

नकली-एनालॉग पनीर पर भी सख्ती; स्वास्थ्य मंत्री ने गिनाईं उपलब्धियां और किए बड़े ऐलान
बढ़ते मलेरिया मामलों और एनालॉग पनीर को लेकर मचे बवाल के बीच प्रेस कॉन्फ्रेंस; बोले- ‘एक भी मलेरिया मृत्यु न हो, यही हमारा लक्ष्य’, 34.29 लाख लोगों की जांच, 375 नई 108 एम्बुलेंस, सभी मेडिकल कॉलेजों में पैरामेडिकल कोर्स शुरू होंगे
रायपुर। प्रदेश में हाल के दिनों में मलेरिया से हुई मौतों और बाजार में नकली व एनालॉग पनीर को लेकर बढ़ी चिंताओं के बीच स्वास्थ्य विभाग ने अपनी रणनीति और उपलब्धियों का बड़ा खाका सामने रखा है। राजधानी रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मलेरिया पर “निर्णायक प्रहार” का दावा करते हुए कहा कि “मलेरिया से एक भी मृत्यु न हो, यही हमारा लक्ष्य है।” वहीं खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए प्रदेश में एनालॉग पनीर के उपयोग और विक्रय पर प्रभावी प्रतिबंध सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंत्री ने मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान, मलेरिया नियंत्रण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं, आधुनिक पैथोलॉजी जांच और स्वास्थ्य शिक्षा से जुड़ी कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां और नई पहल भी साझा कीं।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 34.29 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जो लक्षित आबादी का लगभग 99 प्रतिशत है। अभियान के दौरान मलेरिया, टीबी, सिकल सेल, कुष्ठ रोग और मुख कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान कर उपचार शुरू कराया गया। 60 हजार से अधिक गंभीर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया, जबकि 10,938 हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी और उपचार सुनिश्चित किया गया।
हाल के दिनों में सामने आए मलेरिया के मामलों का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग पूरी सतर्कता के साथ काम कर रहा है। मितानिन, एएनएम और स्वास्थ्य कर्मियों की टीमें गांव-गांव पहुंचकर जांच, उपचार, सर्वे और जनजागरूकता अभियान चला रही हैं। उन्होंने दावा किया कि बस्तर संभाग की मलेरिया पॉजिटिविटी दर 4.60 प्रतिशत से घटकर 0.48 प्रतिशत और प्रदेश का वार्षिक परजीवी सूचकांक (API) 5.21 से घटकर 0.90 तक पहुंच गया है।
इसके अलावा उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11.89 लाख से अधिक संस्थागत प्रसव कराए गए हैं। जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच 375 नई 108 संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस के माध्यम से 6.50 लाख से अधिक लोगों को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। राज्य के 1,051 स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक पैथोलॉजी जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और सभी 10 मेडिकल कॉलेजों में पैरामेडिकल पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
खाद्य सुरक्षा पर जोर देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में एनालॉग पनीर के उपयोग और बिक्री पर प्रभावी प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाएगा तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।



