

INSPIRE MANAK-NLPEC 2024-25 में तृषा कमलेश और रेणुका धनुहार ने बनाई जगह, ग्रामीण अंचल की वैज्ञानिक सोच पहुंची राष्ट्रीय मंच तक
बिलासपुर/बिल्हा। बिल्हा विकासखंड की दो छात्राओं ने विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) की प्रतिष्ठित INSPIRE MANAK (National Level Exhibition and Project Competition-NLPEC 2024-25) के राष्ट्रीय स्तर के लिए शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाली तृषा कुमारी कमलेश और रेणुका धनुहार का चयन हुआ है। दोनों छात्राओं के राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने से विद्यालय परिवार, शिक्षकों, विद्यार्थियों और शिक्षा विभाग में खुशी का माहौल है।
तृषा कुमारी कमलेश शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिजौर की छात्रा हैं। उन्होंने ‘WeatherGuard SmartBag’ नाम से नवाचार तैयार किया है। इसका उद्देश्य बारिश और नमी जैसी मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों से विद्यार्थियों की किताबों, कॉपियों और जरूरी शैक्षणिक सामग्री को सुरक्षित रखना है।
वहीं रेणुका धनुहार, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देव्रीखुर्द की छात्रा हैं। उन्होंने ‘Wallmounted Spit Detection and Alarm System’ तैयार किया है। इसका उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर थूकने जैसी अस्वच्छ आदतों को रोकने के लिए तत्काल चेतावनी देना और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है।
ऐसे काम करता है रेणुका का सिस्टम
रेणुका के मॉडल में दीवार पर करीब 2 मिमी के अंतराल पर गैल्वेनाइज्ड आयरन की दो जालियां लगाई जाती हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति उन पर थूकता है और लार दोनों जालियों को जोड़ती है, सर्किट पूरा हो जाता है और तेज अलार्म बजने लगता है।
इसका उद्देश्य सार्वजनिक स्थान पर थूकने वाले व्यक्ति को तत्काल चेतावनी देकर ऐसी हरकत रोकना और आसपास के लोगों में स्वच्छता को लेकर जागरूकता पैदा करना है। परीक्षण के बाद इस मॉडल को बस स्टैंड, स्कूल और सरकारी कार्यालयों जैसी सार्वजनिक जगहों पर लगाए जाने की योजना बताई गई है। विशेषज्ञों के अनुसार तत्काल फीडबैक देने वाली ऐसी व्यवस्था लोगों में जागरूकता बढ़ाने और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने की आदत कम करने में मदद कर सकती है।
बारिश में किताबों को सुरक्षित रखेगा ‘WeatherGuard SmartBag’
बिजौर स्कूल की तृषा कुमारी कमलेश ने ‘WeatherGuard SmartBag’ तैयार किया है। यह नवाचार विशेष रूप से बारिश और नमी से विद्यार्थियों की किताबों, कॉपियों और अन्य शैक्षणिक सामग्री को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से बनाया गया है। ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल की छात्रा का यह मॉडल राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता तक पहुंचना क्षेत्र के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि माना जा रहा है।
नोट: उपलब्ध कराए गए विवरण में तृषा की कक्षा को एक जगह 10वीं और दूसरी जगह 11वीं बताया गया है। इसलिए रिपोर्ट में कक्षा का उल्लेख नहीं किया गया है, ताकि तथ्यात्मक विरोधाभास न रहे।
राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने पर मिलती है विशेष मदद
INSPIRE MANAK योजना के तहत चयनित प्रत्येक विद्यार्थी को अपने नवाचार का मॉडल या प्रोटोटाइप विकसित करने के लिए 10 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि DBT के माध्यम से दी जाती है। राष्ट्रीय स्तर यानी NLPEC तक पहुंचने वाले विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और तकनीकी संस्थानों के विशेषज्ञों की ओर से विशेष मेंटरशिप, तकनीकी मार्गदर्शन और आवश्यक वित्तीय सहयोग भी उपलब्ध कराया जाता है।
योजना के अंतिम चरण में राष्ट्रीय स्तर पर चुने गए श्रेष्ठ नवाचारों को उत्पाद विकास, पेटेंट कराने तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रदर्शित करने के अवसर भी मिलते हैं।
शिक्षकों ने दी बधाई
इस उपलब्धि पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र कौशिक, INSPIRE Award प्रभारी मुकेश अग्रवाल, सहायक खंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती दीप्ति गुप्ता, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देव्रीखुर्द की प्राचार्या श्रीमती परगनिया, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिजौर के प्राचार्य श्री सीके धृतलहरे, समन्वयक धर्मेंद्र पांडे, योगेश पांडे और रात्रे सहित शिक्षक परिवार ने दोनों छात्राओं को बधाई दी है।
शिक्षकों और अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि दोनों छात्राएं राष्ट्रीय स्तर पर भी बेहतर प्रदर्शन कर बिलासपुर और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेंगी। दोनों छात्राओं की उपलब्धि को बिल्हा विकासखंड के लिए प्रेरणादायी बताया गया है।
बिल्हा ब्लॉक की इन दोनों छात्राओं का राष्ट्रीय स्तर पर चयन यह भी दिखाता है कि ग्रामीण अंचलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी वैज्ञानिक सोच और नवाचार के दम पर राष्ट्रीय मंच तक पहुंच सकते हैं। उनकी उपलब्धि क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों को विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने वाली है तथा शिक्षा विभाग के नवाचार आधारित प्रयासों को भी नई ऊर्जा देने वाली मानी जा रही है।



