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राजनीति : छत्तीसगढ़ में फूटा लेटर बम… उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर जानिए किसने किसे लिखा पत्र….

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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उपराष्ट्रपति पद पर छत्तीसगढ़ को प्राथमिकता देने की मांग ने मचाया सियासी भूचाल, कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के पत्र से राजनीति गरमाई

Mohammed israil।


Bilaspur Chhattisgarh बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में शुक्रवार को को उस वक्त बड़ा उबाल आ गया जब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व सांसद दीपक बैज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उपराष्ट्रपति पद के लिए छत्तीसगढ़ को प्राथमिकता देने की मांग कर डाली। इस अप्रत्याशित पहल से न सिर्फ कांग्रेस बल्कि भाजपा खेमे में भी हलचल तेज हो गई है। जो कांग्रेस हाल ही में विपक्ष के साझा उम्मीदवार को लेकर रणनीति बनाने में जुटी थी, वही अब खुद केंद्रीय चयन प्रक्रिया में राज्य की दावेदारी पर सवाल उठा रही है।


छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे गए इस पत्र में उन्होंने मांग की है कि खाली हुए उपराष्ट्रपति पद के लिए छत्तीसगढ़ को प्राथमिकता दी जाए और यहां के किसी वरिष्ठ नेता को नामित किया जाए। उन्होंने तर्क दिया कि छत्तीसगढ़ के मतदाताओं ने बीते तीन लोकसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) में भारतीय जनता पार्टी को लगातार समर्थन देकर 10 से 11 सीटें जिताईं, बावजूद इसके राज्य को कभी उपराष्ट्रपति जैसे शीर्ष संवैधानिक पद पर प्रतिनिधित्व नहीं मिला।

पत्र में बैज ने यह भी उल्लेख किया है कि झारखंड, त्रिपुरा और महाराष्ट्र जैसे राज्यों के कई नेता पूर्व में उपराष्ट्रपति पद तक पहुंचे, जबकि छत्तीसगढ़ को सिर्फ राज्य मंत्री स्तर तक की भागीदारी मिली है। उन्होंने भाजपा पर राज्य की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए सवाल उठाया कि आखिर जब छत्तीसगढ़ भाजपा के पास 10 सांसद हैं, तो अब तक किसी को इस पद के लिए विचार क्यों नहीं किया गया?

यह पत्र सामने आते ही सियासी गलियारों में सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि यह पत्र भाजपा की कथित उपेक्षा को उजागर करता है, वहीं भाजपा खेमे में भी अचानक उठे इस मुद्दे को लेकर असमंजस और चिंता है। खास बात यह है कि यह पत्र ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में विपक्षी पार्टियां नए उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को लेकर मंथन कर रही हैं।

अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह कांग्रेस की रणनीतिक चाल है या फिर पार्टी के भीतर ही किसी बड़ी सहमति का संकेत? साथ ही यह भी चर्चा है कि क्या दीपक बैज का यह पत्र केवल एक मांग है या इसके पीछे किसी बड़े राजनीतिक संदेश की तैयारी?

बहरहाल, दीपक बैज के इस लेटर बम ने राज्य और केंद्र की राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे दिया है – क्या अब बारी छत्तीसगढ़ की है?

  • कांग्रेस की चुप्पी और पत्र की टाइमिंग पर भाजपा नेताओं की नाराजगी
  • छत्तीसगढ़ के बड़े नेताओं में से किसका नाम हो सकता है चर्चा में?
  • क्या यह केंद्र की राजनीति में राज्य की हिस्सेदारी को लेकर भविष्य की रणनीति का हिस्सा है?

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