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VSK ऐप पर सरकार का बड़ा ऐलान, तकनीकी गड़बड़ी से किसी शिक्षक का वेतन नहीं कटेगा

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव बोले- 15 अगस्त तक दूर होंगी तकनीकी खामियां, 1.75 लाख में से करीब 1.50 लाख शिक्षक रोज दर्ज कर रहे ऑनलाइन उपस्थिति

रायपुर। वीएसके (VSK) ऐप में आ रही तकनीकी समस्याओं और शिक्षकों की लगातार मिल रही शिकायतों के बीच राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने स्पष्ट किया है कि ऐप में तकनीकी त्रुटियों के कारण प्रदेश के किसी भी शिक्षक का वेतन नहीं काटा जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को इस संबंध में किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि शिक्षक संगठनों और शिक्षकों द्वारा लगातार ऐप में एरर और ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में आ रही दिक्कतों की जानकारी सरकार को दी गई थी। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों और तकनीकी टीम को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने लक्ष्य तय किया है कि 15 अगस्त तक VSK ऐप में मौजूद तकनीकी खामियों का समाधान कर इसे पूरी तरह सुचारु बनाया जाएगा, ताकि शिक्षकों को ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि प्रदेश में लगभग 1 लाख 75 हजार शिक्षक कार्यरत हैं, जिनमें से करीब 1 लाख 50 हजार शिक्षक, यानी लगभग 85 प्रतिशत शिक्षक, प्रतिदिन VSK ऐप के माध्यम से अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। उन्होंने इसे शिक्षा व्यवस्था में तकनीक के सफल उपयोग का सकारात्मक संकेत बताया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के शिक्षक केवल शिक्षण कार्य तक सीमित नहीं हैं, बल्कि डिजिटल व्यवस्था को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सरकार उनके सहयोग, अनुशासन और समर्पण का सम्मान करती है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षकों से प्राप्त सुझावों और अनुभवों के आधार पर VSK ऐप को और अधिक सरल, उपयोगी तथा प्रभावी बनाया जाएगा। यदि किसी शिक्षक को तकनीकी कारणों से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में समस्या आती है, तो उसके हित पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे और उसे किसी प्रकार का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने सभी शिक्षकों से अपील की कि वे पहले की तरह VSK ऐप का उपयोग जारी रखें। यदि किसी प्रकार की तकनीकी समस्या या सुधार संबंधी सुझाव हो तो उसे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएं। सरकार प्रत्येक सुझाव का परीक्षण कर आवश्यक सुधार करेगी, ताकि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक-सक्षम बन सके।

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