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लकड़ी तस्करों का आतंक, डिप्टी रेंजर की वर्दी फाड़ी और उनकी टीम को कुल्हाड़ी लेकर मारने दौड़ाया

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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00 छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के जंगल में कानून व्यवस्था पर खतरा

बिलासपुर जिले के कोटा क्षेत्र के सेमरिया जंगल में हुई एक घटना ने वन विभाग और कानून व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। डिप्टी रेंजर देवी सिंह भारद्वाज और उनकी टीम पर लकड़ी तस्करों और ग्रामीणों द्वारा किए गए हमले ने यह स्पष्ट कर दिया कि जंगलों में माफियाओं का राज किस कदर हावी है। यह घटना न केवल वन विभाग के अधिकारियों के लिए बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों के लिए भी एक गंभीर चुनौती है।

क्या है मामला
दो जनवरी को डिप्टी रेंजर देवी सिंह भारद्वाज अपनी टीम के साथ सेमरिया सर्कल में गश्त पर थे। उन्हें सूचना मिली कि शिव तालाब के पास लकड़ी तस्करी के लिए पिकअप खड़ा है। जब वे मौके पर पहुंचे, तो पाया कि तस्कर टंपाल ध्रुव और उसके साथी वहां मौजूद थे। जांच के दौरान तस्करों और ग्रामीणों ने मिलकर न केवल डिप्टी रेंजर की वर्दी फाड़ दी, बल्कि कुल्हाड़ी लेकर जान से मारने की धमकी भी दी। डिप्टी रेंजर और उनकी टीम को अपनी जान बचाने के लिए जंगल में भागना पड़ा।

पर्यावरण संरक्षण पर भी सवाल
घटना के बाद कोटा थाने में शिकायत दर्ज की गई, और पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है। हालांकि, यह घटना एक बड़े सवाल को जन्म देती है: वन विभाग के अधिकारियों को सुरक्षा कब मिलेगी? जंगलों में कानून का पालन कराने वाले अधिकारी खुद असुरक्षित हैं, तो पर्यावरण संरक्षण के प्रयास कैसे सफल होंगे?

वनमाफिया की दखल बढ़ी
यह घटना वन माफियाओं की बढ़ती ताकत का उदाहरण है, जो ग्रामीणों को अपने साथ मिलाकर अधिकारियों के प्रयासों को बाधित कर रहे हैं। यह समस्या केवल वन विभाग की नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग को इससे खतरा है। जंगलों का विनाश न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को भी अंधकारमय बनाता है।

तस्करों के नेटवर्क को खत्म करने रणनीति बनाने की आवश्यकता

सरकार को तस्करों और उनके नेटवर्क को खत्म करने के लिए सख्त कानून लागू करने चाहिए। साथ ही, वन विभाग के कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक, हथियार, और सुरक्षा प्रशिक्षण से लैस करना आवश्यक है। पुलिस और वन विभाग के बीच समन्वय को मजबूत करने और वन माफियाओं के खिलाफ तेजी से कार्रवाई करने की आवश्यकता है।यह घटना एक चेतावनी है कि जंगलों और उनके संरक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कदम उठाने की जरूरत है। अगर वन माफियाओं को समय रहते नहीं रोका गया, तो जंगल और पर्यावरण दोनों का विनाश अवश्यंभावी है।

पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

आरोपी :– 1. टम्पाल ध्रुव पिता स्व गोविंद सिंह ध्रुव उम्र 40 वर्ष निवासी ग्राम सेमरिया थाना कोटा जिला बिलासपुर (छ. ग.)

🔶शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए वन विभाग के डिप्टी रेंजर के साथ गाली गलौज कर मारपीट करने वाले आरोपी को थाना कोटा पुलिस ने किया गिरफ्तार *

थाना कोटा में प्रार्थी डिप्टी रेंजर ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि दिनांक 02.01.2025 को ग्राम सेमरिया वन क्षेत्र बीट में लकड़ी तस्करी की सूचना पर ग्राम सेमरिया शिव तालाब के पास एक सफेद रंग के पिकप में लकड़ी भरकर चोरी कर परिवहन करने वाले आरोपियों टम्पाल ध्रुव , दिनेश ध्रुव, अंधियार सिंह उर्फ भूरवा के द्वारा डिप्टी रेंजर एवं गार्ड के साथ गाली गलौज कर मारपीट किए है। घटना से वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत करा गया जो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदया (ग्रामीण) श्रीमती अर्चना झा एवं अनुभागीय पुलिस अधिकारी कोटा श्रीमती नुपुर उपाध्याय के मार्गदर्शन में प्रथम सूचना पत्र कायम कर आरोपी टम्पाल ध्रुव को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। फरार अन्य आरोपियों की पता तलाश जारी है।

कार्यवाही में प्रभारी राज सिंह उप निरीक्षक मीना ठाकुर , सहायक उप निरीक्षक हेमंत पाटले , एवं थाना स्टाफ का सराहनीय योगदान है।

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