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पोर्न फिल्म एडिक्ट ने 5 साल की बच्ची को उतारा मौत के घाट, दुष्कर्म का किया था प्रयास, विरोध करने पर सिर पर किया बेत से हमला, जानिए 3 घंटे में कैसे सुलझी अंधे कत्ल की गुत्थी…

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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00 bilaspur: सरकंडा थाना क्षेत्र के स्वर्णिम ईरा कॉलोनी में संदिग्ध परिस्थितियों में मिली थी बच्ची की लाश, आरोपी नाबालिग बालक हिरासत में


Bilaspur बिलासपुर। स्वर्णिम ईरा कॉलोनी, थाना सरकंडा, जिला बिलासपुर में एक नाबालिग बालिका की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने मात्र तीन घंटे के भीतर सफलता हासिल की। पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (भापुसे) ने व्यक्तिगत रूप से घटना स्थल का निरीक्षण कर दिशा-निर्देश दिए, जिसके आधार पर हत्या के आरोपी नाबालिग बालक को हिरासत में लिया गया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी पोर्न फिल्म एडिक्ट था।


घटना का विवरण:

दिनांक 25 फरवरी 2025 को सुबह 10:20 बजे थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश पांडेय को सूचना मिली कि स्वर्णिम ईरा कॉलोनी में निर्माणाधीन मकान क्र. 80 में एक पांच वर्षीय बालिका का शव मिला है। बालिका कल शाम 7:00 बजे अपने घर से गायब हुई थी। घटना की गम्भीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक स्वयं मौके पर पहुंचे।

घटनास्थल पर साक्ष्य जुटाने के लिए फोरेंसिक यूनिट, फिंगरप्रिंट और डॉग स्क्वाड को बुलाया गया। प्रथम दृष्टया जांच में स्पष्ट हुआ कि हत्या कॉलोनी में रहने वाले किसी व्यक्ति द्वारा की गई है।


मजदूरों की कॉलोनी में हुई हत्या:

स्वर्णिम ईरा कॉलोनी में लगभग 1,000 मजदूर अपने परिवारों के साथ रहते हैं। मृतिका के माता-पिता भी मजदूरी करते हैं और कॉलोनी के श्रमिक क्वार्टर में निवास करते हैं। हत्या के बाद पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल व्याप्त हो गया।


पुलिस की त्वरित जांच और सफलता:

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पांच टीमों का गठन किया गया:

  1. तीन टीमें मजदूरों और उनके बच्चों से पूछताछ के लिए।
  2. एक टीम कॉलोनी में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने के लिए।
  3. एक टीम सूचना संकलन और जांच के लिए।

जांच के दौरान नौ संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की गई, जिनके शरीर पर चोट और खरोंच के निशान पाए गए। सीसीटीवी फुटेज में मृतिका को एक नाबालिग बालक के साथ देखा गया, जो घटना स्थल की ओर जा रहा था। पूछताछ में उक्त बालक ने अपराध स्वीकार कर लिया।


आरोपी नाबालिग, बाल कल्याण अधिनियम के तहत कार्यवाही:

चूंकि आरोपी और मृतिका दोनों नाबालिग हैं, इसलिए किशोर न्याय अधिनियम के तहत कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। आरोपी को हिरासत में लेकर माननीय किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।


विशेष योगदान:

घटना को सुलझाने में थाना सरकंडा और एसीसीयू बिलासपुर के अधिकारियों और कर्मचारियों ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
टीम का योगदान:

  • थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश पांडेय
  • अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एसीसीयू) अनुज कुमार
  • नगर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बघेल

स्पेशल रिपोर्ट: पुलिस अधीक्षक की भूमिका

पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच का नेतृत्व किया। उनकी वैज्ञानिक दृष्टिकोण और त्वरित निर्णय प्रक्रिया ने मामले को जल्द सुलझाने में मदद की।

  • सीसीटीवी फुटेज की गहन पड़ताल।
  • वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन।
  • संदिग्धों की पहचान और गहन पूछताछ।
  • क्या है पोर्न एडिक्शन
  • पोर्न एडिक्शन को हाइपरसेक्शुअल डिसऑर्डर भी कहा जाता है। जिसके अंतर्गत विभिन्न समस्याग्रस्त व्यवहार जैसे साइबरसेक्स, अत्यधिक हस्तमैथुन, पोर्नोग्राफी का उपयोग, टेलीफोन सेक्स, सहमति वाले वयस्कों के साथ यौन व्यवहार आदि शामिल हैं। जब कोई व्यक्ति भावनात्मक रूप से असंतुष्ट होता है तब वह पोर्न पर निर्भर होने लगता है।

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