Mohammed israil 📍 बिलासपुर।
ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में एक बार फिर भरोसे को हथियार बनाकर साइबर ठग ने बड़ा खेल किया है। बिलासपुर जिले के सरकंडा थाना क्षेत्र में सेना के जवान से मल्टी मिलियन डॉलर प्रोजेक्ट में नौकरी और माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का लाइसेंस दिलाने का झांसा देकर ₹3 लाख की ठगी की गई। इस मामले में सरकंडा पुलिस ने आरोपी की मां को गिरफ्तार किया है, जिसके बैंक खाते में ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी।

🧾 सेना के जवान ने दर्ज कराई शिकायत, पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी सोमेश सिंह पिता विश्राम सिंह, उम्र 26 वर्ष, निवासी ग्राम हथनीकला, थाना जरहागांव, जिला मुंगेली, वर्तमान में भारतीय सेना में सिपाही के पद पर पदस्थ हैं। उनकी शिकायत पर सरकंडा थाना में एफआईआर क्रमांक 1003/2025 दर्ज की गई है।
शिकायत में सोमेश सिंह ने बताया कि पूर्व में सेना में साथ में कार्यरत राजू साहू नामक व्यक्ति से उनकी पहचान थी। नौकरी छोड़ने के बाद राजू साहू ने संपर्क साधा और बताया कि वह वर्तमान में “मल्टी मिलियन डॉलर प्रोजेक्ट” में काम कर रहा है और उसमें अच्छे वर्करों की जरूरत है।
प्रार्थी ने सरकारी सेवा में होने की वजह से असमर्थता जताई, तब आरोपी ने कहा कि वह किसी और परिजन या रिश्तेदार के नाम से काम शुरू कर सकता है और उसे माइक्रोसॉफ्ट का लाइसेंस भी दिलवा देगा। आरोपी ने अलग-अलग व्यक्तियों से बात कराकर प्रार्थी को विश्वास में लिया और फोन-पे के माध्यम से ₹1,50,000 और ₹1,50,000, कुल ₹3 लाख की राशि अपनी मां ईश्वरी साहू के ICICI बैंक खाते में जमा करवा ली।
⚠️ लाइसेंस की जगह मिली धमकी, पाकिस्तान के खाते से पैसा भेजने की धमकी देकर डराया
कुछ समय तक प्रोजेक्ट के बारे में पूछे जाने पर आरोपी टालता रहा। जब सोमेश सिंह ने लाइसेंस और नौकरी से संबंधित दस्तावेजों की मांग की, तो आरोपी ने धमकियां देना शुरू कर दीं।
“पाकिस्तान के एकाउंट से तुम्हारे एकाउंट में पैसे डलवा दूंगा, तुम कहीं के नहीं रहोगे”, ऐसी धमकियों से डरकर पीड़ित तत्काल रिपोर्ट दर्ज नहीं करा पाया। लेकिन बाद में उसने पूरे घटनाक्रम को वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष रखा और लिखित शिकायत दी।
👮♂️ सरकंडा पुलिस ने की त्वरित और सटीक कार्रवाई
शिकायत के बाद तत्काल संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) राजेन्द्र जायसवाल एवं नगर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बघेल के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश पांडे ने सउनि देवेंद्र तिवारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की।
टीम ने आरोपी के निवास ईमलीभाठा में दबिश देकर आरोपी की मां ईश्वरी साहू (48 वर्ष) को हिरासत में लिया और पूछताछ की। ईश्वरी साहू ने यह स्वीकार किया कि उसके खाते में ₹1,50,000 की राशि ट्रांसफर हुई है, और यह रकम उसके बेटे राजू साहू द्वारा दिल्ली से भेजी गई थी, जो “ऑनलाइन मार्केटिंग” का काम करता है।
पुलिस ने प्रारंभिक जांच में अपराध प्रमाणित पाते हुए ईश्वरी साहू को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी राजू साहू की तलाश जारी है और पुलिस द्वारा उसके दिल्ली स्थित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है।
⚖️ इन धाराओं के तहत मामला दर्ज:
- धारा 318(4) BNS (भारत दंड संहिता)
- धारा 66(D) आईटी एक्ट
(साइबर ठगी और धोखाधड़ी)
📌 महत्वपूर्ण चेतावनी — पुलिस की अपील
बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि कोई भी ऑनलाइन प्रोजेक्ट, विदेशी कंपनी या टेक्निकल लाइसेंस संबंधी प्रस्ताव बिना जांच-पड़ताल स्वीकार न करें।
किसी के कहने पर पैसे ट्रांसफर करने से पहले, उसकी सत्यता, प्रमाण और पृष्ठभूमि की पूरी जांच कर लें।
ठगी या संदेहजनक व्यवहार की स्थिति में तत्काल अपने नजदीकी थाने या साइबर सेल से संपर्क करें।



