00 सीपत पुलिस ने नहीं की कार्रवाई तो नाराज हुई महिलाएं
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पूर्व जनपद सदस्य ने 400 से अधिक महिलाओं को झांसा देकर उनके नाम पर 1 करोड़ रुपए से अधिक का लोन निकलवा लिया और गांव छोड़कर फरार हो गया। ठगी का शिकार हुई महिलाओं ने पहले सीपत थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर सोमवार को बड़ी संख्या में कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया।







क्या है पूरा मामला?
मस्तूरी विकासखंड के सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत पोड़ी की महिलाएं इस ठगी का शिकार हुईं। आरोप है कि नरगोड़ा पोड़ी निवासी पूर्व जनपद सदस्य की पत्नी रंजना मानिकपुरी ने महिलाओं को झांसा देकर उनके नाम पर लोन निकलवाया। रंजना ने इंदिरा आवास योजना का लाभ दिलाने और गांव में विकास कार्यों के नाम पर लोन लेने के लिए महिलाओं को तैयार किया।
महिलाओं की आपबीती:
मीना बाई धीवर ने बताया, “मेरे नाम पर 3 लोन निकाले गए हैं। पहला लोन 1 लाख का, दूसरा 45 हजार का, और तीसरा 40 हजार का। इन लोन की किस्तें मैं चुकाने में असमर्थ हूं, जिससे मुझे काफी परेशानी हो रही है।”
शीला मानिकपुरी ने कहा, “रंजना मानिकपुरी ने झूठे वादे कर मेरे नाम पर 5 लोन निकाले। इनमें 1 लाख, 70 हजार, 50 हजार, और 15 हजार के लोन शामिल हैं। गांव की 400 महिलाएं इसी तरह ठगी का शिकार हुई हैं।”
दीप मानिकपुरी ने बताया, “मेरे नाम पर 55 हजार और 40 हजार के दो लोन निकाले गए हैं। अब बैंक के अधिकारी हमें धमकाते हैं और गाली-गलौज करते हैं। वे कहते हैं कि अगर लोन नहीं चुका सकते तो जहर खाकर मर जाओ या अपनी किडनी बेच दो।”
गौतराम साहू ने कहा, “मेरे खेत के दस्तावेजों के आधार पर डेढ़ लाख का लोन निकाला गया और मेरे कागजात भी वहीं रख लिए गए। अब बैंक वाले मुझे बार-बार परेशान कर रहे हैं।”
प्रशासन से न्याय की मांग:
महिलाओं का कहना है कि बैंक अधिकारी किस्त न चुकाने पर उन्हें लगातार धमका रहे हैं। महिलाओं ने प्रशासन से मांग की है कि उनके लोन की रकम माफ की जाए और ठग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन:
सोमवार को महिलाएं बड़ी संख्या में कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं और जनदर्शन के दौरान अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। महिलाओं ने ठगी करने वाले आरोपी और उसकी पत्नी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्रशासन ने कहा होगी कार्रवाई
प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन ने महिलाओं को उनकी शिकायतों पर कार्रवाई का भरोसा दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मामले की जांच करें और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।



