एनआईटी रायपुर और विकास तरंगिणी द्वारा किया गया नि:शुल्क महिला स्वास्थ्य जागरूकता एवं जाँच शिविर का आयोजन
यहाँ सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर के बारे में जानकारी दो अलग-अलग बॉक्स के रूप में दी गई है ताकि आप आसानी से समझ सकें:
📦 सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer)
📍 परिभाषा:
सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय के निचले हिस्से (गर्भाशय ग्रीवा या सर्विक्स) में होने वाला कैंसर है। यह वह हिस्सा होता है जो गर्भाशय को योनि से जोड़ता है।
🔍 कारण:
- HPV (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) का संक्रमण – सबसे प्रमुख कारण
- असुरक्षित यौन संबंध
- बहुत कम उम्र में यौन संबंध या गर्भधारण
- धूम्रपान
- बार-बार गर्भपात या प्रसव
🩺 लक्षण:
- मासिक धर्म के बीच या संभोग के बाद रक्तस्राव
- योनि से दुर्गंधयुक्त स्राव
- पेल्विक या पीठ में दर्द
- अत्यधिक और अनियमित रक्तस्राव
- थकान, वजन कम होना
🧪 जांच:
- पैप स्मीयर टेस्ट
- HPV टेस्ट
- बायोप्सी (Biopsy)
- कोलपोस्कोपी
💊 इलाज:
- शुरुआती अवस्था में: सर्जरी, लेजर थेरेपी या क्रायोथेरेपी
- बाद की अवस्था में: कीमोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी या दोनों
- वैक्सीन (HPV वैक्सीन) से बचाव संभव है
🛡️ बचाव के उपाय:
- नियमित पैप स्मीयर टेस्ट
- HPV वैक्सीन (9–14 वर्ष की उम्र में ज़्यादा असरदार)
- सुरक्षित यौन संबंध
- धूम्रपान से परहेज़
📦 ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer)
📍 परिभाषा:
ब्रेस्ट कैंसर स्तनों में बनने वाली कोशिकाओं के असामान्य रूप से बढ़ने से होता है। यह महिलाओं में सबसे आम कैंसर है, लेकिन पुरुषों में भी हो सकता है।
🔍 कारण:
- उम्र बढ़ना (40 वर्ष के बाद खतरा बढ़ता है)
- पारिवारिक इतिहास (जेनेटिक म्यूटेशन – BRCA1, BRCA2)
- हार्मोनल बदलाव
- अधिक शराब सेवन
- मोटापा
- पहले कभी रेडिएशन थेरेपी होना
🩺 लक्षण:
- स्तन में गाँठ या कड़ापन
- स्तन के आकार या बनावट में बदलाव
- निप्पल से रक्त या असामान्य स्राव
- त्वचा में सिकुड़न या गड्ढा पड़ना
- अंडरआर्म (बगल) में सूजन
🧪 जांच:
- मैमोग्राफी (Mammogram)
- अल्ट्रासाउंड या MRI
- बायोप्सी
- ब्रैका जीन टेस्टिंग (BRCA1/2)
💊 इलाज:
- सर्जरी (लंपेक्टॉमी या मास्टेक्टॉमी)
- कीमोथेरेपी
- रेडिएशन थेरेपी
- हार्मोन थेरेपी
- टार्गेटेड थेरेपी
🛡️ बचाव के उपाय:
- नियमित स्तन जांच (Self Examination)
- मैमोग्राफी 40 की उम्र के बाद हर 1–2 साल में
- संतुलित आहार और शारीरिक व्यायाम
- शराब से दूरी
- जोखिम वाली महिलाओं के लिए जेनेटिक परामर्श
अगर आप चाहें तो मैं इन दोनों की तुलना भी टेबल के रूप में दे सकता हूँ, या इन्फोग्राफिक डिजाइन भी बना सकता हूँ।

रायपुर।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर एवं विकास तरंगिणी, छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में आज महिलाओं के लिए नि:शुल्क स्वास्थ्य जागरूकता एवं जाँच शिविर का एनआईटी परिसर में आयोजन किया गया। यह जांच शिविर और जागरूकता कार्यक्रम विशेषतः सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के लिए आयोजित किया गया। शिविर के माध्यम से महिलाओं को नि:शुल्क जाँच, परामर्श और आवश्यक दवाइयाँ उपलब्ध कराई गईं। इस अवसर पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल शिविर में शामिल हुए और महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा महिलाओं की जांच की गई और नि:शुल्क जांच, परामर्श और दवाइयां प्रदान किया गया। महिलाओं की बड़ी संख्या ने इस पहल में भाग लेते हुए स्वास्थ्य जांच कराई और स्वास्थ्य विभाग की जागरूकता से लाभ प्राप्त किया।
इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि ऐसे शिविर महिलाओं को समय पर बीमारियों की जांच के लिए प्रेरित करते हैं और उनके स्वास्थ्य की रक्षा में बड़ा योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि आज अनेक बीमारियाँ हमारी बदलती जीवनशैली, रासायनिक उत्पादों के अत्यधिक उपयोग तथा पारंपरिक जीवन मूल्यों से दूर होने के कारण उत्पन्न हो रही हैं, उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा योग जैसे भारतीय आचार-विचार को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना करते हुए “सर्वे भवन्तु सुखिनः” के सिद्धांत को अपनाने की बात कही।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह पहल न केवल रोगों की समय पर पहचान में सहायक सिद्ध हो रही है, बल्कि महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में भी एक अच्छा कदम है। यह स्वस्थ नारी और सशक्त समाज की ओर बढ़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।उन्होंने कहा कि यह शिविर शिक्षा और स्वास्थ्य के मध्य एक सेतु का कार्य करेगा।



