स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय तिफरा की राधिका, रजनी और हर्षिता की उपलब्धि; स्वतंत्रता दिवस समारोह में मंच पर हुआ सम्मान, गुरुजनों के मार्गदर्शन से मिली सफलता
बिलासपुर। सरकारी स्कूल की कक्षाओं से निकली प्रतिभा जब राष्ट्रीय स्तर की कठिन मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में सफलता का परचम लहराती है, तो यह उपलब्धि सिर्फ छात्राओं की नहीं, बल्कि पूरे स्कूल और शिक्षा व्यवस्था के लिए गर्व का विषय बन जाती है। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, तिफरा की तीन छात्राओं राधिका सूर्यवंशी, रजनी सूर्यवंशी और हर्षिता महला ने NEET क्वालिफाई कर यह साबित किया है कि लगन, मेहनत और शिक्षकों का सही मार्गदर्शन मिले तो सरकारी स्कूल के विद्यार्थी भी बड़े सपनों को हकीकत में बदल सकते हैं।
तीनों छात्राओं की इस उपलब्धि पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में स्कूल के मंच पर अतिथियों और शाला परिवार की ओर से उनका सम्मान किया गया। उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं।
डॉक्टर बनने का सपना, अब मंजिल की ओर कदम
NEET क्वालिफाई करने वाली तीनों छात्राओं ने भविष्य में डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करने का लक्ष्य रखा है। उनकी सफलता के पीछे नियमित अध्ययन, मेहनत और गुरुजनों का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा।
स्कूल परिवार ने छात्राओं की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मंच से सम्मानित किए जाने का क्षण छात्राओं, उनके परिवार और शिक्षकों के लिए खास रहा।
सरकारी स्कूल से मेडिकल क्षेत्र तक पहुंचने की उड़ान
तिफरा के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय की इन छात्राओं की सफलता सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है। तीनों ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर NEET जैसी प्रतिस्पर्धी परीक्षा में सफलता हासिल की।
यह उपलब्धि स्कूल में पढ़ाई कर रहे दूसरे विद्यार्थियों के लिए भी एक सकारात्मक संदेश है कि सपना बड़ा हो तो सरकारी स्कूल की कक्षा भी डॉक्टर बनने की राह खोल सकती है।
स्वतंत्रता दिवस पर सम्मान से बढ़ा हौसला
15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस समारोह में तीनों छात्राओं को मंच पर सम्मानित किया गया। अतिथियों, प्राचार्य और शाला परिवार ने उनकी सफलता की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सम्मान के इस अवसर पर छात्राओं की उपलब्धि स्कूल के लिए गर्व का विषय बनी। शिक्षकों के मार्गदर्शन और छात्राओं की मेहनत को इस सफलता का अहम आधार माना गया।
तीन नाम, एक सपना—समाज सेवा
राधिका सूर्यवंशी, रजनी सूर्यवंशी और हर्षिता महला अब मेडिकल क्षेत्र में आगे बढ़ने की तैयारी करेंगी। तीनों का लक्ष्य डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना है।
तिफरा के सरकारी स्कूल से निकली इन तीन छात्राओं की NEET सफलता ने स्वतंत्रता दिवस के मंच को भी उपलब्धि के एक यादगार पल में बदल दिया—जहां तिरंगे के सम्मान के साथ शिक्षा और मेहनत की सफलता का भी सम्मान हुआ।



