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छत्तीसगढ़ विधानसभा में भू-राजस्व संहिता संशोधन बिल पारित, अवैध प्लाटिंग पर लगेगा लगाम, बिलासपुर शहर समेत प्रदेश भर में हजारों की संख्या में हुई है अवैध प्लाटिंग.. भूमाफियाओं के जाल फंसी हुई है जनता

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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Bilaspur Chhattisgarh बिलासपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में बुधवार को राज्य सरकार ने एक अहम कदम उठाया। सदन में भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक 2025 को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया, जिससे प्रदेश में अवैध प्लाटिंग पर प्रभावी रोक लग सकेगी। विधेयक के लागू होने से जमीन संबंधी विवादों को कम करने और आम जनता को राजस्व मामलों में राहत मिलने की उम्मीद है।


राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने संशोधित भू-राजस्व संहिता विधेयक 2025 को विधानसभा में पेश करते हुए कहा कि इससे भूमि के नक्शों का बटांकन (sub-division) आसान होगा, जिससे खसरा-नक्शा मिलान में पारदर्शिता बढ़ेगी। इसके साथ ही भूमि स्वामी की मृत्यु के बाद नामांतरण की प्रक्रिया भी सरल और त्वरित हो जाएगी, जिससे विवाद की गुंजाइश कम होगी और आम लोगों को न्याय मिल सकेगा।

सरकार का दावा है कि इस संशोधन से भूमि विवादों में भारी कमी आएगी, और अवैध प्लाटिंग करने वाले दलालों पर लगाम कसने में सहायता मिलेगी। यह विधेयक विशेष रूप से ग्रामीण एवं अर्धशहरी क्षेत्रों में अवैध जमीन खरीदी-बिक्री को रोकने में सहायक माना जा रहा है।

इस अहम विधेयक के अलावा सदन ने छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति (दंड) के निपटान संशोधन विधेयक और जांजगीर-चांपा जिले में नए विश्वविद्यालय की स्थापना से जुड़ा विधेयक भी पारित कर दिया।

मंडी संशोधन विधेयक पर हंगामा:
वहीं, मंडी संशोधन विधेयक को लेकर विपक्ष ने तीखा विरोध जताया। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने आरोप लगाया कि यह विधेयक केंद्र सरकार के तीन विवादास्पद कृषि कानूनों की तर्ज पर लाया गया है, जो किसानों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने इसे “किसान विरोधी कानून” बताते हुए विधेयक पेश होने से पहले ही सदन का बहिष्कार कर दिया।विधानसभा में पारित विधेयकों के ज़रिए सरकार ने संकेत दे दिया है कि वह राजस्व प्रशासन में सुधार और पारदर्शिता लाने को लेकर गंभीर है। हालांकि विपक्ष के विरोध ने इस सुधार यात्रा में राजनीतिक तनाव को भी उजागर कर दिया है।

अवैध प्लाटिंग- शहर के 142 जमीनों की रजिस्ट्री पर रोक लगाने निगम ने लिखा पत्र* 

*राजस्व विभाग से ली गई थी रिपोर्ट* 

*उप पंजीयक को पत्र लिखकर दी गई अवैध प्लाटिंग की जानकारी* 

*उक्त जमीनों की गई रजिस्ट्री की भी जानकारी मांगी गई है*

बिलासपुर- अवैध प्लाटिंग कर शहर की खूबसूरती पर दाग लगाने वाले शहर के मोपका,खमतराई,चांटीडीह,लिंगियाडीह,बिजौर, मंगला और तिफरा क्षेत्र के 142 जमीनों की रजिस्ट्री पर रोक लगाने के लिए निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार के निर्देश पर उप पंजीयक को पत्र लिखा गया है। भू स्वामियों द्वारा बिना व्यपवर्तन,बिना ले आउट प्लान के जमीन को टुकड़ों में बेचा जा रहा है। इस पर तत्काल रोक लगाने के लिए निगम द्वारा उप पंजीयक को पत्र जारी किया गया है। निगम सीमांतर्गत लगातार अवैध प्लाटिंग के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है,इसी के तारतम्य में राजस्व विभाग द्वारा मिले रिपोर्ट के आधार पर इन जमीनों की रजिस्ट्री पर रोक लगाने की तैयारी है।

इन क्षेत्रों में भवन नक्शा पास करने में निगम को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सभी 142 जमीनों के मालिकों के नाम और जमीन के खसरा नंबर और अन्य विवरण समेत उप पंजीयक को रजिस्ट्री में रोक लगाने के लिए कहा गया है। इससे पूर्व निगम द्वारा अवैध प्लाट में सड़क, बाउंड्रीवाल समेत अन्य चीजों को तोड़कर कार्रवाई की गई है। जिन 142 जमीनों की सूची पंजीयक कार्यालय को सौंपी गई है उनमें मंगला क्षेत्र की 39 जमीन,मोपका की 33 जमीन,तिफरा में 10 जमीन,खमतराई की 40 जमीन, बिजौर की 10,चांटीडीह की 6,मंगला और लिंगियाडीह की 4 जमीन शामिल है।

*मोपका में 2 और घुरू में 1 को नोटिस*

नगर निगम द्वारा अवैध प्लाटिंग करने वाले मोपका के 2 और घुरू क्षेत्र में 1 भूस्वामी को नोटिस जारी किया गया है। घुरू में रामनाथ मिश्रा पिता घासीराम मिश्रा एवं उत्तम कुमार मिश्रा पिता श्री रामनाथ मिश्रा, निवासी मेन्डरा / घुरू, बिलासपुर (छ.ग.), बिलासपुर (छ.ग.) द्वारा ग्राम-घुरू, प.ह.नं. 61, तहसील सकरी, व जिला बिलासपुर (छ.ग.) स्थित भूमि खसरा क्रमांक 126/1, रकबा 0.2167 हेक्टेयर (0.535 एकड़), भूमि के स्वरूप को परिवर्तित कर बिना सक्षम प्राधिकारी के स्वीकृति प्राप्त किये अवैध कालोनी / प्लाटिंग का निर्माण छोटे-छोटे भू-खण्ड़ों में विभाजित कर विक्रय किया गया है एवं वर्तमान में भी विक्रय किया जा रहा है । इसी तरह “मोपका” तहसील व जिला बिलासपुर (छ०ग०) में शुभम ताम्रकार भूमि खसरा क्रमांक 568/2 तथा 568/3 रकबा 30 डिसमील को और मोपका में ही अन्नू मसीह भूमि खसरा क्रमांक 992/28 तथा 992/29 को परिवर्तित कर छोटे-छोटे भूखण्डों में विभाजित कर विक्रय किया गया है अथवा वर्तमान में भी विक्रय किया जा रहा हैं। इन तीनों भूस्वामियों को नोटिस जारी कर 3 दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया है। समयसीमा के भीतर जवाब नहीं देने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

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