बिलासपुरBilaspur छत्तीसगढ़।
लगातार बारिश और जलस्तर में हो रही तेज़ बढ़ोतरी के चलते अरपा नदी में बाढ़ की स्थिति बनती जा रही है। Salka Diversion में जलभराव के कारण जलप्रवाह को नियंत्रित करने के लिए गेट खोले गए हैं। अब एहतियातन अरपा नदी के भैंसाझार बैराज के गेट भी खोल दिए गए हैं, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ की आशंका और अधिक बढ़ गई है।
प्रशासन सतर्क, लोगों को सतर्कता बरतने की अपील
जल संसाधन विभाग एवं स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि अरपा नदी के जलस्तर में तेज़ी से वृद्धि देखी जा रही है, जिसके कारण निचले क्षेत्रों जैसे बहतराई, तिलकनगर, नेहरू नगर, कुदुदंड जैसे इलाकों में जलभराव की संभावना बन रही है।
स्थानीय प्रशासन ने निचले इलाके में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और जरूरत पड़ने पर ऊंचे स्थानों की ओर रुख करें। वहीं, नगर निगम और आपदा प्रबंधन की टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।
जलप्रवाह नियंत्रण के लिए उठाए गए कदम
Salka Diversion में जल का दबाव बढ़ने पर जैसे ही गेट खोले गए, उसके प्रभाव से भैंसाझार बैराज पर भी जलस्तर बढ़ने लगा। इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने बिना देर किए वहां के गेट भी खोल दिए, ताकि नदी के बहाव को नियंत्रित किया जा सके और अतिरिक्त जल को सुरक्षित रूप से आगे बढ़ाया जा सके।
बाढ़ नियंत्रण पर रणनीति तैयार
बिलासपुर कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त ने आपदा प्रबंधन की बैठक कर सभी संबंधित विभागों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। राहत शिविरों को तैयार रखने, नावों और रेस्क्यू टीमों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
नदी किनारे बसे लोगों से विशेष अपील
प्रशासन ने अरपा नदी किनारे बसे लोगों से विशेष अपील की है कि वे जलस्तर की जानकारी पर लगातार नजर रखें, अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन से संपर्क में रहें। किसी भी आपात स्थिति में राहत हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।
स्थिति पर नजर बनाए रखें, सतर्क रहें — प्रशासन
बिलासपुर में आने वाले 24 से 48 घंटे अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि मौसम विभाग ने भारी वर्षा की संभावना जताई है। प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है और हर संभावित खतरे से निपटने की पूरी तैयारी की जा रही है।



