
रायपुर।
नीट यूजी 2025 (MBBS/BDS) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय काउंसलिंग प्रक्रिया 29 जुलाई 2025 से आरंभ की जा रही है। यह प्रक्रिया चार चरणों में पूर्णतः ऑनलाइन आयोजित होगी।
राष्ट्रीय चिकित्सा परामर्श समिति (MCC) द्वारा नीट यूजी 2025 की अंतिम प्रवेश तिथि 3 अक्टूबर 2025 निर्धारित की गई है। राज्य में छत्तीसगढ़ चिकित्सा , दंत चिकित्सा और भौतिक चिकित्सा ( फिजियोथेरेपी) स्नातक प्रवेश नियम 2025 के अनुसार किया जाएगा।
राज्य में यू जी काउंसलिंग प्रक्रिया का आयोजन कार्यालय आयुक्त चिकित्सा शिक्षा (CME), छत्तीसगढ़ द्वारा किया जा रहा है ।
छात्रों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी को ही प्रमाणिक मानें और उसी के अनुसार आवेदन करें। किसी प्रकार की सहायता हेतु हेल्पलाइन नंबर 0771-2972977 पर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संपर्क किया जा सकता है।
राज्य में समस्त शासकीय और निजी मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों की सीटें उनकी योग्यता और निर्धारित नियमों के अनुरूप राज्य स्तरीय काउंसलिंग समिति , कार्यालय आयुक्त चिकित्सा शिक्षा द्वारा आवंटित की जाएंगी। किसी एजेंट या संस्था के माध्यम से प्रवेश देने के दावे पूर्णतः अस्वीकार्य होंगे।
प्रवेश से संबंधित सभी जानकारी, समय-सारणी, सीट मैट्रिक्स और नियमों का प्रकाशन विभागीय वेबसाइट पर किया जाएगा। अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे नियमित रूप से वेबसाइट का अवलोकन करते रहें।
छत्तीसगढ़ में मेडिकल कॉलेजों और MBBS सीटों की स्थिति (2025)

वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़ राज्य में कुल 14 मेडिकल कॉलेज हैं, जिनमें से 9 शासकीय (सरकारी) और 5 निजी (प्राइवेट) कॉलेज हैं। इन कॉलेजों में कुल मिलाकर लगभग 2,030 MBBS सीटें उपलब्ध हैं, जिनमें से अधिकांश नीट (NEET-UG) के ज़रिए भरी जाती हैं।
सरकारी कॉलेजों में प्रमुख संस्थान हैं –
एम्स रायपुर, सिम्स बिलासपुर, राजनांदगांव, रायगढ़, अंबिकापुर, जगदलपुर, महासमुंद, कोरबा और कवर्धा के मेडिकल कॉलेज।
इनमें लगभग 1,330 सरकारी MBBS सीटें हैं।
निजी कॉलेजों में
श्री बालाजी रायपुर, चंदूलाल चंद्राकर दुर्ग, आरआईएमएस रायपुर, व अन्य कॉलेज शामिल हैं, जिनमें लगभग 700 सीटें हैं।
राज्य के छात्र NEET के माध्यम से इन सीटों पर प्रवेश लेते हैं, जिसमें से 15% सीटें ऑल इंडिया कोटे के तहत और 85% राज्य कोटे के तहत भरी जाती हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने हाल ही में नए मेडिकल कॉलेज खोलकर सीटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की है, जिससे स्थानीय छात्रों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं।



