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गैंगस्टर अमन साहू का एनकाउंटर, जवाबी कार्रवाई में एक पुलिस कर्मी भी घायल, लॉरेंस बिश्नोई से था संपर्क

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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00 रायपुर से रांची किया जा रहा था शिफ्ट

00 राइफल छीनकर भाग रहा था

Raipur रायपुर। झारखंड में कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू को स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने आज एनकाउंटर में ढेर कर दिया। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक अमन साहू ने एसटीएस जवान से राइफल छीनकर भागने की कोशिश की. इस दौरान उसने जवान पर गोली चलाई.
कुख्यात गैंगस्टर और डॉन लॉरेंस बिश्नोई का खास साथी अमन साहू की पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई. छत्तीसगढ़ जेल से रिमांड पर झारखंड पुलिस के साथ आ रहा अमन साहू पुलिस की कस्टडी से भागने की कोशिश कर रहा था. इस दौरान उसने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की और अमन साहू की मौत हो गई. दरअसल, पलामू में पुलिस वाहन  के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद अमन साहू ने की भागने की कोशिश की थी और इस दरम्यान अमन साहू ने पुलिस की बंदूक छीनकर फायर झोंक दिया. इस गोलीबारी में एक पुलिसकर्मी घायल भी हो गया. जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में अमन साहू मारा गया.

अमन साव के विरुद्ध लातेहार जिले में भी एक दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं. अमन साहू पर गोली चलाने, आगजनी, रंगदारी और लेवी से जुड़े कई मामले दर्ज हैं. जिले के कई कॉन्ट्रैक्टर और कोल व्यवसायी अमन साहू के रडार पर थे. अमन साहू और लॉरेंस विश्नोई गैंग का बड़ा गठजोड़ था. अमन साहू लॉरेंस के लिए गुर्गों की भर्ती करता था. जबकि लॉरेंस अमन को हथियारों की डिलीवरी देता था. अमन साहू और लॉरेंस विश्नोई के बीच मयंक सिंह उर्फ सुनील मीणा कड़ी का काम करता था. सुनील मीणा लॉरेंस का दोस्त है. फिलहाल सुनील मीणा अज़रबैजान पुलिस की गिरफ्त में है, जिसके प्रत्यार्पण को लेकर पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. जल्द हो सकता है सुनील मीणा का प्रत्यार्पण. अमन साहू रांची के बुढ़मू थाना क्षेत्र के मतवे गांव का रहने वाला था.

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