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बैकुंठपुर से बनारस तक रेलवे टिकट दलाली का नेटवर्क पकड़ा, 3 गिरफ्तार

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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RPF बिलासपुर की कार्रवाई; WhatsApp चैट में 60 आरक्षित टिकटों से जुड़ी सामग्री मिली, कीमत करीब 3.68 लाख रुपए—बस के जरिए बैकुंठपुर से बनारस भेजे जाते थे टिकट
बिलासपुर, 18 अगस्त। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में रेलवे आरक्षित टिकटों की अनधिकृत खरीद-बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में RPF ने अंतर्राज्यीय टिकट दलाल गिरोह का भंडाफोड़ किया है। जांच में बैकुंठपुर के सिटी PRS से लेकर बनारस और भदोही (उत्तर प्रदेश) तक फैले टिकट दलाली नेटवर्क का खुलासा हुआ है। RPF के मुताबिक टिकट तैयार करने से लेकर दूसरे राज्य तक पहुंचाने और ग्राहकों को अधिक कीमत पर बेचने तक पूरी श्रृंखला सामने आई है।
कार्रवाई वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त सौरव कुमार के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। मामले की जांच RPF निरीक्षक अंबिकापुर सुनीता मिंज ने की।
ऐसे सामने आया टिकट दलाली का नेटवर्क
जांच में सामने आया कि बैकुंठपुर के सिटी PRS का संचालन जिला प्रशासन से जुड़े एक संविदा कर्मचारी द्वारा किया जा रहा था। आरोप है कि टिकट तैयार किए जाने के बाद उन्हें बनारस भेजा जाता था। वहां मौजूद दलाल इन टिकटों को ग्राहकों को अधिक कीमत पर उपलब्ध कराता था।
टिकटों को बैकुंठपुर से बनारस तक पहुंचाने के लिए बस सेवा का इस्तेमाल किया जाता था। इस तरह रेलवे टिकट तैयार करने, उसे दूसरे राज्य तक पहुंचाने और ग्राहक को बेचने के बीच एक पूरा नेटवर्क काम कर रहा था।
WhatsApp चैट ने खोली नेटवर्क की परतें
जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच में WhatsApp चैट के जरिए 60 रेलवे आरक्षित टिकटों से संबंधित सामग्री सामने आई। इन टिकटों की कुल कीमत करीब 3.68 लाख रुपए बताई गई है।
जांच में यह भी सामने आया कि 14 टिकटों पर PNR और अन्य विवरण हस्तलिखित पाए गए। RPF के अनुसार गिरोह द्वारा इन टिकटों पर अवैध रूप से कमीशन और अतिरिक्त राशि अर्जित की जा रही थी।
इस डिजिटल चैट ने बैकुंठपुर से बनारस तक टिकटों की आवाजाही और कथित दलाली के नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में अहम भूमिका निभाई।
तीन आरोपी गिरफ्तार
मामले में RPF ने रेल अधिनियम की धारा 143 के तहत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर प्रकरण में संबद्ध किया है।
गिरफ्तार आरोपियों में—
अविनाश कुमार (35), कोरिया
संजय विश्वकर्मा (48), भदोही, उत्तर प्रदेश
रवि शंकर (38), सूरजपुर
शामिल हैं।
RPF के मुताबिक मामले में अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। उनकी पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
बैकुंठपुर से बनारस तक ऐसे चलता था नेटवर्क
जांच में सामने आई कड़ियों के अनुसार टिकट दलाली की पूरी प्रक्रिया में अलग-अलग स्तर पर भूमिकाएं तय थीं। बैकुंठपुर के सिटी PRS से टिकट तैयार होने के बाद उन्हें बस के माध्यम से बनारस भेजा जाता था। बनारस/भदोही क्षेत्र में मौजूद दलाल कथित तौर पर इन्हें ग्राहकों को अधिक कीमत पर उपलब्ध कराता था।
इस नेटवर्क में टिकट की वास्तविक कीमत के ऊपर कमीशन और अतिरिक्त राशि वसूलने का आरोप है।
इस तरह RPF की जांच में टिकट तैयार करने से लेकर उसकी डिलीवरी और ग्राहक तक बिक्री की कड़ी सामने आई है।
Zero Tolerance के तहत कार्रवाई
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर मंडल में रेलवे आरक्षित टिकटों की अनधिकृत खरीद-बिक्री के खिलाफ अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत हुई इस कार्रवाई को रेलवे की “Zero Tolerance” नीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
RPF की कार्रवाई से टिकट दलाली और कालाबाजारी के खिलाफ रेलवे की सख्ती सामने आई है। कार्रवाई का उद्देश्य यात्रियों को आरक्षित टिकटों की निष्पक्ष और सुगम सुविधा उपलब्ध कराना तथा अनधिकृत तरीके से टिकटों की खरीद-बिक्री पर रोक लगाना है।
जांच एजेंसी अब नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।

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