Bilaspur Chhattisgarh बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में चाकूबाजी की घटनाएं अब खतरनाक मोड़ लेती जा रही हैं। ताजा मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है, जहां मामूली विवाद के बीच निर्दोष नाबालिग की जान ले ली गई। घर के बाहर खड़े एक मासूम को सिर्फ शक के आधार पर धारदार चाकू से ताबड़तोड़ वार कर मौत के घाट उतार दिया गया। घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था और अपराध नियंत्रण पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
🟥 चिंता बढ़ा रही चाकूबाजी

बिलासपुर में आए दिन हो रही चाकूबाजी की घटनाएं आम लोगों के लिए खतरा बन चुकी हैं। अब न अपराधी पहचानते हैं उम्र, न बेकसूर और न वजह — शहर की सड़कों पर चाकू लेकर घूमते हमलावरों की बेलगाम हिंसा प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है।
बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में रविवार रात दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब एक नाबालिग को दो पक्षों के बीच चल रहे झगड़े में निशाना बना लिया गया। मृतक की पहचान 17 वर्षीय सुनील बांधे के रूप में हुई है, जो खाना खाकर घर के बाहर कुछ देर टहलने निकला था।
मिली जानकारी के मुताबिक, मोहल्ले में उस समय दो गुटों के बीच विवाद चल रहा था। इसी दौरान कुछ हमलावरों ने सुनील को दूसरे पक्ष का साथी समझ लिया और उस पर अचानक धारदार चाकू से हमला कर दिया। हमलावरों ने सीने और बाएं हाथ पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे सुनील वहीं जमीन पर गिर पड़ा।
घटना के समय मौजूद उसके कुछ साथी आनन-फानन में उसे खून से लथपथ हालत में सिविल लाइन थाना लेकर पहुंचे, जहां पुलिस ने उसे अस्पताल ले जाने की सलाह दी। लेकिन जिला अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का आक्रोश:
मृतक के बड़े भाई विजय बांधे का कहना है कि सुनील का किसी भी झगड़े या विवाद से कोई लेना-देना नहीं था। वह सिर्फ गलत समय पर गलत जगह पर था। उन्होंने इसे पूरी तरह से पूर्वनियोजित हमला बताया और आरोप लगाया कि रंजिशवश सुनील को निशाना बनाया गया।
पुलिस जांच:
सिविल लाइन पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संभावित आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
संस्कारधानी को अशांत करने की साजिश
बिलासपुर जैसे शांत माने जाने वाले शहर में अब बेवजह की हिंसा और चाकूबाजी ने आम लोगों की जान पर खतरा मंडराना शुरू कर दिया है। नाबालिग की नृशंस हत्या ने न केवल एक परिवार को गमगीन कर दिया, बल्कि शहर के सामाजिक तानेबाने और कानून व्यवस्था को भी कठघरे में खड़ा कर दिया है।



