
मंत्री रामविचार नेताम ने बिलासपुर में योजनाओं की समीक्षा की, बोले- किसानों तक कागजों में नहीं, जमीन पर दिखना चाहिए योजनाओं का लाभ
बिलासपुर, 19 अगस्त 2026। जरहाभाठा स्थित आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के छात्रावास परिसर का अब नए सिरे से कायाकल्प होगा। मौजूदा परिसर को पीपीपी मॉडल पर मल्टी स्टोरी भवन के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इससे यहां रहने वाले विद्यार्थियों को बेहतर और आधुनिक आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने का रास्ता साफ होगा। आदिम जाति एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने बुधवार को बिलासपुर में विभागीय योजनाओं की समीक्षा के दौरान छात्रावास परिसर को मल्टी स्टोरी बिल्डिंग के रूप में विकसित करने की जानकारी दी।
मंत्री श्री नेताम ने कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी, मत्स्य तथा आदिवासी विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल कागजी आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका प्रत्यक्ष असर किसानों, ग्रामीणों और पात्र हितग्राहियों की जिंदगी में दिखाई देना चाहिए।
पीपीपी मॉडल से बदलेगी छात्रावास की तस्वीर
बैठक में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के छात्रावासों में प्रवेश की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने प्रवेश प्रक्रिया, छात्रावासों में उपलब्ध सुविधाओं और विद्यार्थियों के लिए जरूरी व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
इसी दौरान उन्होंने जरहाभाठा स्थित विभागीय छात्रावास परिसर को मल्टी स्टोरी भवन के रूप में विकसित करने की जानकारी दी। प्रस्तावित भवन का विकास पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के माध्यम से किया जाएगा। मल्टी स्टोरी भवन बनने से विद्यार्थियों के लिए अधिक व्यवस्थित, बेहतर और आधुनिक आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।
किसानों को सिर्फ योजना नहीं, उसका परिणाम भी दिखाएं
मंत्री श्री नेताम ने कृषि एवं पशुपालन विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं और उनसे किसानों को मिलने वाले लाभ की जानकारी केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुंचाने के साथ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि उन्हें योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ और उसका परिणाम दिखाई दे।
उन्होंने कहा कि जब किसान योजनाओं से होने वाला वास्तविक फायदा देखेंगे, तो अधिक से अधिक किसान उनसे जुड़ेंगे। इससे उनकी आय और कृषि उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
फलदार पौधों से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
उद्यानिकी विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने किसानों को अधिकाधिक पौधरोपण के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने फलदार और उपयोगी पौधों के रोपण को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
मंत्री ने कहा कि फलदार पौधों से किसानों के लिए खेती के अलावा आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित किए जा सकते हैं। इसके लिए विभागीय योजनाओं के माध्यम से किसानों को पौधे उपलब्ध कराने के साथ रोपण के बाद उनकी देखभाल और संरक्षण के लिए जरूरी मार्गदर्शन भी दिया जाए।
मत्स्य समेत सभी विभागों को मैदानी मॉनिटरिंग के निर्देश
मंत्री श्री नेताम ने मत्स्य विभाग सहित सभी विभागों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे, इसके लिए अधिकारी मैदानी स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग करें।
किसानों और हितग्राहियों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने पर भी उन्होंने जोर दिया, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों की जानकारी समय पर मिल सके और उनका समाधान किया जा सके।
योजनाओं का मकसद लोगों की जिंदगी में बदलाव
मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। इसलिए योजनाओं के क्रियान्वयन में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और परिणामपरक दृष्टिकोण के साथ काम किया जाए।
बैठक में कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी, मत्स्य और आदिवासी विकास विभाग से संबंधित योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई तथा पात्र किसानों, ग्रामीणों और हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।



