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बिलासपुर की सियासत में बड़ा सियासी वार: “जनता की आवाज़ दबाने वाले विधायक इस्तीफा दें”, कांग्रेस ने अमर अग्रवाल को घेरा

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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00 पूर्व विधायक शैलेश पांडे, पूर्व जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी और शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सिधांशु मिश्रा ने प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता को किया संबोधित



बिलासपुर। विधानसभा में बिलासपुर की आवाज़ दबाने, शिक्षा व्यवस्था में कथित लापरवाही और बाढ़ पीड़ितों की अनदेखी को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को बिलासपुर प्रेस क्लब में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। पूर्व विधायक शैलेश पांडेय, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी और युवा कांग्रेस नेता सिधांशु मिश्रा ने तीन बड़े मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए कहा कि बिलासपुर के साथ लगातार राजनीतिक और प्रशासनिक उपेक्षा की जा रही है।


“आठ सत्र बीत गए, लेकिन बिलासपुर की आवाज़ सदन में नहीं गूंजी”
पूर्व विधायक शैलेश पांडेय ने बिलासपुर विधायक एवं पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि विधानसभा के आठ सत्र पूरे हो चुके हैं, लेकिन उन्होंने बिलासपुर की किसी भी गंभीर समस्या को सदन में प्रभावी ढंग से नहीं उठाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री बनने की राजनीतिक महत्वाकांक्षा के कारण विधायक सरकार से सवाल पूछने से बच रहे हैं। उनका कहना था कि जनता ने उन्हें सरकार की हां में हां मिलाने के लिए नहीं, बल्कि जनता की आवाज़ उठाने के लिए चुना है।
शहर की समस्याओं पर लंबी सूची गिनाई
शैलेश पांडेय ने कहा कि आज बिलासपुर जलभराव, जर्जर सड़कें, बढ़ते अपराध, ट्रैफिक अव्यवस्था, पेयजल संकट, कमजोर स्वास्थ्य व्यवस्था, युवाओं की बेरोजगारी, स्वामी आत्मानंद स्कूलों की स्थिति, कोनी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, अपोलो अस्पताल में गरीबों के इलाज, हवाई सेवा और अन्य बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है। इसके बावजूद विधानसभा में इन मुद्दों पर प्रभावी आवाज़ नहीं उठाई गई।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के दौरान विधायक रहते हुए उन्होंने अपनी ही सरकार से बिलासपुर के हित में 392 सवाल पूछे थे और कभी जनता के हितों से समझौता नहीं किया।
उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अमर अग्रवाल से इस्तीफा देने की मांग भी की।


“सेंट्रल यूनिवर्सिटी पर्चा लीक की जिम्मेदारी तय हो”
पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी बिलासपुर में सामने आए कथित पर्चा लीक मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यदि उच्च शिक्षण संस्थानों की परीक्षाएं भी सुरक्षित नहीं हैं तो यह शिक्षा व्यवस्था की बड़ी विफलता है।
उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की नैतिक जिम्मेदारी तय करने की मांग करते हुए कहा कि करोड़ों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
“बाढ़ पीड़ितों को राहत नहीं, केवल दावे किए जा रहे”
युवा कांग्रेस नेता सिधांशु मिश्रा ने कहा कि बिलासपुर और आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनेक परिवार आज भी राहत और मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राहत कार्यों के दावे तो कर रही है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर पीड़ितों तक सहायता नहीं पहुंच रही।
उन्होंने कहा कि एक तरफ बाढ़ पीड़ित परेशान हैं, दूसरी तरफ पर्चा लीक जैसी घटनाओं ने छात्रों का भविष्य संकट में डाल दिया है। यह सरकार की प्रशासनिक विफलता का प्रमाण है।
कांग्रेस का ऐलान— संघर्ष तेज होगा
प्रेस वार्ता के अंत में तीनों नेताओं ने कहा कि कांग्रेस जनता के मुद्दों को दबने नहीं देगी। बिलासपुर की समस्याओं, शिक्षा व्यवस्था और बाढ़ राहत जैसे मुद्दों पर पार्टी सड़क से लेकर विधानसभा तक संघर्ष जारी रखेगी।

पिछले ढाई सालों में “0” रहे अमर के सवाल

बिलासपुर की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। बुधवार को बिलासपुर प्रेस क्लब में कांग्रेस ने बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल पर सीधा हमला बोलते हुए सवाल उठाया है कि आखिर विधानसभा में बिलासपुर की आवाज़ क्यों खामोश है? बिलासपुर प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में पूर्व विधायक शैलेष पांडेय, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा और पूर्व जिला अध्यक्ष विजय केशरवानी, नेता-प्रतिपक्ष भरत कश्यप, उप-नेता प्रतिपक्ष रामा बघेल ने भाजपा सरकार और विधायक अमर अग्रवाल को जनहित के मुद्दों पर कठघरे में खड़ा कर दिया। प्रेसवार्ता में तीखा प्रहार करते हुए कांग्रेस ने अमर अग्रवाल को घेरते हुए बोला कि विधानसभा में बिलासपुर की जनता के मुद्दे प्रभावी ढंग से नहीं उठा पा रहे हैं और जनसमस्याओं के समाधान में असफल रहे हैं, तो उन्हें नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए तत्काल विधायक पद से इस्तीफा दे देना चाहिए और जनता से नया जनादेश लेना चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ बनने के बाद करीब 23 वर्षों तक बिलासपुर का नेतृत्व अमर अग्रवाल के हाथों में रहा, वे लंबे समय 15 सालों तक मंत्री भी रहे, लेकिन आज भी शहर जलभराव, बदहाल सड़कें, पेयजल संकट, बिजली कटौती, अपराध, नशाखोरी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है। उनका कहना था कि इतने लंबे कार्यकाल के बावजूद यदि शहर की यह स्थिति है तो इसकी जवाबदेही कौन लेगा?

पूर्व विधायक शैलेष पांडेय ने विधानसभा के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए दावा किया कि वर्तमान विधायक अमर अग्रवाल ने अपने कार्यकाल में एक भी प्रश्न नहीं पूछा, विधानसभा के पिछले ढाई सालों के रिकार्ड में प्रश्न “0” ज़ीरो दर्ज है। जबकि पूर्व विधायक शैलेष पांडेय ने अपने कार्यकाल में 392 प्रश्न उठाकर बिलासपुर की समस्याओं को सदन में रखा। नेताओं ने पूछा, “जब दूसरे विधायक अपने क्षेत्र की लड़ाई विधानसभा में लड़ रहे हैं, तब बिलासपुर की आवाज़ आखिर क्यों दबा दी गई?”

स्मार्ट सिटी परियोजना को लेकर भी कांग्रेस ने तीखा हमला बोला। कांग्रेस शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा का आरोप था कि करीब 1100 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद पहली ही बारिश में पूरा शहर पानी में डूब गया। लोगों के घरों में पानी घुसा, जरूरी दस्तावेज, छात्रों के मार्कशीट और घरेलू सामान बर्बाद हो गए, लेकिन सरकार सिर्फ 6 हजार रुपये की सहायता देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान रही है। कांग्रेस ने इसे जनता के साथ अन्याय बताते हुए वास्तविक नुकसान का सर्वे और उचित मुआवजे की मांग की। वहीं जलभराव के दौरान उनके कार्यकर्ता राहत सामग्री और भोजन लेकर प्रभावित इलाकों में पहुंचे, जबकि स्थानीय विधायक संकट के समय जनता के बीच दिखाई नहीं दिए और सोशल मीडिया में नज़र बनाएँ रखने की बात कही। स्मार्ट सिटी के तहत जतिया तालाब सहित विभिन्न विकास कार्यों में भ्रष्टाचार और अनियमितता के आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने स्वतंत्र जांच की मांग की। नेताओं ने कहा कि जनप्रतिनिधि का काम सिर्फ चुनाव जीतना नहीं, बल्कि जनता की आवाज़ बनकर हर मुद्दे को विधानसभा तक पहुंचाना है। लेकिन स्थानीय विधायक अमर अग्रवाल जनता की समस्या को सुनने उनके बीच जाने के बजाए अपने घर में ही समस्या सुनते है।

पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी ने प्रेस वार्ता में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की बदहाल व्यवस्था, रेलवे ट्रेनों की निरस्ती, बिलासपुर से हवाई सेवाओं का अभाव, बढ़ी हुई बिजली दरें, निजी स्कूलों की मनमानी फीस, स्वामी आत्मानंद स्कूलों की व्यवस्था और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को भी सरकार की नाकामी बताया गया। वहीं केंद्रीय विश्वविद्यालय की एलएलबी परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले को उठाते हुए कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

कांग्रेस ने दो टूक कहा कि यह किसी व्यक्ति विशेष का विरोध नहीं, बल्कि बिलासपुर के हक, विकास और जनता के अधिकारों की लड़ाई है। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि जनता के मुद्दों की अनदेखी जारी रही तो कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष को और तेज करेगी।


यह है प्रमुख आरोप
अमर अग्रवाल पर विधानसभा में बिलासपुर की आवाज़ नहीं उठाने का आरोप।
मंत्री पद की महत्वाकांक्षा में जनता के मुद्दों की अनदेखी करने का दावा।
शैलेश पांडेय ने अपने कार्यकाल में 392 सवाल पूछने का उल्लेख किया।
सेंट्रल यूनिवर्सिटी के कथित पर्चा लीक मामले में जवाबदेही तय करने की मांग।
बाढ़ प्रभावित परिवारों को पर्याप्त राहत नहीं मिलने का आरोप।
कांग्रेस ने जनहित के मुद्दों पर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया।

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