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VSK ऐप की तकनीकी खामियों के बीच वेतन कटौती के आदेश पर शिक्षकों का विरोध, टीचर्स एसोसिएशन ने उठाए सवाल

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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ऑफलाइन उपस्थिति रजिस्टर के सत्यापन की मांग, कहा- तकनीकी त्रुटियां दूर किए बिना वेतन काटना अनुचित; बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू करने की मांग

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा वीएसके (VSK) ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर वेतन आहरण और कम उपस्थिति पर वेतन कटौती के निर्देश का कड़ा विरोध किया है। एसोसिएशन का कहना है कि प्रदेशभर में वीएसके ऐप तकनीकी समस्याओं से जूझ रहा है, ऐसे में केवल ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर शिक्षकों का वेतन काटना न्यायसंगत नहीं है।

एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि वर्तमान में वीएसके ऐप में लोकेशन, दूरी और नेटवर्क संबंधी तकनीकी समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं। कई स्थानों पर शिक्षक समय से पहले विद्यालय पहुंचने के बावजूद ऐप में समय पर उपस्थिति दर्ज नहीं कर पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में तकनीकी त्रुटियों को दूर किए बिना वेतन कटौती का आदेश पूरी तरह अनुचित है।

उन्होंने कहा कि स्कूलों में आज भी शिक्षक नियमित रूप से ऑफलाइन उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर कर अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या अब विद्यालयों में ऑफलाइन उपस्थिति पंजी की कोई वैधता नहीं रह गई है? उनका कहना है कि किसी भी कार्रवाई से पहले विद्यालयों के उपस्थिति पंजी का भौतिक सत्यापन किया जाना चाहिए।

संजय शर्मा ने बताया कि प्रदेश के अधिकांश शिक्षकों ने निजी डेटा की सुरक्षा संबंधी आशंकाओं के बावजूद अपने निजी मोबाइल में वीएसके ऐप इंस्टॉल किया है। इसके बावजूद शिक्षकों की लंबे समय से मांग है कि ऐप आधारित उपस्थिति के बजाय बायोमेट्रिक ऑनलाइन अटेंडेंस प्रणाली लागू की जाए, जिससे उपस्थिति दर्ज करने में पारदर्शिता और तकनीकी विश्वसनीयता बनी रहे।

प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान एवं वाजिद खान, प्रदेश उपाध्यक्ष देवनाथ साहू, प्रवीण श्रीवास्तव, शैलेंद्र यदु, मुकेश मुदलियार, डॉ. कोमल वैष्णव, प्रदेश सचिव मनोज सनाढ्य तथा प्रदेश कोषाध्यक्ष शैलेंद्र पारीक ने संयुक्त बयान में कहा कि शिक्षक बायोमेट्रिक ऑनलाइन उपस्थिति का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन वीएसके ऐप की तकनीकी खामियों के बावजूद उसकी अनुपस्थिति को आधार बनाकर वेतन काटने का दबाव बनाना उचित नहीं है।

एसोसिएशन का कहना है कि आज भी प्रदेश के सैकड़ों स्कूल ऐसे हैं, जहां नेटवर्क की समस्या के कारण वीएसके ऐप सुचारु रूप से कार्य नहीं कर रहा है। जिन विद्यालयों में शासन ने बायोमेट्रिक मशीन के माध्यम से उपस्थिति की व्यवस्था की है, उसी प्रकार की व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू की जा सकती है।

एसोसिएशन ने यह भी कहा कि संस्था प्रमुखों के पास शिक्षकों की नियमित उपस्थिति का ऑफलाइन रिकॉर्ड उपलब्ध रहता है। जब उपस्थिति पंजी में शिक्षक समय पर उपस्थित दर्ज हैं और दूसरी ओर ऐप तकनीकी कारणों से उपस्थिति नहीं दिखा रहा है, तो ऐसी विरोधाभासी स्थिति में किसी शिक्षक का वेतन रोकना या काटना उचित नहीं माना जा सकता।

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने शासन से मांग की है कि स्कूलों में शिक्षक उपस्थिति पंजी का भौतिक सत्यापन कराया जाए, पूरे प्रदेश में बायोमेट्रिक मशीन से उपस्थिति की व्यवस्था लागू की जाए तथा वीएसके ऐप में तकनीकी त्रुटियां दूर होने तक उसकी अनुपस्थिति के आधार पर वेतन कटौती संबंधी आदेश पर पुनर्विचार किया जाए।

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