बिलासपुर पुलिस ने जारी किए अलग-अलग आदेश, सेवा पुस्तिका में प्रशंसा से लेकर नकद पुरस्कार तक; ई-साक्ष्य और चार्जशीट में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
बिलासपुर। नए आपराधिक कानून के लागू होने के बाद बिलासपुर पुलिस ने थानों में कानून के प्रावधानों के पालन और तकनीकी प्रक्रिया की निगरानी तेज कर दी है। पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी अलग-अलग आदेशों में बेहतर काम करने वाले थाना प्रभारियों और पुलिसकर्मियों की सेवा पुस्तिका में प्रशंसा अंकित करने के साथ नकद पुरस्कार दिया गया है। वहीं, निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं करने वाले थाना प्रभारियों को भविष्य के लिए चेतावनी भी दी गई है।
पुलिस कार्यालय के आदेशों के मुताबिक 60/90 दिनों के भीतर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत करने के मामले में छह थाना प्रभारियों के बेहतर कार्य को देखते हुए उनकी सेवा पुस्तिका में प्रशंसा अंकित कर उन्हें पुरस्कृत किया गया है। इनमें महिला थाना प्रभारी निरीक्षक मानकुंवर सिदार, सरकंडा थाना प्रभारी निरीक्षक प्रदीप आर्य, सिरगिट्टी के निरीक्षक वाय.पी. सिंह, रतनपुर के निरीक्षक निलेश पाण्डेय, तोरवा के निरीक्षक रजनीश सिंह समेत अन्य अधिकारी शामिल हैं।
चार्जशीट तैयार करने में भी बेहतर काम
एक अन्य आदेश में 1 जुलाई 2024 से 4 अगस्त 2026 तक चार्जशीट का ड्राफ्ट तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत करने में उत्कृष्ट कार्य करने वाले नौ थाना प्रभारियों की सेवा पुस्तिका में प्रशंसा अंकित करने का निर्णय लिया गया है। इसमें सिविल लाइन, रतनपुर, सीपत, मस्तुरी, तोरवा, बिल्हा, कोनी, सिरगिट्टी और तखतपुर थाना प्रभारी शामिल हैं।
डिजिटल FIR और चार्जशीट अपलोड करने पर प्रशंसा
नए आपराधिक कानून के तहत डिजिटल साइन FIR और चार्जशीट को सीसीटीएनएस सॉफ्टवेयर में अपलोड करने में बेहतर काम करने वाले छह थाना प्रभारियों को भी प्रशंसा दी गई है। पुलिस आदेश में सिरगिट्टी, सकरी, मस्तुरी, सरकंडा, बिल्हा और पचपेड़ी थाना प्रभारियों के नाम शामिल हैं।
ई-साक्ष्य तैयार करने वालों को नकद पुरस्कार
पुलिस ने नए कानून के तहत दर्ज अपराधों की विवेचना में ई-साक्ष्य तैयार कर SID जनरेट करने और उसे संबंधित अपराध से लिंक करने में बेहतर काम करने वाले 10 पुलिसकर्मियों को नकद पुरस्कार देने का आदेश भी जारी किया है।
इन सभी को 500-500 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। इस तरह कुल 5 हजार रुपये की राशि पुरस्कार के रूप में निर्धारित की गई है। पुरस्कार पाने वालों में सकरी, कोटा, सिरगिट्टी, सीपत, सरकंडा और तखतपुर थाने के पुलिसकर्मी शामिल हैं।
E-FSL डाटा भेजने में भी बेहतर प्रदर्शन
1 जुलाई 2024 से 4 अगस्त 2026 तक E-FSL डाटा रासायनिक परीक्षण के लिए भेजने के मामले में भी नौ थाना प्रभारियों के कार्य को उत्कृष्ट माना गया है। इनमें सरकंडा, सिरगिट्टी, सिविल लाइन, सकरी, रतनपुर, सीपत, तोरवा, कोनी और तखतपुर थाना प्रभारी शामिल हैं। इनकी सेवा पुस्तिका में प्रशंसा अंकित की जाएगी।
दूसरी तरफ लापरवाही पर चेतावनी
जहां बेहतर काम करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहित किया गया है, वहीं नए कानून की प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वालों पर भी पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने सख्त रुख अपनाया है।
एक आदेश में डिजिटल साइन FIR और चार्जशीट को सीसीटीएनएस सॉफ्टवेयर में अपलोड करने में नए कानून के प्रावधानों का पालन नहीं करने वाले 10 थाना प्रभारियों को भविष्य के लिए चेतावनी दी गई है। इनमें अजाक, चकरभाठा, सिटी कोतवाली, सिविल लाइन, कोनी, रतनपुर, तारबाहर, तोरवा, मोपका और बेलगहना से जुड़े अधिकारी शामिल हैं।
ई-साक्ष्य में लापरवाही पर भी चेतावनी
एक अन्य आदेश में नए कानून के तहत दर्ज अपराधों की विवेचना में ई-साक्ष्य तैयार कर SID जनरेट करने और उसे अपराध से लिंक करने में लापरवाही पाए जाने पर आठ थाना प्रभारियों को चेतावनी दी गई है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ई-साक्ष्य से जुड़े प्रावधानों की पुनरावृत्ति होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
60/90 दिन में चार्जशीट नहीं होने पर 18 थाना प्रभारी घेरे में
सबसे महत्वपूर्ण आदेश में जिले के विभिन्न थानों में दर्ज प्रकरणों में 60/90 दिनों के भीतर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण 18 थाना प्रभारियों की सेवा पुस्तिका में चेतावनी अंकित करने का निर्णय लिया गया है।
इस सूची में बिल्हा, सीपत, मस्तुरी, तखतपुर, सिटी कोतवाली, कोनी, सिविल लाइन, सकरी, चकरभाठा, तारबाहर, पचपेड़ी, हिर्री, रतनपुर, महिला थाना, अजाक, तोरवा, सिरगिट्टी और रेंज साइबर थाना के प्रभारी शामिल हैं।
नए कानून के साथ तकनीकी प्रक्रिया पर फोकस
पुलिस के इन आदेशों से स्पष्ट है कि नए आपराधिक कानून के लागू होने के बाद सिर्फ अपराधों की विवेचना ही नहीं, बल्कि चार्जशीट की समयसीमा, डिजिटल FIR, डिजिटल चार्जशीट, ई-साक्ष्य, SID जनरेशन, E-FSL और MedLEaPR पोर्टल जैसी तकनीकी प्रक्रियाओं को भी प्रदर्शन का आधार बनाया जा रहा है।
एक तरफ उत्कृष्ट कार्य करने वालों की सेवा पुस्तिका में प्रशंसा दर्ज कर उन्हें प्रोत्साहित किया गया है, वहीं दूसरी तरफ प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वालों को चेतावनी देकर भविष्य में सुधार के निर्देश दिए गए हैं।



