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“मंत्री नहीं बना तो क्या हुआ… विधानसभा अध्यक्ष का दायित्व उससे बड़ा था”: बिलासपुर में धरमलाल कौशिक का बड़ा राजनीतिक बयान, बोले— ‘मुंगेरीलाल के हसीन सपनों में नहीं, जमीनी हकीकत में रहना चाहिए’

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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प्रेस क्लब के ‘हमर पहुना’ कार्यक्रम में बोले पूर्व विधानसभा अध्यक्ष, मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने के सवाल पर दिया स्पष्ट जवाब; विकास कार्यों, संगठन और अपने राजनीतिक सफर पर भी रखी बेबाक राय
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में लंबे समय से चल रही चर्चाओं के बीच पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने को लेकर पहली बार सार्वजनिक मंच से बड़ा राजनीतिक बयान दिया। बिलासपुर प्रेस क्लब के “हमर पहुना” कार्यक्रम में जब उनसे मंत्री नहीं बनाए जाने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने बिना किसी लाग-लपेट के कहा, “मुंगेरीलाल के हसीन सपनों में नहीं, जमीनी हकीकत में रहना चाहिए। पार्टी ने मुझे बहुत कुछ दिया है। मंत्री से बड़ा दायित्व विधानसभा अध्यक्ष का मिला। आज मैं विधायक हूं और संगठन की जिम्मेदारी भी निभा रहा हूं।”

धरमलाल कौशिक का यह बयान ऐसे समय आया है जब प्रदेश की राजनीति में मंत्रिमंडल विस्तार और संगठन में संभावित बदलावों को लेकर लगातार चर्चाएं जारी हैं। उन्होंने अपने जवाब से स्पष्ट संकेत दिया कि वह व्यक्तिगत पद की अपेक्षा संगठन द्वारा दिए गए दायित्व को अधिक महत्वपूर्ण मानते हैं।


पत्रकारों से संवाद के दौरान कौशिक ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सरकार के दो वर्षों के कार्यकाल में प्रदेश के विकास को नई गति मिली है। उन्होंने दावा किया कि बिल्हा विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश में सिंचाई, सड़क, शिक्षा, बिजली और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि का काम केवल चुनाव जीतना नहीं बल्कि जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना भी है।
उन्होंने बताया कि अरपा-भैंसाझार सिंचाई परियोजना अंतिम चरण में है। इसके पूरा होने के बाद करीब 67 हजार एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इसके अलावा पथरिया बैराज के लिए 55 करोड़ रुपये तथा दगौरी रेल लाइन के आगे सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 70 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। मनियारी परियोजना पर भी तेजी से काम जारी है।
शिक्षा के क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कौशिक ने कहा कि उनके क्षेत्र के अधिकांश स्कूलों का दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा है। कई विद्यार्थियों ने 95 से 96 प्रतिशत तक अंक प्राप्त किए हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में छात्राओं की शिक्षा को लेकर सकारात्मक बदलाव आया है और कई विद्यालयों में छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक हो गई है।
अपने सार्वजनिक जीवन की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि राजनीति में आने से पहले उन्होंने करीब साढ़े चौदह वर्ष तक अधिवक्ता के रूप में कार्य किया। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी संगठन में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाईं और फिर विधायक के रूप में जनता की सेवा करने का अवसर मिला।
छत्तीसगढ़ राज्य गठन की प्रक्रिया को याद करते हुए कौशिक ने कहा कि बिलासपुर में उच्च न्यायालय की स्थापना के लिए जनप्रतिनिधियों ने दिल्ली जाकर केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी पक्ष रखा था। उन्होंने कहा कि राज्य के संतुलित विकास के लिए राजधानी रायपुर और उच्च न्यायालय बिलासपुर में स्थापित करने की मांग की गई थी, जिसे केंद्र सरकार ने स्वीकार किया।
उन्होंने कहा कि जब उन्होंने बिल्हा विधानसभा का प्रतिनिधित्व संभाला था, तब क्षेत्र में सड़क और आधारभूत सुविधाओं की स्थिति काफी कमजोर थी। लगातार प्रयासों से अनेक सड़क परियोजनाएं शुरू हुईं, विद्युत उपकेंद्र स्थापित किए गए, नए विद्यालय और महाविद्यालय खुले तथा अन्य विकास कार्यों को गति मिली। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में 132 केवी, 220 केवी और 400 केवी क्षमता के विद्युत उपकेंद्रों की स्थापना से बिजली व्यवस्था पहले की तुलना में काफी मजबूत हुई है।
कौशिक ने कहा कि बिल्हा क्षेत्र में स्थित हवाई अड्डा, बिलासपुर उच्च न्यायालय, अंतरराज्यीय बस टर्मिनल तथा सिरगिट्टी, तिफरा, सिलपहरी और दगौरी के औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार से रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा सरकार आगे भी जनहित और विकास के कार्यों को इसी गति से आगे बढ़ाती रहेगी।
कार्यक्रम शुरू होने से पहले बिलासपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष अजीत मिश्रा ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक धरमलाल कौशिक का पुष्पगुच्छ, शॉल और श्रीफल भेंटकर सम्मान किया। “हमर पहुना” कार्यक्रम में पत्रकारों ने उनसे संगठन, सरकार, विकास, मंत्रिमंडल और समकालीन राजनीतिक मुद्दों पर कई सवाल किए, जिनका उन्होंने विस्तार से जवाब दिया।

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