बिलासपुर ।
देश की शिक्षा व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार, लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों और दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस गुरुवार 23 जुलाई को बिलासपुर में बड़ा धरना-प्रदर्शन करेगी। कांग्रेस ने इसे छात्र हित और लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई बताते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आयोजित इस एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी तिफरा (सिरगिट्टी-परसदा) करेगी। कार्यक्रम का आयोजन दोपहर 12 बजे से एचडीएफसी बैंक के बाजू, बछेरा तालाब के पास, फल-सब्जी मंडी चौक, तिफरा में होगा।
कांग्रेस का आरोप— पेपर लीक माफिया ने शिक्षा व्यवस्था को खोखला कर दिया
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था भ्रष्टाचार और पेपर लीक माफिया की गिरफ्त में है, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है। पार्टी का कहना है कि परीक्षा प्रणाली की लगातार विफलता ने युवाओं का भरोसा तोड़ा है, लेकिन केंद्र सरकार जवाबदेही तय करने के बजाय छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
‘शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर लाठीचार्ज लोकतंत्र पर हमला’
कांग्रेस ने नई दिल्ली में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए कथित लाठीचार्ज और दमनात्मक कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। पार्टी का आरोप है कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
धरने में उठेंगी तीन बड़ी मांगें
धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस केंद्र सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखेगी—
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा।
परीक्षा में हुई अनियमितताओं और व्यवस्थागत विफलताओं पर संसद में तत्काल चर्चा।
नई दिल्ली में छात्र आंदोलनों के दौरान छात्रों एवं शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी आपराधिक प्रकरणों को तत्काल वापस लिया जाए।
संगठन के सभी मोर्चों को जुटने का आह्वान
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी तिफरा के अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ साहू ने प्रदेश, जिला, ब्लॉक, मंडल, वार्ड और बूथ स्तर के पदाधिकारियों, पार्षदों, पार्षद प्रत्याशियों, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, सेवा दल, एनएसयूआई, एससी-एसटी-ओबीसी विभाग सहित कांग्रेस के सभी अनुषांगिक संगठनों, कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों से बड़ी संख्या में धरने में शामिल होने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल कांग्रेस का राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के छात्रों के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का संघर्ष है।



