

00 बाइक से लुटेरे कर रहे थे पहले से पीछा
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में खोखरा शराब दुकान के पास कैश कलेक्शन टीम पर फायरिंग कर 78 लाख रुपए लेकर लुटेरे फरार हो गए। इस घटना से पूरे जिले में हड़कंप मच गया। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। घायल को उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
क्या है पूरा मामला
14 जनवरी 2025 को दो अज्ञात बाइक सवार अपराधियों ने खोखरा शराब दुकान के पास कैश कलेक्शन टीम पर हमला किया। टीम शराब दुकान के दो दिनों के कैश कलेक्शन को लेकर आ रही थी। जैसे ही टीम शराब दुकान पहुंची, हमलावरों ने मौके पर गार्ड शैलेन्द्र सिंह बैस पर फायरिंग कर दी। गार्ड के पैर में गोली लगने से वह जमीन पर गिर गए। इसी दौरान हमलावरों ने कैश से भरा बैग कार से निकाला और फरार हो गए।
कैश बैग में लगभग 78 लाख रुपये की भारी राशि थी, जो शराब दुकान की बिक्री का कलेक्शन था। इस घटना के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोग सहमे हुए हैं।
चल रहा सर्च ऑपरेशन
घटना की जानकारी मिलते ही आबकारी विभाग और पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायल गार्ड शैलेन्द्र सिंह बैस को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए सिम्स अस्पताल रेफर कर दिया गया।
पुलिस ने अपराधियों की तलाश के लिए इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। हालांकि, अब तक कोई बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी है। पुलिस अधिकारी मामले पर टिप्पणी करने से बच रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों के बीच असंतोष बढ़ रहा है।
कैसे हुई घटना?
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि अपराधियों ने पहले से ही पूरी घटना की योजना बनाई थी। बाइक पर सवार दोनों आरोपी लगातार कैश कलेक्शन टीम का पीछा कर रहे थे। जैसे ही टीम खोखरा शराब दुकान पहुंची, अपराधियों ने गार्ड पर हमला कर दिया।
चश्मदीदों के अनुसार, फायरिंग के बाद अपराधियों ने चंद मिनटों में कैश बैग उठाया और फरार हो गए। यह घटना स्पष्ट रूप से दिखाती है कि अपराधियों को कैश कलेक्शन के समय और प्रक्रिया की पूरी जानकारी थी।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस घटना ने शराब दुकानों और कैश कलेक्शन प्रक्रिया में सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर किया है। बड़ी रकम के लेन-देन के बावजूद सुरक्षा का पर्याप्त प्रबंध नहीं किया गया था।
कैश कलेक्शन टीम के साथ पर्याप्त सुरक्षा नहीं थी।
घटना के समय कोई पुलिस सुरक्षा नहीं थी।
आसपास सीसीटीवी कैमरों का अभाव, जिससे अपराधियों की पहचान मुश्किल हो रही है।
घायल गार्ड ने बताया आरोपियों के पास थी बंदूक
घायल गार्ड शैलेन्द्र सिंह बैस ने पुलिस को बताया कि दोनों आरोपी बाइक पर सवार थे और उनके पास बंदूक थी। गार्ड ने अपराधियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने उस पर फायरिंग कर दी।
जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन दीपक जायसवाल के अनुसार, गार्ड की स्थिति स्थिर है और उनके पैर का इलाज किया जा रहा है। उन्हें सिम्स अस्पताल रेफर किया गया है।
बढ़ते अपराध को लेकर आक्रोश
यह घटना जिले में बढ़ते अपराधों का ताजा उदाहरण है। पिछले कुछ महीनों में जिले में लूट, फायरिंग और चोरी की घटनाओं में इजाफा हुआ है।
प्रशासन और पुलिस विभाग को शराब दुकानों और अन्य हाई-रिस्क क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना चाहिए।
कैश कलेक्शन के दौरान सशस्त्र सुरक्षा गार्ड और पुलिस की मौजूदगी होनी चाहिए।
सभी शराब दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।
नियमित रूप से सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जाए।
खोखरा शराब दुकान के पास हुई यह घटना सिर्फ एक डकैती नहीं, बल्कि सुरक्षा तंत्र की नाकामी को दर्शाती है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस को इस मामले में त्वरित कार्रवाई करनी होगी, ताकि अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा उपाय लागू किए जाएं।जिले के नागरिक अब पुलिस से त्वरित कार्रवाई और अपराधियों को पकड़ने की उम्मीद कर रहे हैं। यह घटना पूरे इलाके में सुरक्षा और कानून व्यवस्था के प्रति नई बहस छेड़ रही है।



