सरगुजा संभाग में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी, बिलासपुर-रायपुर समेत कई जिलों में येलो अलर्ट; बाढ़, जलभराव और बिजली गिरने के खतरे के बीच NDRF-SDRF से लेकर स्वास्थ्य, पुलिस और बिजली विभाग तक अलर्ट मोड पर
रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार सक्रिय मानसून और कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी के बीच राज्य सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा प्रदेश के कई जिलों के लिए रेड और येलो अलर्ट जारी किए जाने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी जिला कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और संबंधित विभागों के अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि जन सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
आईएमडी के अनुसार प्रदेश में सक्रिय मानसूनी तंत्र के प्रभाव से अगले 24 घंटों के दौरान कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से सरगुजा संभाग के जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए प्रशासन और आम लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की सलाह दी है।
इन जिलों में रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज और जशपुर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा, अचानक जलभराव, छोटे नदी-नालों में उफान, सड़क संपर्क बाधित होने तथा जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
इन जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, कबीरधाम, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार-भाटापारा, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी), सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ सहित कई जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।
सीएम के सख्त निर्देश, 24 घंटे निगरानी के आदेश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि संभावित बाढ़ एवं जलभराव वाले क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाए। संवेदनशील स्थानों की पहले से पहचान कर आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जाएं और जहां जरूरत हो वहां लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि न हो।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार रहे। नदी-नालों, जलाशयों और बांधों के जलस्तर की लगातार समीक्षा की जाए तथा जोखिम वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जाए।
राहत शिविरों में हर जरूरी सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों को निर्देशित किया है कि राहत शिविरों में भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयां, प्राथमिक उपचार, बिजली, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए। साथ ही महिलाओं, बच्चों, वृद्धजनों और दिव्यांगजनों जैसे संवेदनशील वर्गों की विशेष देखभाल की जाए।
NDRF-SDRF सहित सभी एजेंसियां अलर्ट पर
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), पुलिस, होमगार्ड, नगर सेना, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, विद्युत वितरण कंपनी और अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ पूरी तत्परता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि नाव, बचाव उपकरण, राहत सामग्री, एम्बुलेंस, संचार व्यवस्था और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता हर जिले में सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
24×7 कंट्रोल रूम और लगातार मॉनिटरिंग
मुख्यमंत्री ने जिला एवं राज्य स्तर पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। मौसम की स्थिति, जलाशयों के जलस्तर, नदी-नालों के बहाव और संभावित खतरे वाले क्षेत्रों की लगातार समीक्षा की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर बिना विलंब राहत एवं बचाव अभियान शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रदेशवासियों से विशेष अपील
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। अनावश्यक रूप से नदी-नालों, पुल-पुलियों और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें तथा किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तत्काल स्थानीय प्रशासन को दें।
मौसम विभाग की चेतावनी
आईएमडी ने कहा है कि लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। निचले इलाकों में जलभराव, ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क मार्ग बाधित होने, पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति प्रभावित होने तथा आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।



