Mohammed israil
दुर्ग, छत्तीसगढ़।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में प्रशासनिक अफसर से बदसलूकी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कार सवार तीन युवकों ने छावनी SDM हितेश पिस्दा के साथ न केवल गाली-गलौज की, बल्कि खुद को BJP युवा मोर्चा से जुड़ा बताकर धमकाने और हाथापाई तक की कोशिश की।
घटना 24 जुलाई की रात लगभग 9 बजे पोटिया चौक की है, जब SDM अपनी कार से गुजर रहे थे। तभी विपरीत दिशा से आ रही एक कार ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी। विरोध करने पर युवक अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
🧑⚖️ गिरफ्तारी और न्यायिक रिमांड
आरोपियों में से एक की पहचान राकेश यादव के रूप में हुई है, जिसे BJYM (भाजपा युवा मोर्चा) कार्यकर्ता बताया गया है। अन्य दो युवक विपिन चावड़ा और मनोज यादव हैं।
मौके पर पुलिस को सूचना देने के बाद गश्ती दल तुरंत पहुंचा, लेकिन तीनों फरार हो चुके थे। कुछ घंटों की कार्रवाई में पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया और कोर्ट में पेश किया, जहाँ से 8 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
📌 प्रशासनिक नाराजगी और गंभीर जांच
यह मामला सिर्फ एक टक्कर या सड़क विवाद नहीं था, बल्कि लोक सेवक को सरेआम धमकाने और राजनीतिक दबाव के सहारे कानून तोड़ने की कोशिश का उदाहरण है।
SDM हितेश पिस्दा को धमकाना और पार्टी से जुड़ाव का नाम लेना, प्रशासनिक तंत्र को चुनौती देने जैसा है। इस घटना के बाद प्रशासनिक महकमे में नाराज़गी है और पुलिस गंभीर धाराओं में जांच कर रही है।
📦 📉 ऐसा पहली बार नहीं: छत्तीसगढ़ में अफसरों से बदसलूकी की अन्य घटनाएं
📅 तारीख 📍 जगह 🧑💼 प्रशासकीय अधिकारी ⚠️ घटना मई 2024 रायगढ़ नायब तहसीलदार ज़मीन मुआवजा विवाद में ग्रामीणों ने घेर लिया, जनप्रतिनिधियों ने अपशब्द कहे मार्च 2023 बिलासपुर निगम कमिश्नर सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाने पर वार्ड पार्षदों ने बैठक में हंगामा किया जुलाई 2022 कोरबा वन अमला अवैध कटाई रोकने पर ग्रामीणों ने टीम को घेरा, जनप्रतिनिधि ने हस्तक्षेप किया अगस्त 2021 जशपुर तहसीलदार भूमि विवाद निपटारे में राजनैतिक कार्यकर्ता ने धमकी दी, FIR दर्ज
➡️ पैटर्न साफ है: जब-जब प्रशासनिक अधिकारी ईमानदारी से कार्रवाई करते हैं, कुछ लोग सत्ता या दल का नाम लेकर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं।
📢 प्रशासनिक व्यवस्था पर हमला
दुर्ग की यह घटना सिर्फ एक SDM पर हमला नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर हमला है। अगर राजनैतिक संबंधों की आड़ में अफसरों को डराया जाएगा, तो कानून का राज खतरे में पड़ सकता है।
सरकार और पुलिस को चाहिए कि ऐसी घटनाओं में सख्त और पारदर्शी कार्रवाई कर यह संदेश दें कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं।



