00 विभागीय अधिकारियों को बुजुर्गों और दिव्यांगों पर भी तरस नहीं आ रहा
00 कलेक्ट्रेट स्थित विभाग के शाखा में रोजाना राशन कार्ड में गलती सुधारने के लिए लगती है लंबी कतार
Bilaspur बिलासपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का दावा जिले के खाद्य विभाग में खोखला नजर आता है। यहां पर राशन कार्ड की छोटी-छोटी त्रुटियों को सुधारने के लिए बुजुर्ग और दिव्यांग जनों को लंबी कतार में खड़ा होना पड़ता है। यह नजारा वहां पर रोज देखने को मिलता है इसकी जानकारी जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों को भी है लेकिन, खाद्य विभाग के उच्च अधिकारियों के सामने उनकी भी नहीं चलती। इसे लेकर ज़िले में कई तरह की चर्चा चल रही है।




छत्तीसगढ़ में सत्ता परिवर्तन के बाद नए राशन कार्ड बनाए गए हैं, जिसमें गलतियां भी हुईं हैं। इसका खामियाजा हितग्राहियों को भुगतना पड़ रहा है। बिलासपुर के खाद्य विभाग के दफ्तर में इसका उदाहरण रोजाना देखने को मिलता है। यहां लंबी कतार राशन के लिए नहीं बल्कि कार्ड में हुई त्रुटियों को सुधरवाने के लिए लगती है। इसी कड़ी में बिल्हा विकासखंड के ग्राम गतोरी निवासी मान कुमार पति स्वर्गीय वीर सिंह 74 वर्ष किसी तरह कांपते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची थी। बुजुर्ग महिला ने बताया कि उन्हें तीन माह से राशन नहीं मिल रहा है। इसकी वजह राशन कार्ड में उनकी उम्र 21 वर्ष लिखा होना है साथ ही उनका फिंगर का प्रिंट नहीं आ रहा है। विभागीय अधिकारी उनकी सुनते नहीं है। तीन माह से राशन नहीं मिलने के कारण उन्हें कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चुनाव आचार संहिता के कारण उनके राशन कार्ड में सुधार भी नहीं हो सका था। इसी तरह कई बुजुर्ग महिलाएं राशन कार्ड की त्रुटियों को सुधारने के लिए अक्सर कलेक्ट्रेट में भटकती हुई नजर आती हैं, इसकी जानकारी होने के बाद भी जिला प्रशासन के अधिकारियों का दिल नहीं पसीजता है।



