पीएम ई-बस सेवा के तहत मिली 50 बसों की स्वीकृति, ई-मेल और नगर निगम कार्यालय के माध्यम से लिए जा रहे सुझाव; जरूरत के अनुसार तैयार होगा रूट प्लान
बिलासपुर। बिलासपुर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में बड़ी पहल शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत शहर को 50 एयर कंडीशंड (एसी) ई-बसों की स्वीकृति मिलने के बाद अब इनके संचालन के लिए रूट तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। खास बात यह है कि इस बार बसों के रूट निर्धारण में आम नागरिकों, छात्रों और कर्मचारियों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है। इसी उद्देश्य से बिलासपुर जिला अर्बन पब्लिक सर्विस सोसायटी ने सुझाव आमंत्रित किए हैं।
सोसायटी के अनुसार इच्छुक नागरिक अपने सुझाव bdupssbilaspur@gmail.com ई-मेल आईडी पर भेज सकते हैं। इसके अलावा नगर निगम कार्यालय स्थित विकास भवन के कक्ष क्रमांक-42 में पहुंचकर भी लिखित रूप से अपने सुझाव जमा किए जा सकते हैं। प्राप्त सुझावों और तकनीकी अध्ययन के आधार पर शहर में ई-बसों के संचालन के लिए अंतिम रूट चार्ट तैयार किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा देशभर में स्वच्छ, आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री ई-बस सेवा शुरू की गई है। इसी योजना के तहत बिलासपुर जिले को 50 एसी ई-बसों की स्वीकृति मिली है, जिनके जल्द संचालन की तैयारी चल रही है।
अर्बन पब्लिक सर्विस सोसायटी ने बताया कि बसों के संचालन का उद्देश्य अधिकतम यात्रियों को सुविधा उपलब्ध कराना है। इसी कारण ऐसे विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी प्रतिदिन आते-जाते हैं। इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों, आसपास के गांवों से रोजाना आने वाले श्रमिकों तथा शहर के प्रमुख व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स में कार्यरत कर्मचारियों की दैनिक आवाजाही को ध्यान में रखकर भी संभावित रूट तैयार किए जा रहे हैं।
ई-बसों का संचालन बिलासपुर जिला अर्बन पब्लिक सर्विस सोसायटी द्वारा किया जाएगा। रूट निर्धारण के लिए प्राप्त सुझावों का परीक्षण कर उन्हें प्रस्तावित योजना में शामिल किया जाएगा, जिससे शहर और आसपास के क्षेत्रों में यात्रियों की जरूरतों के अनुरूप बेहतर और व्यवस्थित सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराया जा सके।



