Latest news

छत्तीसगढ़ में नशीली दवाओं की मुख्य तस्कर तस्कर गिन्नी की 35 लाख रुपए की संपत्ति जब्त

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
7 Min Read

00 बिलासपुर पुलिस का बड़ा कदम: नशा तस्करों की अवैध संपत्ति पर आर्थिक प्रहार

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की बिलासपुर पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ एक बड़े अभियान के तहत न केवल आरोपियों को गिरफ्तार किया, बल्कि उनकी अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को भी जब्त करने की ऐतिहासिक कार्रवाई की। यह कार्रवाई एनडीपीएस (NDPS) एक्ट, 1985 के तहत की गई, जो नशे के अवैध कारोबार और उससे अर्जित संपत्ति को जब्त करने की अनुमति देता है।

मुख्य तस्कर गिन्नी जांगडे उर्फ गोदावरी की 35 लाख की थी संपत्ति

विशेष जांच के दौरान यह पाया गया कि मिनीबस्ती, बिलासपुर की मुख्य तस्कर सरगना गिन्नी जांगडे उर्फ गोदावरी ने अवैध मादक पदार्थों के कारोबार से करोड़ों की संपत्ति बनाई। वित्तीय जांच में खुलासा हुआ कि गिन्नी ने नशे की कमाई का उपयोग कर:

श्यामा रेजिडेंसी में फ्लैट (₹12 लाख) खरीदा।

सकरी हाफा रोड पर 1785 वर्गफुट भूमि (₹20 लाख) खरीदी।

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस की ₹2 लाख की पॉलिसी ली।

इन संपत्तियों को एनडीपीएस एक्ट के अध्याय VA धारा 68F के तहत अवैध घोषित करते हुए जब्त कर लिया गया।

END-TO-END और FINANCIAL INVESTIGATION के तहत कार्रवाई

END-TO-END जांच:
जांच के दौरान पुलिस ने नशे की दवाओं की खरीद-फरोख्त के पूरे नेटवर्क का पता लगाया।

आरोपिया सृष्टि कुर्रे को 150 नशीले इंजेक्शन (रेक्सोजेसिक बुफोनार्फिन) के साथ गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में सृष्टि ने बताया कि वह गिन्नी जांगडे उर्फ गोदावरी के साथ मिलकर नशे का कारोबार करती थी।

गिन्नी ने आगे खुलासा किया कि उसने नशीली दवाइयां रायपुर स्थित राजधानी मेडिकल और रवि इंटरप्राइजेज से खरीदी थीं।

रवि इंटरप्राइजेज के संचालक रवि मरकाम को भी गिरफ्तार किया गया।

FINANCIAL INVESTIGATION:
गिन्नी के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच में सामने आया कि उसके खाते में करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ।

उसके पास वैध आय का कोई स्रोत नहीं पाया गया।

आयकर विभाग और राजस्व विभाग से जांच में पुष्टि हुई कि इन संपत्तियों की खरीद अवैध धन से की गई।

एनडीपीएस एक्ट और SAFEMA के तहत कार्रवाई

एनडीपीएस एक्ट, 1985 के तहत नशीले पदार्थों के मामलों में मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित संपत्ति को फ्रीज करने और जब्त करने की शक्तियां दी गई हैं। इस प्रकरण में:

1. गिन्नी जांगडे की संपत्ति को SAFEMA कोर्ट, मुंबई को रिपोर्ट भेजकर कानूनी पुष्टि के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।

2. अन्य आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों की जानकारी जुटाने और जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है।

सरकार का रुख: नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति

माननीय केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का आह्वान किया है। इस नीति के तहत पुलिस ने END-TO-END और FINANCIAL INVESTIGATION को प्राथमिकता देते हुए कार्रवाई की।

NDPS एक्ट के तहत पंजीकृत मामलों में वित्तीय जांच के निर्देश दिए गए।

अवैध संपत्तियों को जब्त कर अपराधियों के आर्थिक स्रोत समाप्त किए जा रहे हैं।

विशेष टीम का योगदान

इस कार्रवाई को सफल बनाने के लिए विशेष टीम गठित की गई, जिसमें शामिल थे:

श्री रजनेश सिंह (पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर) के निर्देशन में:

श्री राजेन्द्र कुमार जायसवाल (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, शहर)

श्री अनुज कुमार (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण)

श्री निमितेश सिंह (नगर पुलिस अधीक्षक, सिविल लाइन)

श्री अक्षय प्रमोद साबद्रा (नगर पुलिस अधीक्षक, कोतवाली)

इसके अलावा एससीसीयू टीम के सदस्य, उपनिरीक्षक अमृत साहू, अवधेश सिंह और आरक्षक राकेश बंजारे एवं मुकेश वर्मा ने भी अहम भूमिका निभाई।

नशे के सौदागरों पर पर लगातार होगी कार्रवाई

बिलासपुर पुलिस ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नशा तस्करों के खिलाफ वित्तीय और कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

सभी पंजीकृत एनडीपीएस मामलों में वित्तीय जांच अनिवार्य रूप से की जाएगी।

नशा तस्करों की चल-अचल संपत्तियों को चिह्नित कर उन्हें जब्त किया जाएगा।

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के सहयोग से राज्य के बाहर सक्रिय तस्करी नेटवर्क का भी पता लगाया जाएगा।

पुलिस तक पहुंचाएं गुप्त जानकारी

मुखबिर तंत्र को मजबूत करें: नशे के कारोबार से जुड़ी किसी भी सूचना को गुप्त रूप से पुलिस तक पहुंचाएं।

जागरूकता अभियान: युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें।

नशे के नेटवर्क को तोड़ने में मिलेगी मदद

बिलासपुर पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह का कहना है कि यह कदम नशे के कारोबारियों के लिए एक सख्त संदेश है। अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ उनकी आर्थिक जड़ों को काटने की इस रणनीति से अवैध मादक पदार्थों के नेटवर्क को तोड़ने में बड़ी मदद मिलेगी। सरकार और प्रशासन की जीरो टॉलरेंस नीति से यह स्पष्ट है कि नशा तस्करों को किसी भी स्तर पर बख्शा नहीं जाएगा।

NDPS एक्ट 1985, अध्याय VA धारा 68F क्या है?

यह धारा मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति को जब्त करने का अधिकार प्रदान करती है।

संपत्ति की वैधता साबित करने का दायित्व आरोपी पर होता है।

यह कानून अपराधियों की आर्थिक जड़ें खत्म करने के लिए प्रभावी है।

SAFEMA कोर्ट क्या है?

SAFEMA (Smugglers and Foreign Exchange Manipulators Act) के तहत विशेष अदालत, जो अवैध धन से संबंधित मामलों में सुनवाई करती है।

यह अदालत संपत्तियों को जब्त और नष्ट करने के आदेश जारी कर सकती है।

END-TO-END INVESTIGATION क्यों जरूरी है?

तस्करी नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए।

मादक पदार्थों के स्रोत, वितरण और वित्तीय लेनदेन का पता लगाने में मददगार।

खबर को शेयर करने के लिए क्लिक करे।।