही एक पीजी छात्रा से कथित छेड़छाड़ के आरोप में फंसे मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. आशीष सिन्हा को हाईकोर्ट से करारा झटका मिला है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने गंभीर आरोपों, व्हाट्सएप चैट और गवाहों को प्रभावित करने की आशंका के मद्देनजर अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस स्तर पर आरोपी को संरक्षण नहीं दिया जा सकता।


📌 छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रायपुर मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. आशीष सिन्हा की अग्रिम ज़मानत याचिका को खारिज कर दिया है। उन पर पीजी कर रही छात्रा ने यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने कहा कि प्रारंभिक जांच, केस डायरी और व्हाट्सएप चैट से प्रथम दृष्टया गंभीर मामला सामने आता है।

⚖️ कोर्ट के अहम तर्क:

  • आरोपी द्वारा गवाहों को प्रभावित करने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका
  • शिकायतकर्ता की शिकायतों को विशाखा समिति द्वारा गंभीरता से लिया गया
  • व्हाट्सएप चैट से स्पष्ट होता है कि आरोपी ने अनुचित टिप्पणी की
  • मेडिकल जैसे गरिमामय पेशे में विभागाध्यक्ष द्वारा ऐसी हरकत गंभीर चिंता का विषय है
  • FIR न तो प्रेरित लगती है, न ही इसमें विलंब का कोई संकेत है

चीफ जस्टिस ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि इस स्तर पर जब जांच प्रारंभिक दौर में है, आरोपी को अग्रिम जमानत देना न्याय की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।

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🔶 Bilaspur Chhattisgarh बिलासपुर। रायपुर मेडिकल कॉलेज में पढ़ रही एक पीजी छात्रा से कथित छेड़छाड़ के आरोप में फंसे मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. आशीष सिन्हा को हाईकोर्ट से करारा झटका मिला है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने गंभीर आरोपों, व्हाट्सएप चैट और गवाहों को प्रभावित करने की आशंका के मद्देनजर अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस स्तर पर आरोपी को संरक्षण नहीं दिया जा सकता।📌 छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रायपुर मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. आशीष सिन्हा की अग्रिम ज़मानत याचिका को खारिज कर दिया है। उन पर पीजी कर रही छात्रा ने यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने कहा कि प्रारंभिक जांच, केस डायरी और व्हाट्सएप चैट से प्रथम दृष्टया गंभीर मामला सामने आता है।⚖️ कोर्ट के अहम तर्क:🗂️ बैकग्राउंड ऑफ केस 🔴 अन्य मेडिकल कॉलेजों में छात्राओं से छेड़छाड़ की घटनाएं :

🗂️ बैकग्राउंड ऑफ केस

📍 क्या है मामला
रायपुर मेडिकल कॉलेज में पीजी कर रही छात्रा ने अपने विभागाध्यक्ष डॉ. असीष सिन्हा के खिलाफ पहले विभाग और विशाखा समिति में यौन उत्पीड़न की शिकायत की थी। जब वहां कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तब छात्रा ने थाना जाकर पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई।

📍 क्या है आरोप:
पीड़िता का आरोप है कि डॉ. सिन्हा उसे बार-बार अपमानजनक टिप्पणियों और असहज परिस्थितियों में डालते थे।

📍 पुलिस कार्रवाई:
पुलिस ने FIR दर्ज कर मामले की विवेचना प्रारंभ की है। गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए आरोपी ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी।


🔴 अन्य मेडिकल कॉलेजों में छात्राओं से छेड़छाड़ की घटनाएं :

🔸 2022 – अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज: एक जूनियर रेज़िडेंट डॉक्टर पर जूनियर छात्रा से बार-बार मैसेज कर परेशान करने का आरोप, कार्रवाई न होने पर छात्रा ने खुद को हॉस्टल में बंद किया।

🔸 2023 – बिलासपुर CIMS: नर्सिंग छात्रा ने अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर पर गलत नज़रों से देखने और कॉल करने की शिकायत की थी, मामला बाद में विशाखा समिति में गया।

🔸 2024 – DKS अस्पताल रायपुर: एक इंटर्न डॉक्टर ने सीनियर द्वारा व्हाट्सएप पर अश्लील मैसेज भेजने की शिकायत की थी, जिसके बाद विभागीय जांच बिठाई गई थी।


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