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बिल्हा के स्कूलों से सैनिकों के लिए पहुंचेंगी 4100 राखियां, बच्चों ने लिखे स्नेह और सम्मान के संदेश

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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‘ऑपरेशन सिपाही रक्षा-सूत्र’ अभियान में विद्यार्थियों ने खुद तैयार कीं राखियां, 15 अगस्त तक जारी रहेगा अभियान
बिलासपुर/बिल्हा। रक्षाबंधन के अवसर पर बिल्हा विकासखंड के स्कूली बच्चों ने देश की सीमाओं पर तैनात सैनिकों के लिए 4100 राखियां और शुभकामना संदेश भेजे हैं। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, छत्तीसगढ़ के ‘ऑपरेशन सिपाही रक्षा-सूत्र अभियान’ के तहत विकासखंड के विभिन्न शासकीय और अशासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने खुद राखियां तैयार कीं और सैनिकों के प्रति सम्मान, स्नेह, कृतज्ञता और शुभकामनाओं से भरे संदेश लिखे। ये राखियां और पत्र अभियान के माध्यम से सैनिकों तक पहुंचाए जाएंगे।
कार्यक्रम में सहायक राज्य आयुक्त (स्काउट) राजेश सौंथालिया, जिला मुख्य आयुक्त भारत स्काउट्स एवं गाइड्स बिलासपुर राजेंद्र साहू और डॉ. पूनम सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। विकासखंड शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र कौशिक, सहायक खंड शिक्षा अधिकारी दीप्ति गुप्ता और मुकेश अग्रवाल ने विभिन्न स्कूलों से संकलित राखियां एवं संदेश पत्र भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के प्रतिनिधियों को सौंपे। विकासखंड के स्कूलों में रक्षा-सूत्र अभियान 15 अगस्त तक जारी रहेगा।
सैनिकों के सम्मान में बच्चों का संदेश
कार्यक्रम में अतिथियों ने कहा कि भारतीय सैनिक कठिन परिस्थितियों में देश की सीमाओं की सुरक्षा करते हैं। रक्षाबंधन जैसे भावनात्मक पर्व पर विद्यार्थियों की ओर से भेजे गए रक्षा-सूत्र और शुभकामना संदेश सैनिकों के प्रति समाज के सम्मान और आत्मीयता का प्रतीक हैं। ऐसे अभियान बच्चों में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन, सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करते हैं।
अभियान के तहत सैनिकों के लिए जारी संदेश में कहा गया कि रक्षाबंधन के पावन पर्व पर देश के वीर सैनिकों को शुभकामनाएं। रक्षा-सूत्र विश्वास, सम्मान और आभार का प्रतीक है। सैनिक सुरक्षित और स्वस्थ रहें तथा मां भारती की सेवा में सदैव विजयी रहें। पूरा देश उनके साथ है।
‘सिर्फ राखी नहीं, भावनाओं का संदेश’
विकासखंड शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र कौशिक ने अभियान में शामिल सभी विद्यालयों, शिक्षकों और विद्यार्थियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का यह प्रयास महज औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति उनकी भावनात्मक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान हासिल करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना, मानवीय संवेदना और सामाजिक मूल्यों का विकास करना भी है।
कार्यक्रम में प्राचार्य श्रीमती अलका गांगुली, बीआरसी देवी प्रसाद चंद्राकर, सुनील पाण्डेय, वीरेन्द्र अजित कुजूर, राकेश शुक्ला, देवनारायण यादव, राम द्विवेदी, योगेंद्र वर्मा, विकास साहू, जिला संगठन आयुक्त (गाइड) संतोष त्रिपाठी, जिला प्रशिक्षण आयुक्त (स्काउट) देवव्रत मिश्रा, एएलटी (स्काउट) कौशल्या साहू, गाइडर-HWB, अकाउंटेंट अशोक क्षत्री, सूर्या केवट, प्रदीप जयसवाल, सौरभ मजुमदार, धर्मेंद्र राजपूत और रश्मि महेश यादव सहित भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के पदाधिकारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी और शिक्षक मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने विश्वास जताया कि बच्चों द्वारा प्रेम और सम्मान से भेजी गई राखियां एवं शुभकामना संदेश सीमाओं पर तैनात सैनिकों तक पहुंचकर उनका मनोबल बढ़ाएंगे और उन्हें यह अहसास कराएंगे कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है तथा उनके त्याग और समर्पण का सम्मान करता है।

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