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हे जामवंत इन्हें माफ करना…

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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खतरनाक लापरवाही: मरवाही वनमंडल में मृत मिला दुर्लभ स्लॉथ भालू, विभाग की उपेक्षा पर सवाल
Bilaspur, बिलासपुर,मरवाही। छत्तीसगढ़ के मरवाही वनमंडल क्षेत्र में एक दुर्लभ स्लॉथ भालू का शव पिछले पखवाड़े से बीट उषाड़ में पड़ा हुआ है, लेकिन वन विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। मृत भालू का शव अब विकृति की अवस्था में पहुँच चुका है, और इसके अंगों में भारी कमी देखी जा रही है। यह घटना वन विभाग की लापरवाही को उजागर करती है, जिससे इलाके में वन्यजीवों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।


मरवाही का जंगल अपनी वन्यजीव विविधता, खासकर भालू और अन्य वन्य प्रजातियों के लिए प्रसिद्ध है। इस क्षेत्र में कभी-कभी दुर्लभ सफेद भालू, जिसे एल्बिनो भालू भी कहा जाता है, देखा जाता है। मृत भालू की पहचान अभी तक पूरी तरह से नहीं हो पाई है, लेकिन इसकी मौत के कारणों की जांच आवश्यक हो गई है। समाचारों के अनुसार, भालू के शव के अंगों में गंभीर क्षति हो चुकी है, जिससे यह संभावना जताई जा रही है कि इसे किसी बाहरी आक्रमण या शिकारियों द्वारा नुकसान पहुँचाया गया हो सकता है।
स्थानीय जागरूक नागरिकों ने वन विभाग के अधिकारियों को इस शव की जानकारी दी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण का जिम्मा वन विभाग पर है, और ऐसे मामलों में विभाग की निष्क्रियता यह साबित करती है कि जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल हैं। स्थानीय समुदाय के अनुसार, मरवाही वन क्षेत्र में शिकारियों की गतिविधियां बढ़ रही हैं, और शिकारियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है।
दुर्भाग्यवश, इस मामले में वन विभाग के उच्च अधिकारी और फील्ड कर्मचारी मामले को दबाने और निपटाने में लगे रहते हैं, जिससे आम जनता को इस विषय की गंभीरता का एहसास नहीं हो पाता। यह घटनाएँ केवल वन्यजीवों के लिए खतरे की घंटी नहीं हैं, बल्कि यह विभाग की कार्यप्रणाली और उसकी जवाबदेही पर भी सवाल उठाती हैं।
मार्गदर्शन और देखरेख में कमी के कारण, वन्यजीवों का शिकार और अवैध गतिविधियाँ लगातार बढ़ रही हैं, जिनसे प्रदेश के जैविक विविधता पर असर पड़ रहा है। जामवंत प्रोजेक्ट जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट भी इस खतरनाक स्थिति से जूझ रहे हैं। इस प्रोजेक्ट के तहत भालू और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण के प्रयासों में विफलता भी यह स्पष्ट करती है कि विभाग को अपने कार्यों में सुधार की आवश्यकता है।
वर्तमान में यह अत्यंत आवश्यक हो गया है कि विभाग मृत भालू के शव की उचित जांच करवाए और भालू की मौत के कारणों का पता लगाए। साथ ही शिकारियों और अवैध गतिविधियों के खिलाफ ठोस कदम उठाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। मृत भालू की तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। इस मामले को लेकर जब सीसीए प्रभात मिश्रा से संपर्क किया गया तो उन्होंने इसकी जानकारी होने से ही इनकार कर दिया। साथी कहा कि उन्हें शिकार की भी जानकारी नहीं है। इस बारे में पता कर करने के बाद ही कुछ बता सकेंगे।

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