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चुनाव लड़ने के सवाल पर भूपेंद्र सवन्नी बोले- हर किसी की राजनीतिक महत्वाकांक्षा होती है, मेरी क्यों नहीं होगी

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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भाजपा के ‘थिंक टैंक’ का सियासी संकेत- पार्टी जो आदेश करेगी, स्वीकार करूंगा; जनसंघ से जुड़े पिता को बताया प्रेरणा, कार्यकर्ताओं को माना राजनीतिक गुरु

मोहम्मद इसराइल


बिलासपुर। भाजपा के संगठनात्मक रणनीतिकार और क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी ने चुनाव लड़ने के सवाल पर अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा को लेकर खुलकर बात की। बिलासपुर प्रेस क्लब के पारंपरिक कार्यक्रम ‘पहुना’ में रविवार को जब उनसे चुनाव लड़ने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, “हर किसी की राजनीतिक महत्वाकांक्षा होती है, मेरी क्यों नहीं होगी। पार्टी जो आदेश करेगी, वह स्वीकार है।”
सवन्नी ने चुनाव लड़ने की इच्छा से इनकार नहीं किया, लेकिन किसी विधानसभा सीट पर अपनी दावेदारी भी सामने नहीं रखी। उन्होंने राजनीतिक भविष्य को लेकर फैसला पार्टी और संगठन पर छोड़ते हुए स्पष्ट किया कि पार्टी का आदेश उनके लिए सर्वोपरि होगा। उनके इस बयान से कार्यक्रम के दौरान उनकी आगे की चुनावी भूमिका को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज रही।

बिलासपुर प्रेस क्लब के कार्यालय सहायक आदि मानिकपुर से मिलकर गदगद हुए क्रेडा के अध्यक्ष।

जनसंघ से जुड़े पिता से मिली राजनीति की पहली प्रेरणा
बिलासपुर प्रेस क्लब के ‘पहुना’ कार्यक्रम में भूपेंद्र सवन्नी ने विद्यार्थी जीवन से लेकर भाजपा के प्रदेश स्तर के संगठनात्मक दायित्वों तक के अपने सफर को विस्तार से साझा किया। उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा का श्रेय अपने पिता स्वर्गीय इन्द्रसेन सवन्नी को दिया।
सवन्नी ने बताया कि उनके पिता बिल्हा क्षेत्र में जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में रहे। परिवार में राजनीतिक गतिविधियों और संगठन से जुड़ाव ने उन्हें बचपन से प्रभावित किया। वर्ष 1987 में पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सक्रिय रूप से पार्टी के लिए काम शुरू किया।
उस समय बिल्हा में पहली बार जनसंघ की ओर से सरपंच निर्वाचित हुआ था। जीत के बाद निकली विजय रैली ने उन्हें प्रभावित किया और वे एक छोटे कार्यकर्ता के तौर पर संगठन से जुड़ गए। विद्यार्थी जीवन में भी चुनावों के दौरान उन्हें एजेंट की जिम्मेदारी मिलती रही।
वार्ड अध्यक्ष से शुरू हुआ सफर, प्रदेश महामंत्री तक पहुंचा
सवन्नी ने बताया कि लगातार सक्रियता के चलते संगठन में उन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां मिलती गईं। उन्होंने वार्ड अध्यक्ष और नगर अध्यक्ष के दायित्व संभाले। वर्ष 1993 में बिल्हा युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली।
इसी दौरान बिल्हा विधानसभा से भाजपा ने धरमलाल कौशिक को प्रत्याशी बनाया। सवन्नी को चुनाव संचालन की जिम्मेदारी मिली। उस चुनाव में भाजपा करीब 187 मतों से चुनाव हार गई
वर्ष 1998 में उन्हें दोबारा चुनाव संचालन की जिम्मेदारी मिली। संगठन में उनकी सक्रियता और चुनाव प्रबंधन क्षमता को देखते हुए उन्हें भाजपा जिला महामंत्री बनाया गया।
उस समय बिलासपुर जिले में 9 विधानसभा सीटें हुआ करती थीं। सवन्नी के अनुसार भाजपा ने इनमें से 6 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इसके बाद उन्हें भाजपा जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली।
संगठन में लगातार सक्रिय रहने के बाद वर्ष 2010 में जिलाध्यक्ष से प्रदेश महामंत्री बनाया गया। वर्ष 2013 में दोबारा प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी मिली और वर्ष 2020 में तीसरी बार उन्हें यह दायित्व सौंपा गया।
30 लाख ऑनलाइन सदस्य बनाने का लक्ष्य भी संभाला
भूपेंद्र सवन्नी ने भाजपा के सदस्यता अभियान में मिली जिम्मेदारी का भी उल्लेख किया। ऑनलाइन सदस्यता अभियान के दौरान उन्हें छत्तीसगढ़ प्रभारी बनाया गया था। प्रदेश में 30 लाख नए सदस्यों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया था।
इसके बाद संगठन ने उन्हें भाजपा प्रवक्ता की जिम्मेदारी सौंपी। आगे चलकर वे हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन भी बनाए गए।
हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष रहते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना के शुभारंभ का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि नया रायपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में प्रधानमंत्री आवास योजना का भव्य शुभारंभ कराया गया था।
2018 से 2023 के कांग्रेस शासन पर भी बोले
सवन्नी ने वर्ष 2018 से 2023 के बीच प्रदेश में कांग्रेस सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में लोगों को आवास नहीं मिलने से आम जनता में निराशा और अविश्वास की स्थिति बनी।
उनके मुताबिक इस स्थिति का राजनीतिक लाभ बाद में भाजपा को मिला और प्रदेश में भाजपा की वापसी का रास्ता मजबूत हुआ।
कांग्रेस का गढ़ रहा बिल्हा अब भाजपा का मजबूत गढ़
भूपेंद्र सवन्नी ने बिल्हा विधानसभा के बदलते राजनीतिक समीकरणों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक समय बिल्हा कांग्रेस का गढ़ माना जाता था, लेकिन अब यह भाजपा के मजबूत गढ़ के रूप में पहचान बना चुका है।
बिल्हा से उनकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत और लगातार संगठनात्मक सक्रियता को देखते हुए चुनाव लड़ने के सवाल पर उनका जवाब कार्यक्रम में खास राजनीतिक चर्चा का विषय रहा। हालांकि उन्होंने किसी सीट का नाम नहीं लिया और न ही चुनाव लड़ने की औपचारिक घोषणा की।
अब क्रेडा अध्यक्ष की जिम्मेदारी
वर्तमान में क्रेडा अध्यक्ष के रूप में काम कर रहे सवन्नी ने क्रेडा की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि क्रेडा के माध्यम से प्रदेशभर में कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं और इन योजनाओं को राजनीतिक जनभावनाओं से ऊपर उठकर आम जनता के हित में आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन के उतार-चढ़ाव और संगठन में बिताए शुरुआती दिनों को भी याद किया। सवन्नी ने कहा कि उनके पिता उनके लिए प्रेरणा रहे, जबकि पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता और संगठन उनके राजनीतिक गुरु बने। इन्हीं से मिले मार्गदर्शन ने उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
प्रेस क्लब के ‘पहुना’ में जुटे पत्रकार
कार्यक्रम के दौरान बिलासपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष अजित मिश्रा, उपाध्यक्ष विजयक्रांति तिवारी, सचिव संदीप करिहार, कोषाध्यक्ष किशोर कुमार सिंह और कार्यकारिणी सदस्य कैलाश यादव ने पुष्पगुच्छ देकर भूपेंद्र सवन्नी का स्वागत किया। उन्हें साल एवं प्रतीक चिह्न भेंट कर अभिवादन किया गया।
प्रेसवार्ता में पूर्व प्रेस क्लब अध्यक्ष तिलकराज सलूजा, वरिष्ठ पत्रकार गणेश विश्वकर्मा, सैयद जफर,  प्रेस क्लब के कार्यालय सहायक आदि मानिकपुरी सहित प्रेस क्लब के अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।

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