00 मोपका चौकी के लगरा में चुनावी विवाद में हिंसा, पुलिस पर हमला करने वाली पांच महिलाओं समेत 9 गिरफ्तार, बड़ी संख्या में आरोपी हैं फरार
00 मतदान दल पर हमला करने बेकाबू हो रही थी भीड़, पुनः मतगणना की मांग को लेकर की जमकर नारेबाजी


बिलासपुर। मोपका चौकी अंतर्गत ग्राम लगरा में चुनावी रंजिश के चलते सरपंच पद की हारी हुई प्रत्याशी पद्मावती कांगो और उनके समर्थकों ने पुलिस पर प्राण घातक हमला कर दिया साथ ही गाड़ियों पर भी पथराव कर जमकर तोड़फोड़ की। मामला तब बिगड़ा जब प्रत्याशी ने पोलिंग पार्टी को पुनर्मतगणना की मांग को लेकर रोकने का प्रयास किया। स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस टीम पर पत्थरों से हमला कर दिया गया, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी और स्थानीय नागरिक घायल हो गए। घटना में एक हायर पेट्रोलिंग वाहन को भी क्षति पहुंचाई गई। पुलिस ने अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और शेष फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

ग्राम लगरा में सरपंच चुनाव के बाद हारी हुई प्रत्याशी पद्मावती कांगो और उनके समर्थकों ने पोलिंग पार्टी को रोक लिया और पुनर्मतगणना की मांग करते हुए उन्हें बाहर जाने नहीं दिया। स्थिति को गंभीर होते देख पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने पहुंचकर पोलिंग पार्टी को सुरक्षित बाहर निकाला, लेकिन इसके बाद हारी हुई प्रत्याशी ने अपने समर्थकों को भड़काकर पुलिस पर प्राणघातक हमला करने की कोशिश की।
क्या-क्या हुआ
पत्थरों से किए गए इस हमले में कई पुलिसकर्मियों को चोटें आईं।
एक हायर पेट्रोलिंग वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ।
पुलिस की सतर्कता से बड़ी घटना टल गई और पोलिंग पार्टी को सुरक्षित निकाला गया।
पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब तक कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।यह एक सुनियोजित हमला था, जिसमें कानून-व्यवस्था को चुनौती देने का प्रयास किया गया। आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हमने स्थानीय स्तर पर सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि दोबारा ऐसी घटनाएं न हों।
गांव में तनाव का माहौल
घटना के बाद से गांव में तनाव व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए कड़ी निगरानी जरूरी है।
क्या है मॉब लिंचिंग
मॉब लिंचिंग के अपराध को भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) में धारा 103 (2) के अंतर्गत नए सिरे से शामिल किया गया है। BNS की धारा 117(4) में उस अपराध का प्रावधान है, जिसमें भीड़ किसी व्यक्ति को गंभीर चोट पहुँचाती है।
खबर में अपडेट जारी है….



