
नकली मिठाइयों की जड़ पर चोट, खाद्य विभाग की तड़के कार्रवाई
🧭 mohammed israil
Bilaspur Chhattisgarh बिलासपुर। त्योहारी सीजन से पहले मिलावटखोरों पर शिकंजा कसते हुए बिलासपुर में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। नकली होने के संदेह में 660 किलो खोवा और 35 किलो पनीर जब्त किए गए हैं। यह सामान उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र जैसे बाहरी राज्यों से लाया जा रहा था। सुबह 5:40 बजे से ही चला छापा अभियान नया बस स्टैंड और रेलवे परिसर तक फैला रहा। शुरुआती जांच में 2 नमूने अवमानक पाए गए हैं।
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जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन बिलासपुर की टीम ने 21 जुलाई की सुबह नया बस स्टैंड, रेलवे परिसर और गोलबाजार स्थित खोवा मंडी में तड़के छापामार कार्रवाई की। यह अभियान नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन दीपक कुमार अग्रवाल के निर्देश पर चलाया गया था।
चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला के सहयोग से खोवा मंडी गोलबाजार से 18 खाद्य नमूनों की जांच की गई। इन नमूनों में से 2 अवमानक (Substandard) पाए गए। इसके अतिरिक्त नया बस स्टैंड पर एक वाहन से 660 किलो खोवा और 35 किलो पनीर संदेह के आधार पर जब्त किए गए। यह खाद्य सामग्री उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र से आई थी और त्योहारों में मिठाइयों में उपयोग होने वाली थी।
इस अभियान के दौरान टीम ने 3 विधिक और 1 सर्विलांस नमूना भी संग्रहित किया है। फिलहाल जब्त सामग्री का विक्रय पूरी तरह से रोक दिया गया है, और जांच के लिए उसे सुरक्षित रखा गया है।
⚠️ कैसे बनता है नकली खोवा और पनीर?
👉 नकली खोवा:
- स्कीम्ड मिल्क पाउडर, स्टार्च, वनस्पति घी और डिटर्जेंट जैसी हानिकारक चीजों को मिलाकर बनाया जाता है।
- असली खोवा की तुलना में ये ज्यादा सफेद और रबर जैसा होता है।
👉 नकली पनीर:
- सिंथेटिक दूध, फैट पाउडर और सस्ते केमिकल्स के मिश्रण से तैयार किया जाता है।
- इसमें चिकनाई नहीं होती, और यह जल्दी सड़ने लगता है।
☣️ बॉक्स में विशेष जानकारी: नकली खोवा और पनीर के नुकसान
🔴 स्वास्थ्य पर खतरे:
- पेट दर्द, उल्टी, दस्त जैसी गैस्ट्रिक समस्या।
- लंबे समय तक सेवन से लीवर, किडनी और हार्ट पर प्रभाव।
- बच्चों और बुजुर्गों में जल्दी संक्रमण की आशंका।
🧪 संभावित विषैले तत्व:
- यूरिया, डिटर्जेंट, स्टार्च, सिंथेटिक फैट
- अधिक मात्रा में सेवन जानलेवा हो सकता है।
🧴 रंग और सुगंध से पहचान:
- नकली खोवा ज्यादा चमकदार, गाढ़ा और बिना दुर्गंध वाला होता है।
- नकली पनीर में दबाने पर पानी नहीं निकलता और वह टूटने की बजाय खिंचता है।
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🔎 प्रशासन की अपील:
खाद्य विभाग ने जनता से अपील की है कि वे मिठाई खरीदते समय गुणवत्ता, ब्रांड और लाइसेंस की जांच अवश्य करें। साथ ही किसी प्रकार की संदेहास्पद सामग्री दिखाई दे तो तुरंत प्रशासन या खाद्य विभाग की हेल्पलाइन पर सूचित करें।



