00 नगरीय निकायों में मतगणना 15 फरवरी को, अधिकारियों को मिला प्रशिक्षण
00 शहर में हार जीत को लगाए जा रहे कयास
बिलासपु। /नगरीय निकाय चुनाव के बाद मतों की गणना 15 फरवरी को की जाएगी। जिला मुख्यालय के कोनी स्थित स्ट्रांग रूम में नगर निगम के मतों की गिनती होगी। जिले की अन्य निकायों में गिनती स्थानीय स्तर पर चयनित स्थलों पर की जाएगी। जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा मतगणना में लगे कर्मियों का प्रथम प्रशिक्षण आज संपन्न हुआ। दूसरा और अंतिम प्रशिक्षण उन्हें कल 14 फरवरी को मतगणना स्थल पर दिया जाएगा। शहर में नगर निगम चुनाव में पार्षद और मेयर पद के प्रत्याशियों की हार जीत को लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं।

मतगणना कार्य के लिए सहायक रिटर्निंग अफसरों और उनकी सहयोगी टीम को आज जल संसाधन विभाग के प्रार्थना सभा भवन में मास्टर ट्रेनर द्वारा सघन रूप से प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें सैद्धांतिक नियम कायदों के अलावा हैंण्ड्स ऑन प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में रिर्टनिंग ऑफिसर श्री आर.ए कुरूवंशी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री शिवकुमार बनर्जी, सभी एसडीएम, तहसीलदार और मतगणना से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।
नगर निगम के मतों की गणना कोनी स्थित शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में होगी। मतगणना सवेरे 09 बजे से शुरू होगी। यहां 6 कमरों में 76 टेबल लगाये जाएंगे। 70 वार्डो की गणना के लिए 70 टेबल तथा ज्यादा ईव्हीएम वाले वार्डो के लिए 06 अतिरिक्त टेबल की व्यवस्था की गयी है। शासकीय कर्मचारियों द्वारा डाले गए ईडीसी वोट की गिनती के लिए 02 अलग टेबल लगाए गए हैं। प्रत्येक टेबल में दो वरिष्ठ कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गयी है। इनमें मतगणना पर्यवेक्षक एवं मतगणना सहायक शामिल हैं। प्रशिक्षण स्थल में हैंड्स ऑन ट्रेनिंग (खुद करके देखना) के जरिए प्रशिक्षणार्थियों ने मतगणना के बारे में सीखा।
प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर द्वारा मतगणना के पूर्व तैयारी, जरूरी संसाधनों की व्यवस्था, निर्वाचन कर्तव्य मतपत्र की गणना, इव्हीएम से मतगणना की व्यवस्था, विभिन्न प्रपत्रों को भरने की व्यवस्था सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई। मतगणना दिवस के दिन स्ट्रांग रूम एवं मतगणना कक्ष में अपेक्षित नियमों के बारे में बताया गया। निर्वाचन कर्तव्य मतपत्र एवं कंट्रोल यूनिट के मतों की काउंटिंग की प्रक्रिया को सरलता से समझाया गया। सबसे पहले निर्वाचन कर्तव्य मतपत्र के मतों की गणना शुरू की जाएगी। मास्टर ट्रेनर द्वारा प्रशिक्षणार्थियों की जिज्ञासाओं को भी शांत किया गया।



